SIR प्रक्रिया पर Jairam Ramesh ने उठाए सवाल, वोटर लिस्ट से नाम हटाने को बताया असंवैधानिक

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए इसे तुरंत बंद करने का आग्रह किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एएसडीडी श्रेणी के नाम पर देश भर में करोड़ों वास्तविक मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से अनुचित तरीके से हटा दिए गए हैं। पार्टी ने चुनाव आयोग से इन सभी नामों को तत्काल सूची में फिर से शामिल करने की मांग की है।
कांग्रेस ने सोमवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया को ‘‘अवैध और असंवैधानिक’’ करार देते हुए इसे तत्काल रोकने की मांग की और कहा कि मतदाता सूचियों से गलत तरीके से हटाए गए सभी मतदाताओं के नाम शामिल किए जाने चाहिए। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर एक खबर का हवाला देते हुए दावा किया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान हटाए गए मतदाताओं में बड़ी संख्या ‘एएसडीडी’ (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लीकेट) श्रेणी की है और भाजपा तथा उसके ‘‘अनौपचारिक प्रवक्ता’’ इसे मतदाता सूचियों की ‘सफाई’ बताकर इस प्रक्रिया का बचाव कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में नागरिक अधिकार संगठनों द्वारा किए गए एक सार्वजनिक ऑडिट में ‘एएसडीडी’ के नाम पर मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए जाने के मामले सामने आए हैं।
कांग्रेस नेता के मुताबिक, महज दो मतदान केंद्रों पर कम से कम 100 ऐसे मतदाता मिले, जिनके नाम ‘एएसडीडी’ श्रेणी में गलत तरीके से हटा दिए गए और इनमें से ज्यादातर को ‘स्थानांतरित’ या ‘अनुपस्थित’ बताया गया था। रमेश ने दावा किया कि देश भर में केवल ‘स्थानांतरित’ और ‘अनुपस्थित’ श्रेणियों में नौ करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने सवाल किया कि इनमें से कितने वास्तविक मतदाता हैं जिन्हें मतदान के अधिकार से वंचित किया जा रहा है?
उन्होंने निर्वाचन आयोग की ओर से कथित तौर पर आयोजित किए जा रहे ‘‘विशेष शिविरों’’ और घर-घर जाकर सत्यापन किए जाने पर भी सवाल उठाया। रमेश ने दावा किया कि गलत तरीके से मतदाता सूची से हटाए गए कई लोगों को इन शिविरों की जानकारी नहीं है और न ही बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) ने उनसे संपर्क किया है। कांग्रेस महासचिव ने कहा कि एसआईआर से पैदा हुई कथित गड़बड़ियों को दूर करने की जिम्मेदारी नागरिक संगठनों की नहीं, बल्कि निर्वाचन आयोग की है।
उन्होंने कहा कि ‘‘अवैध और असंवैधानिक’’ एसआईआर प्रक्रिया को तत्काल रोका जाना चाहिए तथा मतदाता सूची से गलत तरीके से हटाए गए सभी मतदाताओं के नाम फिर से बहाल किए जाने चाहिए।
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