मानसून सत्र में सरकार को घेरने की तैयारी में कांग्रेस, पेपर लीक और राम मंदिर से जुड़े मुद्दों पर मांगेगी जवाब

कांग्रेस ने आगामी मानसून सत्र के लिए अपनी संसदीय रणनीति तैयार कर ली है। पार्टी शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक, राम मंदिर के चढ़ावे और एथनॉल जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर मोदी सरकार से जवाब मांगेगी।
आगामी मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस पार्टी विभिन्न मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरने की तैयारी कर रही है। गुरुवार को कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास 10 जनपथ पर हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में पार्टी की रणनीति को अंतिम रूप दिया गया। इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, संगठन महासचिव के. सी. वेणुगोपाल और राज्यसभा में मुख्य सचेतक जयराम रमेश सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
बैठक के बाद मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया पर बताया कि पार्टी मानसून सत्र में पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में गिरावट, संस्थानों पर कब्जे और भ्रष्टाचार के आरोपों पर सरकार से जवाब मांगेगी। इसके अलावा कांग्रेस ने राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी और 3.5 करोड़ वाहन मालिकों पर एथनॉल मिश्रण थोपने जैसे विषयों को भी प्राथमिकता देने का फैसला किया है। कांग्रेस का कहना है कि इन मुद्दों के जरिए वह जनता के जीवन और भविष्य से जुड़े सवालों को सदन में उठाएगी।
पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वह संसद में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए पुरजोर तरीके से आवाज उठाएगी। साथ ही, कमरतोड़ महंगाई, विदेश नीति की विफलताओं, रणनीतिक भूलों और वनों की कटाई जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में विपक्षी दलों के साथ समन्वय और सदन के भीतर सरकार को घेरने की विशेष योजना पर भी विचार-विमर्श किया गया।
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलने की संभावना है। सत्र की शुरुआत से पहले विपक्षी गठबंधन इंडिया की सोमवार को एक बैठक प्रस्तावित है, जबकि केंद्र सरकार ने रविवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। कांग्रेस का लक्ष्य इन सभी ज्वलंत मुद्दों के जरिए सरकार की जवाबदेही तय करना और जनहित के विषयों पर अपनी आवाज बुलंद करना है।
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