Delhi Metro के अर्पण केंद्रों पर जमा हुए 41 टन पुराने कपड़े, DMRC नए केंद्र खोलने की तैयारी में

Delhi Metro के अर्पण केंद्रों पर जमा हुए 41 टन पुराने कपड़े, DMRC नए केंद्र खोलने की तैयारी में
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दिल्ली में मेट्रो स्टेशनों पर संचालित 'अर्पण' केंद्रों पर नागरिकों ने पिछले महीने से अब तक 41 टन से अधिक पुराने कपड़े दान किए हैं। स्वयं सहायता समूह इन कपड़ों से कालीन, बैग और पाउच जैसे उपयोगी उत्पाद बनाकर बेच रहे हैं। डीएमआरसी ने जनवरी 2027 तक 10 और ऐसे केंद्र खोलने का प्रस्ताव तैयार किया है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली मेट्रो के ‘अर्पण’ केंद्रों पर पिछले महीने शुरुआत के बाद से करीब 4,000 लोगों ने 41 टन से अधिक पुराने कपड़े जमा किए हैं और इनमें से कुछ कपड़ों का दोबारा इस्तेमाल किया जा रहा है या उन्हें कालीन, बैग, पाउच और अन्य उत्पादों में बदला जा रहा है। दिल्ली सरकार के एक बयान के अनुसार, यह पहल फिलहाल 10 मेट्रो स्टेशनों पर संचालित हो रही है तथा दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने जनवरी 2027 में ऐसे 10 और केंद्र खोलने का प्रस्ताव दिया है। कुल 3,940 लोगों ने 31 अगस्त तक 41,181 किलोग्राम कपड़े जमा किए थे।

सबसे अधिक 9,861 किलोग्राम कपड़े डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर अस्पताल केंद्र पर जमा हुए, जबकि शालीमार बाग में 9,761 किलोग्राम कपड़े मिले। बयान में कहा गया कि पंजाबी बाग पश्चिम में 6,535 किलोग्राम और शाहदरा में 6,386 किलोग्राम कपड़े जमा हुए। मयूर विहार-1 में 5,189, हौज खास में 1,680, द्वारका-काकरोला में 689, मालवीय नगर में 467, लाजपत नगर में 395 और मोहन एस्टेट में 215 किलोग्राम कपड़े जमा हुए।

पांच केंद्र तीन अगस्त को शुरू हुए थे, जबकि बाकी केंद्र 12 और 17 अगस्त को चालू किए गए। स्वयं सहायता समूह इस सामग्री से कालीन, फोल्डर, की-रिंग, पाउच, बैग और तोरण बना रहे हैं। इन उत्पादों को केंद्रों पर प्रदर्शित करने के साथ बेचा भी जा रहा है।

अब तक इनकी बिक्री से 27,036 रुपये मिले हैं। बयान के अनुसार, मॉडल टाउन, आईएनए, आईपी एक्सटेंशन, पश्चिम विहार पश्चिम, राजेंद्र प्लेस, जनकपुरी पश्चिम, राजौरी गार्डन, ग्रेटर कैलाश, द्वारका सेक्टर-10 और छतरपुर मेट्रो स्टेशनों पर नए अर्पण केंद्र प्रस्तावित हैं। गुप्ता ने कहा कि दिल्लीवासियों की भागीदारी से इस व्यवस्था का और विस्तार किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास पुराने कपड़े दान करना आसान और सुविधाजनक बनाने तथा उनका अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने का है, जिससे दिल्ली को स्वच्छ, सुंदर और हरा-भरा बनाने के प्रयासों को मजबूती मिले।

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