मध्य प्रदेश में 12 प्रतिशत हुआ कोरोना का पॉजीटिविटी रेट, हर जिले में खुलेंगे कोविड केयर सेंटर

  •  दिनेश शुक्ल
  •  अप्रैल 7, 2021   18:24
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मध्य प्रदेश में 12 प्रतिशत हुआ कोरोना का पॉजीटिविटी रेट, हर जिले में खुलेंगे कोविड केयर सेंटर

प्रदेश में तेजी से फैल रहे कोरोना के संक्रमण रोकने के लिए सरकार ने 13 जिलों में रविवार के बाद अब शनिवार को भी लॉकडाउन की तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को एक बार फिर कहा कि हम लॉकडाउन के पक्ष में नहीं हैं

भोपाल। मध्य प्रदेश में कोरोना का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटे में रिकॉर्ड 4,043 पॉजिटिव केस मिले हैं। कोरोना संक्रमण की रफ्तार का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि पॉजिटिविटी रेट 12% पहुंच गई है। मौतों का आंकड़ा 4086 हो गया है। इसमें 6 अप्रैल की 13 मौतें भी शामिल हैं। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के बाद अब बड़वानी, उज्जैन और उमरिया में 100 से अधिक केस मिले हैं।

 

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प्रदेश में तेजी से फैल रहे कोरोना के संक्रमण रोकने के लिए सरकार ने 13 जिलों में रविवार के बाद अब शनिवार को भी लॉकडाउन की तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को एक बार फिर कहा कि हम लॉकडाउन के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन कुछ जिलों में ऐसी परिस्थितियां आती हैं, तो लॉकडाउन लगाना ही अंतिम विकल्प होगा। इसके लिए क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की सिफारिश से इस तरह के सख्त फैसले लिए जाएंगे। सरकार की सबसे बड़ी चिंता एक्टिव केस के ग्राफ को लेकर है। प्रदेश में एक्टिव केस 12 दिन में दो गुना हो गए हैं। 26 मार्च को प्रदेश में 12,995 एक्टिव केस थे, जो 6 अप्रैल को बढ़कर यह संख्या 26,059 हो गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक्टिव केस बढ़ने के कारण अस्पतालों में बेड की संख्या 24 से बढ़ाकर 36 हजार की जा रही है। जीवन शक्ति योजना के तहत स्व सहायता समूहों को 10 लाख मास्क बनाने का सरकार ने ऑर्डर दे दिया है।

 

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि हर जिले में एक-एक कोविड केयर सेंटर बनाने के निर्देश कलेक्टरों को दिए गए हैं, ताकि जिन मरीजों का परिवार बड़ा है और होम आइसोलेशन में दिक्कत है, तो उन्हें इन सेंटर में रखकर इलाज किया जा सके। मुख्यमंत्री ने बताया कि रेमडेसिविर के इंजेक्शन को लेकर कई जगह से शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार जल्दी ही एसओपी जारी करेगी, ताकि यह तय हो सके कि किस मरीज को यह इंजेक्शन लगाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि रेमडेसिविर इंजेक्शन की सरकारी स्तर पर खरीद की जाएगी, ताकि मध्यम वर्गीय व गरीब को निशुल्क उपलबध कराया जा सके।





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