सात निश्चय योजना में हुआ भ्रष्टाचार, लोजपा की सरकार बनी तो दोषी जाएंगे जेल: चिराग

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इस योजना का उद्देश्य शिक्षा, कौशल विकास और शिक्षा ऋण के माध्यम से युवा पीढ़ी को आत्मनिर्भर बनाना, सभी को बिजली कनेक्शन प्रदान करने के अलावा गाँवों, हर घर में पानी पहुँचाना आदि है।
पटना/अरवल/नोखा। लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) प्रमुख चिराग पासवान ने बिहार सरकार के ‘सात निश्चय कार्यक्रम’ में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए सोमवार को कहा कि यदि प्रदेश में उनकी पार्टी की सरकार बनती है तो इस मामले में जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे, वे जेल में होंगे। अरवल में चुनावी सभा को संबोधित करने पहुंचे चिराग ने बातचीत के दौरानकहा कि यह योजना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बनाई हुई है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘उनकी नाक के नीचे भ्रष्टाचार हो रहा है। अगर उन्हें (नीतीश को) जानकारी है तो दोषी वह भी हैं और वह भी जेल जाएंगे। चिराग ने यह भी आरोप लगाया कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद शराब की तस्करी जारी है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, ‘‘इसकी तस्करी का पैसा मुख्यमंत्री की जेब में जाता है।’’ चिराग ने कहा कि मुख्यमंत्री जानते हैं कि उनके द्वारा लागू की गयी शराबबंदी विफल है। रोहतास जिले के नोखा में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए चिराग ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से ‘सात निश्चय’ के तहत पाइप के जरिए पेयजल, नाली और गली का निर्माण करने को लेकर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा, “मुख्यमंत्री कहते हैं कि बिहार में कोई भ्रष्टाचार नहीं है, जबकि सात निश्चय में बिहार के इतिहास में सबसे बड़ा भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए, हमने अपनी पार्टी के विजन डॉक्यूमेंट ‘बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट’ में उल्लेख किया है कि हमारी सरकार बनने पर सबसे पहले इस योजना के दस्तावेजों की जांच करायी जाएगी और दोषियों की पहचान कर चाहे मुख्यमंत्री या छोटे अधिकारी हों उन्हें जेल भेजा जाएगा। नीतीश कुमार ने 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान प्रदेश के विकास के लिए 2.70 लाख करोड़ रुपये की लागत ‘सात निश्चय योजना’ की घोषणा की थी। 

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इस योजना का उद्देश्य शिक्षा, कौशल विकास और शिक्षा ऋण के माध्यम से युवा पीढ़ी को आत्मनिर्भर बनाना, सभी को बिजली कनेक्शन प्रदान करने के अलावा गाँवों, हर घर में पानी पहुँचाना आदि है। बिहार सरकार ने योजना को पांच वर्षों में लागू करने के लिए फरवरी 2016 में इसे मंजूरी दी थी। उधर जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने चिराग पर राज्य के विपक्षी महागठबंधन का नेतृत्व कर रही राजद के नेता तेजस्वी यादव के साथ सांठ—गांठ करने का आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों तुच्छ लोकप्रियता हासिल करने और अपने राजनीतिक आस्तित्व को बचाने के लिए नीतीश कुमार के खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी ने भी चिराग पर निशाना साधा।

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