कांग्रेस की नीति ‘विरोध-अवरोध’ की, नहीं चाहती सरकार की किसानों से वार्ता सफल हो: भाजपा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 19, 2021   18:17
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कांग्रेस की नीति ‘विरोध-अवरोध’ की, नहीं चाहती सरकार की किसानों से वार्ता सफल हो: भाजपा

भाजपा ने मंगलवार को कांग्रेस पर ‘‘विरोध और अवरोध’’ की नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि तीन कृषि कानूनों को लेकर सरकार और किसान संगठनों के बीच जारी वार्ता को वह सफल होते नहीं देखना चाहती।

नयी दिल्ली। भाजपा ने मंगलवार को कांग्रेस पर ‘‘विरोध और अवरोध’’ की नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि तीन कृषि कानूनों को लेकर सरकार और किसान संगठनों के बीच जारी वार्ता को वह सफल होते नहीं देखना चाहती। पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा द्वारा उठाए गए सवालों को नजरअंदाज करने के लिए पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया और कहा कि कांग्रेस को खून शब्द से बहुत प्यार है इसलिए उसने ‘‘खेती का खून’’ नामक शीर्षक से पुस्तिका जारी की।

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ज्ञात हो कि राहुल गांधी ने आज ‘किसानों की पीड़ा’ पर ‘खेती का खून’ शीर्षक से एक पुस्तिका जारी की और इस अवसर पर संवाददाताओं को संबोधित करते हुए तीन केंद्रीय कृषि कानूनों को लेकर एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और दावा किया कि कृषि क्षेत्र पर तीन-चार पूंजीपतियों का एकाधिकार हो जाएगा जिसकी कीमत मध्यम वर्ग और युवाओं को चुकानी होगी। जावड़ेकर ने राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए कहा, ‘‘कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि चार-पांच परिवार आज देश पर हावी हैं। देश में राज किसी परिवार का नहीं है, 125 करोड़ जनता का देश पर राज है, ये फर्क अब हुआ है।

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50 साल कांग्रेस ने सरकार चलाई तो सिर्फ एक ही परिवार की सरकार चली, एक ही परिवार सत्ता में रहा।’’ उन्होंने कहा कि कल सरकार और किसान संगठनों के बीच 10वें दौर की वार्ता होने वाली है और उससे एक दिन पहले राहुल गांधी का रवैया कांग्रेस के ‘‘विरोध-अवरोध’’ की नीति को प्रदर्शित करता है। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस का ये खेल है। वह नहीं चाहती की किसानों की समस्या का समाधान हो। सरकार और किसानों की वार्ता सफल हो, ये कांग्रेस नहीं चाहती। इसलिए कांग्रेस विरोध-अवरोध की नीतियां अपनाती है।’’ उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार और किसानों के बीच जारी वार्ता सफल होगी। किसानों की स्थिति के लिए कांग्रेस की नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए जावड़ेकर ने कहा कि 50 साल सत्ता में रहते हुए उसने विनाशकारी राजनीति की जिसके चलते गरीब किसान हुआ और उसे उसकी उपज का उचित मूल्य तक नहीं मिला। उन्होंने कहा कि स्वामीनाथन आयोग ने 2006 में अपनी रिपोर्ट सौंपी थी लेकिन कांग्रेस ने कभी उसकी सिफारिशों को लागू नहीं किया। जावड़ेकर ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा खेती का खून नाम से पुस्तिका जारी करने पर कांग्रेस को खून शब्द से ‘‘बहुत प्यार’’ होने का आरोप लगाया और कहा कि पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने ‘‘खून की दलाली’’ जैसे शब्दों का बहुत बार इस्तेमाल भी किया है।

उन्होंने पूछा, ‘‘ये खेती का खून कह रहे हैं, लेकिन विभाजन के समय जो लाखों लोग मरें क्या वो खून का खेल नहीं था? 1984 में दिल्ली में 3 हजार सिखों को जिंदा जलाया गया, क्या वो खून का खेल नहीं था?भागलपुर में हजारों लोग मारे गए, क्या वह खून का खेल नहीं था? कांग्रेस के शासनकाल में किसानों ने आत्महत्या की,क्या वह खून नहीं था?’’ भाजपा अध्यक्ष नड्डा की ओर से उठाए गए सवालों का जवाब न देने के लिए भाजपा नेता ने राहुल गांधी को आड़े लिया। उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा देश की सबसे प्रमुख पार्टी है, उसके अध्यक्ष नड्डा जी ने सवाल क्या पूछे, राहुल गांधी भाग गए। अगर प्रश्नों का उत्तर नहीं पता तो अपनी असफलता कबूल करनी चाहिए।





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पीएनबी घोटाला मामला: ब्रिटिश कोर्ट ने नीरव मोदी के प्रत्यर्पण को दी मंजूरी, भारत लाया जाएगा

  •  अंकित सिंह
  •  फरवरी 25, 2021   16:35
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पीएनबी घोटाला मामला: ब्रिटिश कोर्ट ने नीरव मोदी के प्रत्यर्पण को दी मंजूरी, भारत लाया जाएगा

नीरव मोदी फिलहाल लंदन की एक जेल में बंद है। मजिस्ट्रेट की अदालत के फैसले को इसके बाद ब्रिटेन की गृह मंत्री प्रीति पटेल के पास हस्ताक्षर के लिये भेजा जाएगा।

लंदन। पंजाब नेशनल बैंक से करीब दो अरब डॉलर की धोखाधड़ी के मामले में वांछित हीरा कारोबारी नीरव मोदी के प्रत्यर्पण पर लंदन की एक अदालत ने अपना फैसला सुनाया। आज की सुनवाई में ब्रिटेन प्रत्यर्पण न्यायाधीश ने नीरव मोदी को मुकदमा चलाने के लिए भारत को प्रत्यर्पित करने का आदेश दिया। नीरव मोदी फिलहाल लंदन की एक जेल में बंद है। मजिस्ट्रेट की अदालत के फैसले को इसके बाद ब्रिटेन की गृह मंत्री प्रीति पटेल के पास हस्ताक्षर के लिये भेजा जाएगा।

नीरव मोदी को प्रत्यर्पण वारंट पर 19 मार्च 2019 को गिरफ्तार किया गया था और प्रत्यर्पण मामले के सिलसिले में हुई कई सुनवाइयों के दौरान वह वॉन्ड्सवर्थ जेल से वीडियो लिंक के जरिये शामिल हुआ था। जमानत को लेकर उसके कई प्रयास मजिस्ट्रेट अदालत और उच्च न्यायालय में खारिज हो चुके हैं क्योंकि उसके फरार होने का जोखिम है। उसे भारत में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दर्ज मामलों के तहत आपराधिक कार्यवाही का सामना करना होगा। इसके अलावा कुछ अन्य मामले भी उसके खिलाफ भारत में दर्ज हैं।





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दिल्ली में प्रभावित होगी जलापूर्ति, बढ़ सकती है आम लोगों की परेशानी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 25, 2021   16:28
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दिल्ली में प्रभावित होगी जलापूर्ति, बढ़ सकती है आम लोगों की परेशानी

चड्ढा ने कहा कि दिल्ली सरकार इस मुद्दे पर लगातार केंद्र सरकार के संपर्क में है और उम्मीद है कि यह आसन्न संकट टल जाएगा। दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने जल शक्ति मंत्रालय से इस मुद्दे पर चर्चा के लिये सभी पक्षकारों की बैठक बुलाने का भी अनुरोध किया है।

नयी दिल्ली। दिल्ली में करीब 25 प्रतिशत पानी की आपूर्ति करने वाली नंगल हाइडल नहर को मरम्मत के लिये एक महीने तक बंद किया जा रहा है जिससे राष्ट्रीय राजधानी को अभूतपूर्व जल संकत और कानून-व्यवस्था की स्थिति का भी सामना करना पड़ सकता है। दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा ने बृहस्पतिवार को यह बात कही। चड्ढा ने कहा कि मरम्मत कार्य को स्थगित करने के लिये केंद्र सरकार को एक पत्र लिखा गया है।

उन्होंने कहा, “नहर को अचानक बंद करने से ब्यास नदी से दिल्ली को प्रतिदिन होने वाली 23.2 करोड़ गैलन (एमजीडी) पानी की आपूर्ति मार्च-अप्रैल में प्रभावित होगी। यह दिल्ली में आपूर्ति होने वाले कुल पानी का 25 प्रतिशत है और इससे अभूतपूर्व जल संकट और कानून-व्यवस्था की स्थिति बन सकती है।” चड्ढा ने कहा कि दिल्ली सरकार इस मुद्दे पर लगातार केंद्र सरकार के संपर्क में है और उम्मीद है कि यह आसन्न संकट टल जाएगा। दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने जल शक्ति मंत्रालय से इस मुद्दे पर चर्चा के लिये सभी पक्षकारों की बैठक बुलाने का भी अनुरोध किया है।





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डॉ अशोक तंवर ने लॉन्च किया अपना भारत मोर्चा, बोले- मौन आवाम की बनेगा आवाज

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 25, 2021   16:24
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डॉ अशोक तंवर ने लॉन्च किया अपना भारत मोर्चा, बोले- मौन आवाम की बनेगा आवाज

डाॅ तंवर ने कहा कि अफसोस की बात है कि हमारा देश एक निराशा के माहौल में फंसा हुआ है। युवाओं को और उनकी आकांक्षाओं को आपराधिक तरीके से अनदेखा किया जा रहा है।

जींद। (प्रेस विज्ञप्ति) आज भारत अव्यवस्था, भ्रम और अभूतपूर्व सामाजिक-राजनीतिक एवं पहचान संकट के चैराहे पर खड़ा है। ऐसे में, आज अपना भारत मोर्चा (एबीएम) के लांच के साथ एक ऐसे भारत के निर्माण की शुरुआत हो रही है जो लोचदार है और सभी पहलुओं पर समावेशी है, यहां गुरुवार को डॉ अशोक तंवर ने कहा। 

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सिरसा, हरियाणा के पूर्व सांसद डॉ तंवर ने कहा, “अपना भारत मोर्चा मूल्यों पर आधारित एक पहल है और इसके तीन स्तंभ हैं- संवाद, बहस और चर्चा। यह मोर्चा न केवल अनेकता में एकता के भारतीय मूल्यों को बल देगा बल्कि हमारे देश को आशाओं और पूर्तियों की धरती बनाने की दिशा में एक आधारशिला के तौर पर काम भी करेगा।“

गुरुवार को काॅन्स्टीट्यूशन क्लब में अपना भारत मोर्चा का लांच कार्यक्रम हुआ। बड़ी तादाद में युवाओं और समान सोच रखने वाले अन्य लीडरों ने इस कार्यक्रम में शिरकत की जिनमें त्रिपुरा पीसीसी के पूर्व अध्यक्ष किरीट प्रद्योत देब बर्मन भी शामिल थे। यह लांच कार्यक्रम सोशल मीडिया प्लैटफाॅम्र्स के जरिए लाइव स्ट्रीम किया गया। हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, राजस्थान, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार, गुजरात और ओडिशा से बड़ी संख्या में इस लांच कार्यक्रम में ऑनलाइन शामिल हुए। 

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अपना भारत मोर्चा के लांच की जरूरत पर प्रकाश डालते हुए डाॅ तंवर ने कहा कि अफसोस की बात है कि हमारा देश एक निराशा के माहौल में फंसा हुआ है। युवाओं को और उनकी आकांक्षाओं को आपराधिक तरीके से अनदेखा किया जा रहा है। सकारात्मक ऊर्जाओं को संगठित व स्पष्ट करने के लिए एक मंच की आवश्यकता थी ताकि युवाओं की आकांक्षाओं की वृद्धि एवं पूर्ति हो सके; क्योंकि युवा पीढ़ी ही राष्ट्र की रीढ़ है।’’

डाॅ तंवर ने कहा कि अपना भारत मोर्चा सकारात्मक बदलावों के एक प्रतिनिधि के तौर पर काम करेगा और मौन आवाम की आवाज़ बनेगा। यह एक गतिशील, मूल्य-आधारित मंच होगा, यह विविध स्वरों और दृष्टिकोणों को एकजुट करेगा, जिन्हें मुख्यधारा के राजनीतिक दलों द्वारा अनदेखा किया जा रहा है। यह मोर्चा वर्तमान नेतृत्व की उदासीनता और विचारधाराओं के उत्पीड़न के खिलाफ एक आंदोलन है। 

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पूर्व सांसद डाॅ अशोक तंवर ने यह भी कहा, ’’हम देश के समग्र एवं समावेशी विकास पर ध्यान केन्द्रित करेंगे। हमारा नारा है ’नई सोच, नई दिशा, और नई राजनीति’। मेरा दृढ़ विश्वास है कि भारत सिर्फ अपनी मिश्रित संस्कृति को अपना कर ही दूसरे देशों के लिए उदाहरण बन सकता है। हम देशभक्ति में यकीन करते हैं लेकिन संकीर्ण राष्ट्रवाद में नहीं, जो हमारे अपने ही लोगों को जाति, धर्म व प्रदेश के आधार पर विभाजित करे।’’

डाॅ तंवर ने कहा कि अपने संकल्प को दोहराते और अपना भारत मोर्चा के विज़न डाॅक्यूमेंट का विमोचन करते हुए डाॅ तंवर ने कहा कि यह प्रगतिशील, जनतांत्रिक, उदार और तार्किक स्वरों का मंच है। ’’हम कैपिटल में विश्वास करते हैं क्रोनी कैपिटलिज़्म में नहीं। हम अवसरों में यकीन करते हैं, अवसरवादिता में नहीं। हम किसी जाति के खिलाफ नहीं, जातिवाद के खिलाफ हैं। हम आत्म सम्मान एवं मर्यादा की राजनीति में विश्वास रखते हैं। राजनीति में नकारातमक तात्पर्य नहीं होने चाहिए। अपना भारत मोर्चा सभी स्टेकहोल्डरों के लिए सही मायनों में मूल्य आधारित मोर्चा होने जा रहा है, जो एक समावेशी भारत के निर्माण की कामना करते हैं और उसके लिए प्रतिबद्ध हैं।





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