IIMC के सत्रारंभ समारोह में बोले विदेश राज्य मंत्री, आतंकवादी हमलों को स्वीकार नहीं करेगा नया भारत

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 26, 2020   20:41
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IIMC के सत्रारंभ समारोह में बोले विदेश राज्य मंत्री, आतंकवादी हमलों को स्वीकार नहीं करेगा नया भारत

उन्होंने कहा कि आतंकवाद पर भारत की समान प्रक्रिया ने उन देशों के बारे में हमारी नीति को बेहतर तरीके से उजागर किया है, जो आतंकवाद को अपनी विदेश नीति के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। हमने स्पष्ट कर दिया है कि नया भारत आतंकवादी हमलों को चुपचाप नहीं झेलता रहेगा।

नई दिल्ली। ''भारत अपने सभी पड़ोसियों के साथ मित्रता का भाव रखता है, लेकिन भारत सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि नया भारत अपनी सरजमीं पर आतंकवादी हमलों को स्वीकार नहीं करेगा।'' यह विचार विदेश राज्यमंत्री वी मुरलीधरन ने गुरुवार को भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) के सत्रारंभ समारोह-2020 के चौथे दिन व्यक्त किये। 'भारतीय विदेश नीति में महत्वपूर्ण परिवर्तन' विषय पर बोलते हुए मुरलीधरन ने कहा कि आज 26 नवंबर 2008 को मुंबई पर हुए आतंकी हमले की बरसी है। हमारे एक पड़ोसी देश ने संवाद के तौर पर स्वेच्छा से आतंकवाद को अपनाया है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद पर भारत की समान प्रक्रिया ने उन देशों के बारे में हमारी नीति को बेहतर तरीके से उजागर किया है, जो आतंकवाद को अपनी विदेश नीति के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। हमने स्पष्ट कर दिया है कि नया भारत आतंकवादी हमलों को चुपचाप नहीं झेलता रहेगा।

विदेश नीति में मीडिया की भूमिका पर जोर देते हुए मुरलीधरन ने कहा कि विदेश में भारत की सही तस्वीर प्रस्तुत करना मीडिया की जिम्मेदारी है। पड़ोसी देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है। कई बार खबरों में भारत की गलत तस्वीर पेश की जाती है। इसलिए मीडिया के साथी रिपोर्टिंग करते वक्त तथ्यों और आंकड़ों का ध्यान अवश्य रखें। विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत द्वारा स्थायी सदस्यता प्राप्त करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस नीति का उद्देश्य आर्थिक सहयोग, सांस्‍कृतिक संबंध एवं रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाना है। मुलीधरन ने कहा कि कोविड-19 ने हमें आपसी जुड़ाव और एक दूसरे पर निर्भरता का आभास कराया है। हम इस शत्रु से अकेले नहीं लड़ सकते। यह बीमारी सीमाएं नहीं देखती, इसलिए इसके खिलाफ हमारी लड़ाई समन्वित होनी चाहिए।

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इससे पहले कार्यक्रम के प्रथम सत्र में 'डिजिटल और सोशल मीडिया : लोकतंत्र का उभरता हुआ पांचवा स्तंभ' विषय पर बोलते हुए माइक्रोसॉफ्ट इंडिया के डायरेक्टर, लोकेलाइजेशन बालेंदु शर्मा दाधीच ने कहा कि कुछ लोग डिजिटल मीडिया को लोकंतत्र के चौथे स्तंभ का हिस्सा मानते हैं, तो कुछ लोग इसे लोकंतत्र का पांचवा स्तंभ कहते हैं। लेकिन मेरे हिसाब से 'मीडिया' नहीं, बल्कि 'सूचना' लोकतंत्र का चौथ स्तंभ है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया ने आज एक नई क्रांति की है। सूचना एवं तकनीक के युग में आज प्रत्येक व्यक्ति एक मीडिया संस्थान है। पटकथा लेखक एवं स्तंभकार अद्धैता काला ने कहा कि आज पूरा विश्व न्यू मीडिया का इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज इंटरनेट पर सब कुछ एक क्लिक पर उपलब्ध है, आज आपको खबरों के लिए अखबार या पत्रिकाओं का इंतजार नहीं करना पड़ता। यही डिजिटल मीडिया की ताकत है। 

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वरिष्ठ पत्रकार अभिजीत मजूमदार ने कहा कि डिजिटल मीडिया आज लोकतंत्र के चारों स्तंभों में सबसे ताकतवर है। आज लोगों को ये पता है कि उन्हें क्या पढ़ना है और क्या देखना है। इसलिए आज अपनी पसंद के अनुसार ही पाठक कंटेट चुनता है और उसके लिए पैसे देता है। अखबार में पाठक के पास ये सुविधा नहीं होती है। यही प्रिंट और डिजिटल मीडिया का सबसे बड़ा अंतर है। वरिष्ठ पत्रकार श्री शलभ उपाध्याय ने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल मीडिया को अपनी विश्वसनीयता बनाए रखनी होगी। समारोह के दूसरे सत्र में 'विज्ञापन और जनसंपर्क उद्योग: COVID-19 युग में रचनात्मकता' विषय पर बोलते हुए गुडऐज़ के प्रमोटर माधवेंद्र पुरी दास ने कहा कि पत्रकारिता और विज्ञापन एवं जनसंपर्क एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। पत्रकारिता का काम लोगों को सूचना देना एवं उन्हें किसी विषय पर राय बनाने में मदद करना है। यही काम विज्ञापन एवं जनसंपर्क का भी है। रिलायंस के कम्युनिकेशन चीफ रोहित बंसल ने कहा कि कंपनियों को पाठकों और दर्शकों के अनुसार विज्ञापन एवं जनसंपर्क की रणनीति बनानी चाहिए। तभी कंपनियां अपने उद्देश्यों में सफल हो पाएंगी। 





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जान से मारने की धमकी देकर किशोरी के साथ दुष्कर्म, पुलिस ने किया पॉस्को एक्ट में मामला दर्ज

  •  मनीष सोनी
  •  मार्च 9, 2021   15:27
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जान से मारने की धमकी देकर किशोरी के साथ दुष्कर्म, पुलिस ने किया पॉस्को एक्ट में मामला दर्ज

पुलिस के अनुसार ग्राम रामगढ़ निवासी किशोरी ने बताया कि बीते रोज ग्राम अरन्या के राहुल पुत्र श्याम गोस्वामी ने कुएं पर ले जाकर जान से मारने की धमकी देते हुए खोटा काम किया। चिल्लाने पर आरोपित मौके से भाग गया।

राजगढ़। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के माचलपुर थाना क्षेत्र के ग्राम रामगढ़ में रहने वाली नाबालिग किशोरी ने अरन्या गांव के युवक पर जान से मारने की धमकी देते हुए खोटा काम करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मंगलवार को मौके से फरार आरोपित के खिलाफ केस दर्ज कर तलाश शुरु कर दी है। 

 

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पुलिस के अनुसार ग्राम रामगढ़ निवासी किशोरी ने बताया कि बीते रोज ग्राम अरन्या के राहुल पुत्र श्याम गोस्वामी ने कुएं पर ले जाकर जान से मारने की धमकी देते हुए खोटा काम किया। चिल्लाने पर आरोपित मौके से भाग गया। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ धारा 376, 506, 5/6 पाॅक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई कर तलाश शुरु कर दी है।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


2047 तक सिंगापुर के बराबर करेंगे दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय, भव्य तरीके से मनाएंगे आजादी के 75 साल: केजरीवाल

  •  अनुराग गुप्ता
  •  मार्च 9, 2021   15:11
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2047 तक सिंगापुर के बराबर करेंगे दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय, भव्य तरीके से मनाएंगे आजादी के 75 साल: केजरीवाल

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछली बार की तुलना में कठिन परिस्थितियों के बावजूद दिल्ली का बजट में बढ़ोत्तरी हुई है। मैं खुश हूं कि दिल्ली का 69,000 करोड़ रुपये का बजट पिछले साल से करीब छह प्रतिशत अधिक है।

नयी दिल्ली। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पेश किए गए बजट की जानकारी दी। केजरीवाल ने कहा कि बहुत कठिन परिस्थितियों में इस बार का बजट तैयार किया गया है। इस बार समाज के सभी वर्गों के लोगों को ध्यान में रखा गया है। पिछले एक साल में दिल्ली समेत पूरे विश्व में कोरोना वायरस महामारी की वजह से कठिन परिस्थितियां उत्पन्न हुईं थीं। सरकार की इनकम आने के स्त्रोत बहुत ज्यादा कम हो गए थे और हमारा व्यय काफी ज्यादा बढ़ गया था। 

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उन्होंने कहा कि पिछली बार की तुलना में कठिन परिस्थितियों के बावजूद दिल्ली का बजट में बढ़ोत्तरी हुई है। मैं खुश हूं कि दिल्ली का 69,000 करोड़ रुपये का बजट पिछले साल से करीब छह प्रतिशत अधिक है। इसके लिए मैं दिल्ली के लोगों को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने अपनी सरकार पर भरोसा किया और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपना टैक्स दिया।

सभी क्षेत्रों में जारी रहेगी सब्सिडी

मुख्यमंत्री ने बताया कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद सभी क्षेत्रों की सब्सिडी जारी रही है। बिजली, पानी, फ्री शिक्षा, फ्री दवाईयों, महिलाओं का मुफ्त सफर में दी जाने वाली सब्सिडी जारी रही। उन्होंने कहा कि अगले साल भी मुफ्त दी जाने वाली सुविधाएं जारी रहेंगी। मुझे खुशी है कि पिछले 6-7 साल से जो ट्रेंड चला आ रहा है वह जारी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा में लगभग एक चौथाई बजट जबकि स्वास्थ्य सेवाओं पर 14 फीसदी बजट खर्च किया जा रहा है। 

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इस दौरान उन्होंने कहा कि दिल्ली में जब से हमारी सरकार बनी है तब से बजट सरप्लस में है। आजतक दिल्ली के बजट में घाटा नहीं हुआ है। कैग ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा कि दिल्ली अकेला राज्य है जहां सरकार घाटे का नहीं बल्कि सरप्लस में बजट करते हैं।

आजादी के 75 साल

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार दिल्ली की जनता के साथ मिलकर आजादी के 75 साल को भव्य तरीके से मनाएगी। उन्होंने कहा कि 2047 में जब आजादी के 100 साल पूरे होंगे उस वक्त देश कैसा होना चाहिए। उसकी नींव हमें अभी से रखनी पड़ेगी और उस नींव को रखने का काम इस बजट ने किया है। 

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उन्होंने कहा कि आज दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय देश के हिसाब से बहुत बढ़िया है लेकिन दुनिया के स्तर पर उतना बेहतर नहीं है। हमारा सपना है कि दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय को सिंगापुर की प्रति व्यक्ति आय के बराबर करना है। इसके लिए 2047 तक का लक्ष्य रखा गया है।

ओलंपिक के लिए आवेदन करेगा दिल्ली

उन्होंने आगे बताया कि इस बार के बजट में विजन दिया गया है कि 2048 का ओलंपिक खेल दिल्ली में होना चाहिए। 2048 के ओलंपिक खेल के लिए दिल्ली आवेदन करेगा। इसके लिए जो भी इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य जरूरत की चीजें करनी होगी, हम करेंगे।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


भोपाल में पदस्थ डीएसपी ने लगाई फांसी, छुट्टी पर गए हुए थे अपने गाँव

  •  दिनेश शुक्ल
  •  मार्च 9, 2021   15:11
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भोपाल में पदस्थ डीएसपी ने लगाई फांसी, छुट्टी पर गए हुए थे अपने गाँव

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फांसी के फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल पहुंचाया, लेकिन देर रात हो जाने के कारण पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। मंगलवार, सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने भोपाल पुलिस मुख्यालय में इसकी सूचना दे दी है।

भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय, भोपाल में डीएसपी के पद पदस्थ थे और छुट्टियां लेकर अपने गांव गए हुए थे। वे घर पर अकेले थे। धार जिले के डही थाना अंतर्गत ग्राम रेबडदर में सोमवार को एक पुलिस अधिकारी बीएस अहरवार ने अपने घर में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। शाम को लोगों ने उन्हें फांसी के फंदे पर लटकते देखा तो पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले को जांच में लिया है। 

 

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जानकारी के मुताबिक, डीएसपी बीएस अहरवार अपने गांव में छुट्टियां मनाने आए थे और वे रोज शाम को घूमने निकलते थे, लेकिन सोमवार शाम को वे घर से बाहर नहीं आए तो आसपास के लोगों ने उनके घर जाकर देखा, जहां वे पंखे से फांसी के फंदे पर लटकते दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फांसी के फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल पहुंचाया, लेकिन देर रात हो जाने के कारण पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। मंगलवार, सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने भोपाल पुलिस मुख्यालय में इसकी सूचना दे दी है। 

 

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बताया जा रहा है कि वे कुछ दिनों से मानसिक तनाव थे। संभवत: इसी के चलते उन्होंने यह कदम उठाया होगा। हालांकि इस बारे में अभी तक आधिकारिक रूप से कोई पुष्टि नहीं हुई है। वहीं अभी तक इस बारे में पुलिस को कोई सुसाइड नोट या अन्य कोई सूचना भी नहीं मिली है। वे ग्राम रेबडदर के रहने वाले थे और वे यहां अकेले छुट्टियां मनाने आए थे। उनके परिवार के सदस्य इंदौर में रहते हैं। पुलिस फिलहाल मामले की जांच जुटी है।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


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