• किसान आंदोलन पर बोले CM नीतीश- सरकार की नीतियां किसी के खिलाफ नहीं, किसानों से फिर हो बातचीत

अंकित सिंह Jul 20, 2021 15:32

नीतीश ने आगे कहा कि कुछ इलाकों में नए कृषि कानून को लेकर विरोध है। हालांकि, कोरोना के दौर में निरंतर आंदोलन करना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की कृषि नीति, किसी के खिलाफ नहीं है लेकिन कई इलाकों के लोगों के मन में इसको लेकर अलग-अलग भावना है तो फिर से बातचीत कर इसका समाधान निकाला जाना चाहिए।

केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान लगातार लगभग 8 महीने से प्रदर्शन कर रहे हैं। दिल्ली के अलग-अलग बॉर्डर पर किसान बैठे हुए हैं। वे लगातार कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। हालांकि सरकार की ओर से इस से साफ इनकार किया जा रहा है। सरकार यह कह रही है कि वह किसानों से बातचीत करने को तैयार है और सभी मुद्दों का हल बातचीत के सहारे हैं निकाला जाएगा। इन सबके बीच दिल्ली की सीमा पर लंबे समय से चल रहे किसान आंदोलन को लेकर पूछे गये सवाल का जवाब देते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि ये कुछ राज्यों की बात है। 

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नीतीश ने आगे कहा कि कुछ इलाकों में नए कृषि कानून को लेकर विरोध है। हालांकि, कोरोना के दौर में निरंतर आंदोलन करना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की कृषि नीति, किसी के खिलाफ नहीं है लेकिन कई इलाकों के लोगों के मन में इसको लेकर अलग-अलग भावना है तो फिर से बातचीत कर इसका समाधान निकाला जाना चाहिए। आपको बता दें कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम के दौरान 106 आवेदकों के मामलों की सुनवाई कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। पटना स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय परिसर में आयोजित ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम के दौरान नीतीश ने राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे 106 लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समाधान के लिए समुचित कार्रवाई के निर्देश दिए। 

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कार्यकम के दौरान सामान्य प्रशासन, ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य, पंचायती राज, ऊर्जा, पथ निर्माण, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, कृषि, गन्ना (उद्योग), सहकारिता, पशु एवं मत्स्य संसाधन, जल संसाधन, उद्योग, लघु जल संसाधन, नगर विकास एवं आवास, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण, परिवहन, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, योजना एवं विकास, पर्यटन, भवन निर्माण, सूचना एवं जन-सम्पर्क एवं वाणिज्यकर विभाग के मामलों पर सुनवाई हुई।