हिंदू आस्था पर अखिलेश यादव का विवादित बयान, बोले- कहीं पत्थर रख दो, एक लाल झंडा लगा दो बन गया मंदिर

Akhilesh Yadav
ANI
अंकित सिंह । May 19, 2022 10:11AM
ज्ञानवापी मामले से जुड़े एक बयान में अखिलेश यादव ने कहा कि हमारे हिंदू धर्म में यह है कि कहीं पर भी पत्थर रख दो, एक लाल झंडा रख दो, पीपल के पेड़ के नीचे तो मंदिर बन गया।

वाराणसी के ज्ञानवापी मंदिर मस्जिद मुद्दे को लेकर उत्तरप्रदेश की राजनीति लगातार गर्म होती जा रही है। भले ही भाजपा इस मुद्दे को लेकर अभी भी प्रखंड नहीं है लेकिन विपक्ष ज्ञानवापी मामले को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार पर हमलावर है। इन सब के बीच उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने हिंदू आस्था को लेकर विवादित बयान दे दिया है। दरअसल, ज्ञानवापी मामले से जुड़े एक बयान में अखिलेश यादव ने कहा कि हमारे हिंदू धर्म में यह है कि कहीं पर भी पत्थर रख दो, एक लाल झंडा रख दो, पीपल के पेड़ के नीचे तो मंदिर बन गया। 

इसे भी पढ़ें: ज्ञानवापी मुद्दे पर बोलीं कंगना रनौत, काशी के कण-कण में महादेव, उन्हें किसी संरचना की ज़रुरत नहीं

इसके साथ ही अखिलेश ने भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा चाहती है कि ज्ञानवापी के मामले में नौजवान उलझे रहें। उन्हें रोजगार के बारे में जवाब न देना पड़े। विकास के लिए शांति-सौहार्द की जरूरत होती है। यादव ने आरोप लगाया कि चूंकि भाजपा को विकास में कोई रुचि नहीं है इसलिए वह समाज में साम्प्रदायिकता का विषाक्त वातावरण पैदा करना चाहती है। चुनाव तक ऐसे मुद्दों को उठाने के लिए भाजपा के पास नफरत वाला कैलेंडर है। सपा प्रमुख ने कहा कि जिस समय हम और आप इस बहस को देख रहे थे तब पता नहीं देश की कौन सी चीज बिक रही थी। 

इसे भी पढ़ें: औरंगजेब के भाई आकर लेते थे संस्कृत का ज्ञान, क्यों कहा जाता है इसे ज्ञानवापी, क्या है कुएं का रहस्य?

वहीं इस मामले को लेकर मायावती ने कहा कि यह किसी से छिपा नहीं है कि भाजपा द्वारा धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया जा रहा है। इससे कभी भी हालात बिगड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि आजादी के इतने वर्षों के बाद ज्ञानवापी, मथुरा, ताजमहल व अन्य स्थलों के मामले में षडयंत्र के तहत लोगों की धार्मिक भावनाओं को भड़काया जा रहा है। बसपा सुप्रीमो ने आगे कहा कि इससे अपना देश मज़बूत नहीं होगा, BJP को इस पर ध्यान देने की जरूरत है।

नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

अन्य न्यूज़