Delhi की अदालत ने 18 वर्षीय युवक की हत्या के मामले में दो को बरी किया

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अदालत ने कहा कि यह मामला काफी हद तक परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और असंगत एवं अविश्वसनीय गवाहियों पर आधारित था। इसके बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को आपराधिक साजिश, हत्या और आपराधिक धमकी के आरोपों से बरी कर दिया।

दिल्ली की एक अदालत ने 2016 में निहाल विहार में 18 वर्षीय युवक की हत्या के आरोपी दो लोगों को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के अपराध को साबित नहीं कर सका।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पूजा तलवार, शमशाद उर्फ सलमान और सुनील पाल उर्फ सोनू के खिलाफ एक मामले की सुनवाई कर रही थीं, जिन पर 2016 में सैम नामक युवक की हत्या करने का आरोप था।

अदालत ने 20 जनवरी के एक फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने के लिए सबूतों की श्रृंखला स्थापित करने में विफल रहा कि आरोपियों ने पीड़ित की हत्या की थी।

फोन नंबर को लेकर हुए विवाद के बाद पीड़ित सलाहुद्दीन उर्फ​ सैम की 26 नवंबर 2016 की शाम को डीडीए पार्क के पास एक वन क्षेत्र में कथित तौर पर कई बार चाकू से वार कर हत्या कर दी गई।

अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने के लिए सबूतों की श्रृंखला स्थापित करने में विफल रहा कि आरोपियों ने पीड़ित की हत्या की थी। पुलिस ने यह भी आरोप लगाया कि जांच के दौरान आरोपी के कहने पर एक चाकू और खून से सने कपड़े बरामद हुए थे।

अदालत ने कहा कि यह मामला काफी हद तक परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और असंगत एवं अविश्वसनीय गवाहियों पर आधारित था। इसके बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को आपराधिक साजिश, हत्या और आपराधिक धमकी के आरोपों से बरी कर दिया।

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