दिल्ली की वायु गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में दर्ज की गई, पराली जलाए जाने से प्रदूषण और बढ़ने की आशंका

 Delhi air quality
केंद्र सरकार की एक एजेंसी ने यह जानकारी दी। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वायु गुणवत्ता निगरानी संस्था ‘सफर’ ने कहा कि हवा की दिशा और हवा की गति हरियाणा, पंजाब और अन्य पड़ोसी क्षेत्रों में पराली जलने से निकले प्रदूषक तत्त्वों के दिल्ली पहुंचने के लिए अनुकूल है।

नयी दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी की वायु गुणवत्ता सोमवार सुबह बहुत खराब श्रेणी में दर्ज की गई। वहीं, पड़ोसी राज्यों में पराली जलाए जाने से वायु प्रदूषण के और बढ़ने की आशंका है। केंद्र सरकार की एक एजेंसी ने यह जानकारी दी। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वायु गुणवत्ता निगरानी संस्था ‘सफर’ ने कहा कि हवा की दिशा और हवा की गति हरियाणा, पंजाब और अन्य पड़ोसी क्षेत्रों में पराली जलने से निकले प्रदूषक तत्त्वों के दिल्ली पहुंचने के लिए अनुकूल है। दिल्ली के पीएम 2.5 संकेंद्रण में पराली जलाए जाने का योगदान रविवार को 19 फीसदी था। 

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शहर में सोमवार को सुबह 10 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 343 दर्ज किया गया। वहीं, 24 घंटे की औसत एक्यूआई रविवार को 349 थी। शून्य और 50 के बीच एक्यूआई को अच्छा , 51 और 100 के बीच एक्यूआई को संतोषजनक , 101 और 200 के बीच मध्यम , 201 और 300 के बीच खराब , 301 और 400 के बीच बहुत खराब और 401 और 500 के बीच एक्यूआई को गंभीर माना जाता है। हवा की गति कम होने और तापमान कम होने से प्रदूषकों का संचय होता है जबकि हवा की गति तेज होने से प्रदूषकों के बिखराव में मदद मिलती है। केंद्र सरकार की वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान प्रणाली ने कहा कि पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में खेतों में पराली जलाए जा रहे हैं, जिससे दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता के प्रभावित होने की आशंका है।

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