नमो के अभेद्य किले को भेदने के लिए PK की शरण में कांग्रेस? क्या लगा पाएंगे 27 साल से गोते खा रही नैया पार

नमो के अभेद्य किले को भेदने के लिए PK की शरण में कांग्रेस? क्या लगा पाएंगे 27 साल से गोते खा रही नैया पार

चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर कथित तौर पर इस साल के अंत में होने वाले गुजरात विधानसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी के अभियान की कमान संभाल सकते हैं।

पांच राज्यों में कांग्रेस की शर्मानाक पराजय आगामी विधानसभा चुनाव में संगठन को मजबूत करने में लग गई है। गुजरात में इस साल चुनाव होने हैं और पिछले 27 सालों से गुजरात बीजेपी का अमेद्य किला बना हुआ है। लेकिन अब पीएम मोदी के गृह राज्य में बीजेपी को सत्ता से हटाने के लिए कांग्रेस राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर का सहारा ले सकती है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर कथित तौर पर इस साल के अंत में होने वाले गुजरात विधानसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी के अभियान की कमान संभाल सकते हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राज्य के पार्टी के नेताओं ने प्रशांत किशरो की टीम को गुजरात चुनाव के कैंपेन में शामिल करने को लेकर राहुल गांधी संग मीटिंग की है। 

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लेकिन इस पर अभी तक कोई फैसला नहीं हो सका है। पिछले साल सितंबर में पार्टी को मजबूत करने में रणनीतिकार की व्यापक भूमिका की दिशा में कांग्रेस नेतृत्व और किशोर के बीच कई दौर की मुलाकातों के बाद बात बन नहीं पाई। कांग्रेस ने बाद में अपने चुनाव अभियानों को संभालने के लिए किशोर के एक पूर्व सहयोगी के साथ हस्ताक्षर किए, जबकि किशोर ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस और ममता के प्रमुख रणनीतिकार के रूप में नजर आए। प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रशांत किशोर से आलाकमान की शुरुआती वार्ता विफल होने के बाद फिर से बैक डोर से वार्ता चल रही है। मगर कांग्रेस ने आधिकारिक रूप से इस पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। 

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सूत्रों ने बताया कि किशोर से शुरुआती वार्ता इसलिए विफल हो गई क्योंकि वो टिकट वितरण में एक प्रमुख भूमिका चाहते थे। कांग्रेस नेताओं ने इस शर्त पर राजनीतिक सलाहकार के शामिल होने को रोक दिया था। ये एक बड़ी वजह है कि कांग्रेस बिना किसी शर्त पर पार्टी के हित में काम करने के लिए किशोर के ही करीबी सहयोगी का साथ लिया था। 





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