त्योहारी सीजन में इलेक्ट्रॉनिक सामान महंगे होने पर Congress का केंद्र पर हमला

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोमवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि त्योहारी सीजन से पहले जनता की जेब पर लगातार बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सब्जियां और उपभोक्ता उत्पाद महंगे हो रहे हैं लेकिन सरकार कोई राहत नहीं दे रही है।
कांग्रेस ने त्योहारी सीजन से पहले देश में एयर कंडीशनर (एसी), एलईडी टीवी, वॉशिंग मशीन और अन्य उपभोक्ता वस्तुओं के महंगे होने की खबरों को लेकर सोमवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और सवाल किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने मन की बात कार्यक्रम में देश के सबसे जरूरी मुद्दे -महंगाई पर कब बोलेंगे और जनता की चिंता कब करेंगे। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘त्यौहार सीजन में जनता की जेब पर डाका डालने का सिलसिला लगातार जारी है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘महंगाई की मार अब सिर्फ रसोई तक सीमित नहीं है, पर प्रधानमंत्री बेपरवाह होकर डफली बजा रहे हैं।’’ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘सब्जियां लगातार महंगी हो रही हैं, प्याज की महंगाई अगस्त में 48.27 प्रतिशत तक पहुंच गई। एयर कंडीशनर-टीवी-फ्रिज जैसे सामान महंगे होने की तैयारी में हैं।
घरेलू बचत लगातार घट रही है और परिवारों पर कर्ज बढ़ रहा है।’’ उन्होंने सवाल किया, ‘‘ऐसे में आम परिवार अपनी जरूरतें कैसे पूरी करे?’’ रमेश ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मन की बात’ धारावाहिक में अलग-अलग मुद्दों पर प्रवचन तो देते रहते हैं, लेकिन देश के सबसे जरूरी मुद्दे महंगाई पर कब बोलेंगे? जनता की चिंता कब करेंगे?’’ उन्होंने कहा, ‘‘जनता पहले से ही बढ़ती कीमतों से परेशान है और सरकार की तरफ से कोई राहत नहीं मिल रही।’’ कांग्रेस महासचिव ने सवाल किया, ‘‘आखिर आम परिवार अपने बजट को कैसे संभाले? आखिर कब तक मध्यम वर्ग और गरीबों की कमर तोड़ी जाएगी?’’ दरअसल, त्योहारी सीजन से पहले देश में एयर कंडीशनर (एसी), एलईडी टीवी, वॉशिंग मशीन और अन्य उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स सामान महंगे हो सकते हैं।
प्रमुख उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियां तांबा, इस्पात जैसे कच्चे माल की कीमतों में तेजी के मद्देनजर अपने उत्पादों के दाम पांच से आठ प्रतिशत तक बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं। कंपनियों के मुताबिक, तांबा, एल्युमिनियम, इस्पात, प्लास्टिक और कच्चे तेल से जुड़े उत्पादों की बढ़ती लागत के साथ-साथ माल ढुलाई खर्च और विदेशी मुद्रा में उतार-चढ़ाव के कारण कीमतें बढ़ाना जरूरी हो गया है। इस साल यह तीसरा मौका होगा जबकि उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियां दाम बढ़ाएंगी।
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