Shraddha Walkar हत्याकांड: Delhi HC ने समयबद्ध सुनवाई की याचिका खारिज की

दिल्ली हाईकोर्ट ने श्रद्धा वॉकर हत्याकांड मामले की सुनवाई निश्चित समय-सीमा के भीतर पूरी करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। यह याचिका मृतका के भाई राहुल वॉकर ने दायर की थी। अदालत ने कहा कि वह निचली अदालत को ऐसी समय-सीमा तय करने का निर्देश नहीं दे सकती, हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि मामले में अनावश्यक देरी होगी।
नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने श्रद्धा वॉकर हत्याकांड के मामले में मुकदमे की सुनवाई तय समय-सीमा में पूरी करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। यह याचिका श्रद्धा वॉकर के भाई ने दायर की थी।
भाई की याचिका पर हाईकोर्ट का फैसला श्रद्धा वॉकर के भाई, राहुल वॉकर ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर ट्रायल कोर्ट को निर्देश देने की मांग की थी कि वह इस मामले की सुनवाई को एक निश्चित समय-सीमा के भीतर पूरा करे। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने यह फैसला सुनाया।
हाईकोर्ट ने क्यों खारिज की याचिका? अदालत ने कहा कि वह ट्रायल कोर्ट को इस तरह का कोई निर्देश जारी नहीं कर सकती कि वह मामले को किसी तय समय-सीमा में समाप्त करे। अदालत का यह अवलोकन याचिका पर सुनवाई के दौरान आया। हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इसका मतलब यह नहीं है कि मामले की सुनवाई में अनावश्यक देरी की जाएगी।
श्रद्धा वॉकर हत्याकांड का मामला यह मामला दिल्ली और महाराष्ट्र सहित देश भर में चर्चा का विषय रहा है। श्रद्धा वॉकर की कथित तौर पर उसके लिव-इन पार्टनर आफताब पूनावाला ने हत्या कर दी थी और उसके शव के 35 टुकड़े कर उन्हें अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया था। इस मामले की जांच अभी भी जारी है और यह ट्रायल कोर्ट में विचाराधीन है।
न्यायिक प्रक्रिया पर टिप्पणी अदालतें आमतौर पर न्यायिक प्रक्रियाओं की अपनी गति और जटिलताओं के कारण समय-सीमा निर्धारित करने में संकोच करती हैं, खासकर जब मामला गंभीर अपराधों से जुड़ा हो। ऐसे मामलों में साक्ष्य जुटाने, गवाहों की गवाही और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं में समय लग सकता है।
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