कोरोना वारियर्स की मेरी लिस्ट में पत्रकारों का स्थान बेहद खास: डॉ हर्षवर्धन

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 27, 2020   17:53
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कोरोना वारियर्स की मेरी लिस्ट में पत्रकारों का स्थान बेहद खास: डॉ हर्षवर्धन

इस दौरान हमने अपने कई पत्रकारों को भी खोया है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दशकों में मैंने पत्रकारों से बहुत कुछ सीखा है। पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा और सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ है। इसलिए संकट के समय पत्रकार की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।

नई दिल्ली। ''कोरोना महामारी की रोकथाम में पत्रकारों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कोरोना वारियर्स की मेरी लिस्ट में पत्रकारों का स्थान बेहद खास है। मैं उनके जज्बे, जुनून और साहस को सलाम करता हूं।'' यह विचार केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने शुक्रवार को भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) के सत्रारंभ समारोह-2020 के अंतिम दिन व्यक्त किये। इस अवसर पर आईआईएमसी के महानिदेशक प्रो संजय द्विवेदी, अपर महानिदेशक के. सतीश नम्बूदिरिपाड सहित आईआईएमसी के सभी केंद्रों के संकाय सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित थे। 'कोरोना महामारी में स्वास्थ्य पत्रकारिता' विषय पर बोलते हुए डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि कोरोना के दौर में भी पत्रकारों ने लोगों के लिए ‘ग्राउंड जीरो’ से लगातार रिपोर्टिंग की है। इस दौरान हमने  अपने कई पत्रकारों को भी खोया है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दशकों में मैंने पत्रकारों से बहुत कुछ सीखा है। पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा और सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ है। इसलिए संकट के समय पत्रकार की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।

हर्षवर्धन ने कहा कि मैं भारतीय जन संचार संस्थान के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी से आग्रह करता हूं कि वे स्वास्थ्य पत्रकारिता पर एक कोर्स शुरू करें, जिससे स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर कम्युनिकेटर तैयार किये जा सकें। इसके अलावा मैं चाहता हूं कि आईआईएमसी विज्ञान के क्षेत्र में भी अच्छे पत्रकार एवं कम्युनिकेटर तैयार करने पर ध्यान दें। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भारत सरकार चाहती है कि वर्ष 2022 तक सभी बच्चों को अच्छी सेहत और अच्छा खानपान मिले। और इस अभियान में पत्रकारों का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि एक वक्त में हमने भारत को पोलियो मुक्त बनाने का सपना देखा था और इस सपने को साकार करने में मीडिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। मैं चाहता हूं कि इस महामारी के समय में भी पत्रकार नकारात्मक माहौल को सकारात्मक माहौल में बदलने में मदद करें।  डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि अगर आपने लॉकडाउन में अपने घरों में रहकर समय बिताया है, कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने और फैलने के लिए शारीरिक दूरी का पालन किया है, साफ-सफाई पर ध्यान दिया है और हमेशा अपने चेहरे को ढककर रखा है या मास्क पहना है, तो आपने भी कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने में अहम भूमिका निभाई है।

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इससे पहले कार्यक्रम के प्रथम सत्र में 'मीडिया ट्रायल : अच्छा या बुरा?' विषय पर बोलते हुए दूरदर्शन के महानिदेशक मयंक अग्रवाल ने कहा कि मीडिया ट्रायल इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी पत्रकारिता की दिशा क्या है और आप कैसी पत्रकारिता करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अगर पत्रकारिता के मूलभूत सिद्धांतों के साथ मीडिया ट्रायल होता है, तो ये अच्छा है। नेटवर्क 18 के मैनेजिंग एडिटर ब्रजेश सिंह ने कहा कि नानावटी केस भारत में मीडिया ट्रायल का सबसे पहला उदाहरण है। मीडिया ट्रायल सिर्फ सनसनी या टीआरपी के लिए नहीं होता, बल्कि कई बार मीडिया ट्रायल केस को एक नई दिशा भी देता है। एसोसिएटेड प्रेस टीवी की साउथ एशिया हेड विनीता दीपक ने कहा कि मीडिया ट्रायल के नाम पर मीडिया को कटघरे में खड़ा करना ठीक नहीं हैं। मीडिया अपना काम बखूबी जानता है और कर भी रहा है। समारोह के समापन सत्र में आईआईएमसी के पूर्व छात्रों ने नए विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। पूर्व विद्यार्थियों के इस सत्र में आज तक के न्यूज़ डायरेक्टर सुप्रिय प्रसाद, न्यूज़ नेशन के कंसल्टिंग एडिटर दीपक चौरसिया, हिन्दुस्तान टाइम्स के चीफ कंटेट ऑफिसर प्रसाद सान्याल एवं कौन बनेगा करोड़पति के इस सीज़न की पहली करोड़पति नाज़िया नसीम ने हिस्सा लिया।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


कर्नाटक में विभाग आवंटन को लेकर कुछ मंत्रियों में असंतोष, येदियुरप्पा बोले- इस तरह की नाराजगी सामान्य बात है

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 22, 2021   11:01
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कर्नाटक में विभाग आवंटन को लेकर कुछ मंत्रियों में असंतोष, येदियुरप्पा बोले- इस तरह की नाराजगी सामान्य बात है

वरिष्ठ मंत्री जे सी मधुस्वामी अपने गृह जिले तुमकुरु में मुख्यमंत्री के एक कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए, जो तीन प्रमुख विभाग वापस लिए जाने से नाराज हैं, जबकि एम टी बी नागराज ने खुले तौर पर कहा कि वह आबकारी विभाग नहीं लेना चाहते हैं।

बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने बृहस्पतिवार को सात नए मंत्रियों को विभाग आवंटित किए और कुछ अन्य मंत्रियों के विभागों में फेरबदल किया, जिसको लेकर उनके मंत्रिमंडल में असंतोष की आवाज उठने लगी है क्योंकि कुछ मंत्री उन्हें आवंटित विभागों से नाखुश हैं। हालांकि, येदियुरप्पा ने इस मुद्दे को ज्यादा तूल न देते हुए कहा कि जब भी विभाग बदले जाते हैं, तब इस तरह की नाराजगी सामान्य बात है और उन्होंने नाराज लोगों को मना लिया है। वरिष्ठ मंत्री जे सी मधुस्वामी अपने गृह जिले तुमकुरु में मुख्यमंत्री के एक कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए, जो तीन प्रमुख विभाग वापस लिए जाने से नाराज हैं, जबकि एम टी बी नागराज ने खुले तौर पर कहा कि वह आबकारी विभाग नहीं लेना चाहते हैं। 

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उल्लेखनीय है कि अपने मंत्रिमंडल के विस्तार के एक हफ्ते बाद, येदियुरप्पा ने बृहस्पतिवार को सात नए मंत्रियों को विभाग आवंटित किए और कुछ मंत्रियों के विभागों में फेरबदल भी किया। मधुस्वामी से कानून, संसदीय मामलों, विधायी मामले और लघु सिंचाई विभाग ले लिए गए और उन्हें चिकित्सा शिक्षा, कन्नड़ और संस्कृति विभाग आवंटित किए गए हैं। कांग्रेस-जद(एस) छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले नागराज, के गोपालैया, के सी नारायण गौड़ा सहित कई मंत्रियों ने स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर के आवास पर बैठक की और कहा कि वे मुख्यमंत्री से उनको आवंटित विभागों पर चर्चा करेंगे। इस बीच, येदियुरप्पा ने कहा कि सभी मंत्री संतुष्ट हैं और कोई नाराजगी नहीं है। उन्होंने कहा, मैंने उन्हें (नाराज मंत्रियों) फोन किया और उनसे बात की है, हर कोई संतुष्ट है ... मैंने व्यक्तिगत रूप से सभी से बात की है। उन्होंने कहा, मंत्रिमंडल विस्तार या विभाग आवंटन एक आसान काम नहीं है क्योंकि हर कोई संतुष्ट नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने उनसे अपनी जिम्मेदारियों को साझा किया है, वे काम करें, कुछ दिनों के बाद भी अगर उन्हें समस्याएं आती हैं, तो फिर बदलने पर विचार करें। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को मनाने के लिए गृह मंत्री बसवराज बोम्मई और राजस्व मंत्री आर अशोक को नियुक्ति किया है। अशोक ने कहा कि उन्होंने गोपालैया और नागराज से बात की है और जल्द ही चीजों को सुलझा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह और बोम्मई उन सभी से एक बार फिर बात करेंगे। उन्होंने कहा, हम सभी मुख्यमंत्री के साथ हैं और हर एक को उन पर भरोसा है। गौरतलब है कि एक लंबे इंतजार के बाद येदियुरप्पा ने 13 जनवरी को अपने 17 महीने पुराने मंत्रिमंडल का विस्तार किया और सात नए मंत्रियों को अपने मंत्रिमंडल में शामिल किया। नए मंत्रियों में उमेश कट्टी को खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले तथा एस अंगारा को मत्स्य, बंदरगाह और अंतर्देशीय परिवहन विभाग दिए गए हैं। 

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राज्यपाल की सहमति से जारी आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना के अनुसार, मुरुगेश निरानी खान और भूविज्ञान मंत्री होंगे तथा अरविंद लिंबावली को वन विभाग मिला है। अन्य मंत्रियों में, आर शंकर को नगर निकाय प्रशासन और रेशम उत्पादन विभाग मिला है जबकि एमटीबी नागराज आबकारी मंत्री और सी पी योगेश्वर लघु सिंचाई विभाग के मंत्री होंगे। येदियुरप्पा मंत्रिमंडल में मधुस्वामी एक प्रमुख मंत्री की हैसियत रखते हैं जो विधानसभा में सरकार का मजबूती से बचाव करते रहे हैं। गृह मंत्री बसवराज बोम्मई को कानून, संसदीय कार्य और विधायी विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। आनंद सिंह से वन विभाग वापस ले लिया गया है और उन्हें अब पर्यावरण तथा पारिस्थितिकी के अलावा पर्यटन विभाग दिया गया है, जबकि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री के. सुधाकर से चिकित्सा शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी वापस ले ली गई है। पहले खान और भूविज्ञान विभाग रखने वाले सी सी पाटिल को अब लघु उद्योग और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग का प्रभार दिया गया है।

मंत्री कोटा श्रीनिवास पुजारी को मत्स्य, बंदरगाह और अंतर्देशीय परिवहन विभाग की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है और अब उनके पासपिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग होगा। पशुपालन मंत्री प्रभु चौहान से हज और वक्फ विभाग वापस ले लिया गया है जबकि श्रम मंत्री ए शिवराम हेब्बार से चीनी विभाग ले लिया गया है। के. गोपालैया से खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग ले लिए गए हैं, जिन्हें अब बागवानी और चीनी विभागों का प्रभार दिया गया है। के सी नारायण गौड़ा को युवा अधिकारिता, खेल, हज और वक्फ विभाग दिए गए हैं, जबकि नगर निकाय प्रशासन, बागवानी और रेशम उत्पादन विभागों को उनसे वापस ले लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कार्मिक और प्रशासनिक सुधार विभाग (डीपीएआर), कैबिनेट मामलों, वित्त, बेंगलुरु विकास, ऊर्जा, खुफिया, योजना, कार्यक्रम निगरानी, सांख्यिकी, अवसंरचना विकास और बाकी बचे अन्य सभी विभागों को अपने पास रखा है। सूत्रों के मुताबिक, कुछ मंत्रियों में उनको आवंटित किए गए विभागों को लेकर नाराजगी है और इस संबंध में उनके मुख्यमंत्री से मुलाकात करने की संभावना है। राज्य मंत्रिमंडल में अब 33 मंत्री हो गए हैं, जिसकी कुल क्षमता 34 है।





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अन्नाद्रमुक से निष्कासित नेता शशिकला कोरोना वायरस से संक्रमित, हालत स्थिर

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 22, 2021   10:20
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अन्नाद्रमुक से निष्कासित नेता शशिकला कोरोना वायरस से संक्रमित, हालत स्थिर

अन्नाद्रमुक से निष्कासित नेता वी. के. शशिकला जेल की सजा काट रही हैं और बुखार तथा सांस लेने में तकलीफ की शिकायत होने पर उन्हें एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

बेंगलुरु। अन्नाद्रमुक से निष्कासित नेता वी. के. शशिकला की जांच में बृहस्पतिवार को कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई। एक आधिकारिक बुलेटिन में यह जानकारी दी गई। शशिकला जेल की सजा काट रही हैं और बुखार तथा सांस लेने में तकलीफ की शिकायत होने पर उन्हें यहां एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें बुधवार को बोरिंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था और अभी वह शहर के विक्टोरिया अस्पताल के कोविड-19 निर्दिष्ट केंद्र में भर्ती हैं। 

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अस्पताल के सूत्रों के अनुसार शशिकला की हालत स्थिर है। सूत्रों ने बताया कि उनमें कोविड-19 से संबंधित गंभीर श्वास की बीमारी के लक्षण दिख रहे थे लेकिन पिछली जांच में संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई थी। उन्होंने कहा कि संदेह की स्थिति में बृहस्पतिवार को पुनः जांच की गई जिसमें कोविड-19 की पुष्टि हुई है।





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मध्य प्रदेश में कोरोना के नए मामलों में कमी पूरे प्रदेश से सिर्फ 301 नये मामले, 06 लोगों की मौत

  •  दिनेश शुक्ल
  •  जनवरी 22, 2021   10:09
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मध्य प्रदेश में कोरोना के नए मामलों में कमी पूरे प्रदेश से सिर्फ 301 नये मामले, 06 लोगों की मौत

नये मामलों में इंदौर-50, भोपाल-64, जबलपुर-18, सागर-11, छिंदवाड़ा-13 के अलावा अन्य जिलों में 10 से कम मरीज मिले हैं। इनमें 06 जिले ऐसे भी हैं, जहां आज नये प्रकरण शून्य रहे।

भोपाल। मध्य प्रदेश में कोरोना के नये मामलों में लगातार कमी देखने को मिल रही है। यहां बीते 24 घंटों में कोरोना के 301 नये मामले सामने आए हैं, जबकि 06 लोगों की मौत हुई है। इसके बाद राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या दो लाख 52 हजार 767 और मृतकों की संख्या 3776 हो गई है। यह जानकारी स्वास्थ्य विभाग द्वारा गुरुवार देर शाम जारी कोरोना से संबंधित हेल्थ बुलेटिन में दी गई। नये मामलों में इंदौर-50, भोपाल-64, जबलपुर-18, सागर-11, छिंदवाड़ा-13 के अलावा अन्य जिलों में 10 से कम मरीज मिले हैं। इनमें 06 जिले ऐसे भी हैं, जहां आज नये प्रकरण शून्य रहे।

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बुलेटिन के अनुसार, आज प्रदेशभर में 24,779 सेम्पलों की जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई। इनमें 301 पॉजिटिव और 24,478 रिपोर्ट निगेटिव आईं, जबकि 103 सेम्पल रिजेक्ट हुए। पाजिटिव प्रकरणों का प्रतिशत 1.2 रहा। इसके बाद राज्य में संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 2,52,466 से बढ़कर 2,52,767 हो गई है। इनमें सबसे अधिक इंदौर में 57,185, भोपाल-41,831, ग्वालियर 16,329, जबलपुर 16,101, खरगौन 5362, सागर 5308, उज्जैन 4896, रतलाम-4640, रीवा-4070, धार-4051, होशंगाबाद 3798, शिवपुरी-3621, विदिशा-3581, नरसिंहपुर 3494, सतना-3440, बैतूल 3514, मुरैना 3229, बालाघाट-3132, नीमच 3009, शहडोल 2972, देवास-2909, बड़वानी 2874, मंदसौर 2813, छिंदवाड़ा 2813, सीहोर-2775, दमोह-2737, झाबुआ 2484, रायसेन-2449, राजगढ़-2387, खंडवा 2315, कटनी 2231, छतरपुर-2091, अनूपपुर 2086, हरदा 2111, सीधी 1997, सिंगरौली 1902, दतिया 1888, शाजापुर 1771, सिवनी 1566, गुना-1540, भिण्ड-1496, श्योपुर 1466, टीकमगढ़ 1297, अलीराजपुर 1287, उमरिया 1295, मंडला-1216, अशोकनगर-1128, पन्ना 1113, डिंडौरी 976, बुरहानपुर 863, निवाड़ी 676 और आगरमालवा 652 मरीज शामिल हैं।

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राज्य में आज कोरोना से 06 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में इंदौर में दो और भोपाल, ग्वालियर, खरगौन व दमोह के एक-एक मरीज शामिल हैं। इसके बाद राज्य में कोरोना से मरने वालों की संख्या 3770 से बढ़कर 3776 हो गई है। मृतकों में सबसे अधिक इंदौर के 923, भोपाल 601, ग्वालियर-220, जबलपुर-250, खरगौन-103, सागर-149, उज्जैन 104, रतलाम-80, धार-58, रीवा-35, होशंगाबाद-61, शिवपुरी-30, विदिशा-71, नरसिंहपुर-30, सतना-42, मुरैना-29, बैतूल-73, बालाघाट-14, शहडोल-30, नीमच-37, देवास-27, बड़वानी-28, छिंदवाड़ा-45, सीहोर-48, दमोह-84, मंदसौर-35, झाबुआ-27, रायसेन-46, राजगढ़-64, खंडवा-63, कटनी-17, हरदा-35, छतरपुर-32, अनूपपुर-14, सीधी-13, सिंगरौली-26, दतिया-20, शाजापुर-22, सिवनी-10, भिण्ड-10, गुना-26, श्योपुर-14, टीकमगढ़-27, अलीराजपुर-15, उमरिया-17, मंडला-10, अशोकनगर-17, पन्ना-04, डिंडौरी-01, बुरहानपुर-27, निवाड़ी-02 और आगरमालवा-10 व्यक्ति शामिल है।

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बुलेटिन में राहत की खबर यह है कि राज्य में अब तक 2,44,392 मरीज कोरोना को मात देकर अपने घर पहुंच चुके हैं। इनमें 704 मरीज गुरुवार को स्वस्थ हुए। अब प्रदेश में कोरोना के सक्रिय प्रकरण 4,599 हैं। मध्य प्रदेश में कोरोना वैक्शीनेशन का कार्य जारी है। टीकाकरण अभियान के तक प्रदेश में अब तक 38,663 स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकरण हो चुका है। इनमें 10,508 कर्मियों को गुरूवार को कोरोना का टीका लगाया गया।





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