• एंटीलिया मामले में दो आरोपियों की हिरासत एक जुलाई तक बढ़ाई गई

एंटीलिया के पास विस्फोटक मिलने और हिरेन की हत्या के मामले में दो आरोपियों की हिरासत बढ़ गई है। एजेंसी ने अदालत को बताया कि दोनों सोशल मीडिया के माध्यम से किसी और से भी संपर्क में थे और इस बात का पता लगाना होगा कि उनकी गतिविधियों के लिए पैसा कौन दे रहा था।

मुंबई। मुंबई की एक विशेष अदालत ने उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर ‘एंटीलिया’ के पास एक लावारिस गाड़ी में विस्फोटक मिलने तथा कारोबारी मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में पूर्व पुलिस अधिकारी सुनील माने को न्यायिक हिरासत में भेज दिया, वहीं संतोष शेलार तथा आनंद जाधव की एनआईए की हिरासत को एक जुलाई तक बढ़ा दिया। माने को अप्रैल में गिरफ्तार किया गया था, वहीं शेलार और जाधव को 11 जून को गिरफ्तार किया गया था। जब माने पहले न्यायिक हिरासत में थे तो मामले में जांच कर रही राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने हाल ही में गिरफ्तार आरोपियों से उनका सामना कराने के लिए दोबारा हिरासत की मांग की थी जिसकी अनुमति दे दी गयी। इसकी अवधि शुक्रवार को समाप्त हो रही है और उन्हें तथा शेलार एवं जाधव को न्यायाधीश पी आर सितरे के समक्ष पेश किया गया।

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शेलार और जाधव की रिमांड को बढ़ाने का अनुरोध करते हुए एनआईए ने कहा था कि हिरेन की हत्या में इस्तेमाल कार मिलने के बाद से दोनों गायब थे और दोनों दिल्ली चले गये थे तथा कुछ अन्य स्थानों पर भी गये जिसके बाद महाराष्ट्र के लातूर से उन्हें गिरफ्तार किया गया। एजेंसी ने अदालत को बताया कि दोनों सोशल मीडिया के माध्यम से किसी और से भी संपर्क में थे और इस बात का पता लगाना होगा कि उनकी गतिविधियों के लिए पैसा कौन दे रहा था। मामला एंटीलिया के पास 25 फरवरी को एक एसयूवी में विस्फोटक मिलने से जुड़ा है। इस गाड़ी को अपना बताने वाले तथा अपने पास से चोरी होने का दावा करने वाले ठाणे के कारोबारी मनसुख हिरेन पांच मार्च को एक क्रीक में मृत मिले थे। मामले में अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।