Punarjani case: VD Satheesan को मिली क्लीन चिट के खिलाफ कोर्ट जाएगी CPI(M)

Punarjani case: VD Satheesan को मिली क्लीन चिट के खिलाफ कोर्ट जाएगी CPI(M)
प्रतिरूप फोटो

माकपा ने कोच्चि में 31 जुलाई को घोषणा की कि वह पुनर्जनी आवास परियोजना मामले में वी. डी. सतीशन को सतर्कता विभाग द्वारा दी गई क्लीन चिट को अदालत में चुनौती देगी। एर्णाकुलम में पार्टी जिला सचिव एस. सतीश ने कहा कि इस मामले में एफसीआरए के उल्लंघन की जांच केंद्रीय एजेंसी से होनी चाहिए। माकपा ने योजना के तहत बने 219 मकानों के पते भी सार्वजनिक करने की मांग की है।

केरल में विपक्षी दल मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने शुक्रवार को कहा कि मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन को पुनर्जनी आवास परियोजना के लिए विदेशों से धन संग्रह मामले की जांच में सतर्कता विभाग द्वारा दी गई क्लीन चिट को वह अदालत में चुनौती देगी। यहां आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में माकपा के एर्णाकुलम जिला सचिव एस. सतीश ने कहा कि पार्टी सतर्कता रिपोर्ट के खिलाफ कानूनी विकल्प अपनाएगी और साथ ही 2018 की केरल बाढ़ के बाद सतीशन के उत्तर परावुर विधानसभा क्षेत्र में शुरू की गई पुनर्जनी आवास परियोजना में कथित अनियमितताओं को उजागर करने का अभियान भी जारी रखेगी। सतीश ने कहा कि पुनर्जनी परियोजना से जुड़े आरोपों का अब तक जवाब नहीं दिया गया है।

उन्होंने कहा कि पार्टी इस मामले को दबने नहीं देगी और सतर्कता विभग की क्लीन चिट को अदालत में चुनौती देगी। उन्होंने कहा, ‘‘पुनर्जनी मामले में गंभीर आरोप हैं। क्लीन चिट देकर इन्हें दफन नहीं किया जा सकता।

हम सभी आवश्यक कानूनी कदम उठाएंगे और तथ्यों को जनता के सामने लाते रहेंगे।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि सतर्कता विभाग का फैसला स्वीकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि मामला विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) के संभावित उल्लंघन से जुड़ा है और इसकी जांच किसी केंद्रीय एजेंसी द्वारा होनी चाहिए। उन्होंने ‘मणप्पुरम फाउंडेशन’ की कथित भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि पुनर्जनी परियोजना से उसका क्या संबंध है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी जानकारियां सामने आ रही हैं कि विदेशों से जुटाई गई राशि फाउंडेशन के माध्यम से केरल पहुंची।

कांग्रेस नेताओं द्वारा परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर किए गए दावों पर सवाल उठाते हुए सतीश ने मुख्यमंत्री से उन 219 मकानों का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की, जिनके बारे में कांग्रेस का दावा है कि वे पुनर्जनी योजना के तहत बनाए गए थे। उन्होंने कहा, ‘‘यदि 219 मकान बनाए गए हैं, तो उनके पते सार्वजनिक किए जाएं। परावुर के लोगों को यह जानने का अधिकार है कि ये मकान कहां हैं।

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