World First Aid Day: सितंबर के दूसरे शनिवार को मनाया जाता है World First Aid Day, जानें इतिहास

हर साल सितंबर महीने के दूसरे शनिवार को वर्ल्ड फर्स्ट एड दिवस मनाया जाता है। इस बार 12 सितंबर 2026 को वर्ल्ड फर्स्ट एड दिवस मनाया जा रहा है। फर्स्ट एड का मतलब किसी चोट या दुर्घटना के तुरंत बाद दिया जाने वाला शुरूआती इलाज और देखभाल है।
हर साल सितंबर महीने के दूसरे शनिवार को वर्ल्ड फर्स्ट एड दिवस मनाया जाता है। फर्स्ट एड का मतलब किसी चोट या दुर्घटना के तुरंत बाद दिया जाने वाला शुरूआती इलाज और देखभाल है। बहुत सारे लोग इसकी अहमियत को नहीं समझते हैं, उनको लगता है कि यह सिर्फ मेडिकल प्रोफेशनल का काम है। लेकिन यह एक जरूरी स्किल है, जिसको सभी को सीखना जरूरी होता है। ऐसे में इसकी अहमियत को समझने और लोगों को इसके बारे में जागरुक करने के लिए हर साल सितंबर महीने के दूसरे शनिवार को मनाया जाता है। इस बार 12 सितंबर 2026 को वर्ल्ड फर्स्ट एड डे मनाया जा रहा है।
इतिहास
साल 2000 में इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस एंड रेड क्रिसेंट सोसाइटीज ने 'विश्व प्राथमिक चिकित्सा दिवस' मनाए जाने की शुरूआत की थी। साल 2000 के बाद से हर साल इस दिन को मनाया जाता है। साथ ही इसके बारे में लोगों को जागरुक किया जाता है। यह एक वार्षिक अभियान है, इस दौरान लोगों को जागरूक किया जाता है कि कैसे प्राथमिक चिकित्सा रोजमर्रा की जिंदगी और संकट की स्थितियों से बचा सकता है। सभी के लिए प्राथमिक चिकित्सा सुलभ होनी चाहिए।
उद्देश्य
इस दिन को मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य लोगों में फर्स्ट एड के बारे में जागरूकता को बढ़ाना है। साथ ही इस दिन यह भी बताया जाता है कि किस तरह से आप फर्स्ट एड की मदद से अपने परिवार और दोस्तों की मदद कर सकते हैं। बड़ों से लेकर बच्चों तक सभी को फर्स्ट एड की जानकारी होनी चाहिए। वहीं घर और गाड़ी में भी फर्स्ट एड किट जरूर होनी चाहिए।
थीम
इस बार वर्ल्ड फर्स्ट एड डे 2026 की थीम 'प्रवासन के संदर्भ में प्राथमिक चिकित्सा' है।
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