Delhi CNG Blast: टिकरी कलां हादसे में अनधिकृत सिलेंडर की जांच में जुटी पुलिस

दिल्ली के टिकरी कलां मेट्रो स्टेशन के पास सीएनजी स्टेशन पर हुए विस्फोट में तीन कर्मचारियों की मौत और तीन के घायल होने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड के अनुसार शुरुआती जांच में ट्रक में अनधिकृत और क्षमता से अधिक अतिरिक्त सिलेंडर लगे होने की आशंका जताई गई है। पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञ सिलेंडर की गुणवत्ता, गैस दबाव और तकनीकी पहलुओं के आधार पर हादसे की वजह तलाश रहे हैं।
राष्ट्रीय राजधानी में टिकरी कलां मेट्रो स्टेशन के पास एक सीएनजी स्टेशन पर ट्रक में गैस भरते वक्त हुए विस्फोट को लेकर पुलिस तथा विशेषज्ञ सिलेंडर के प्रकार, क्षमता, प्रमाणन, परीक्षण इतिहास और निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुपालन समेत विभिन्न पहलुओं की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साथ ही पुलिस फॉरेंसिक साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों और तकनीकी निष्कर्षों की जांच कर रही है ताकि घटनाक्रम का क्रम जोड़ा जा सके और विस्फोट का कारण पता लगाया जा सके।
पुलिस ने बताया कि बुधवार दोपहर एक ट्रक में सीएनजी भरते समय हुए विस्फोट में सीएनजी स्टेशन के तीन कर्मचारियों - मनीष (25), ब्रह्मजीत (34) और सन्नी (30) की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य सुरजीत, संजय और विपिन घायल हो गए। जांच इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) के इस प्रारंभिक निष्कर्ष पर भी केंद्रित है कि ट्रक में लगा सिलेंडर अनधिकृत था। पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञ सिलेंडर के प्रकार, क्षमता, प्रमाणन, परीक्षण इतिहास और निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुपालन की जांच करेंगे।
जांच में यह भी स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा कि सिलेंडर की स्थिति, फिटिंग या क्षमता का विस्फोट से कोई संबंध था या नहीं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, हम ट्रक की स्थिति, विस्फोट के समय गैस भरने के चरण और उससे ठीक पहले क्या हुआ, इसकी जांच कर रहे हैं। हम यह भी जांच कर रहे हैं कि क्या कर्मचारियों ने वहां मौजूद अन्य लोगों को तुरंत मौके से दूर रहने के लिए कहा था।
सीसीटीवी फुटेज और स्टेशन पर मौजूद लोगों के बयानों का मिलान मौके से एकत्र किए गए साक्ष्यों से किया जाएगा। पुलिस दो संभावनाओं की जांच कर रही है-गैस रिसाव के बाद आग लगना, या ईंधन भरते समय अत्यधिक दबाव के कारण सिलेंडर का फट जाना। अब तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सका है।
स्टेशन के प्रेशर गेज और अन्य सुरक्षा प्रणालियों की स्थिति की भी जांच की जा रही है। जांचकर्ता इस बात की छानबीन करेंगे कि दबाव मापने वाले उपकरण ठीक से काम कर रहे थे या नहीं और क्या प्रणाली में कोई ऐसी खराबी थी जिसके कारण सीएनजी निर्धारित सीमा से अधिक सिलेंडर में भर गई थी। पुलिस उस दावे का भी सत्यापन कर रही है जिसमें कहा गया था कि घटना से लगभग 20 दिन पहले स्टेशन की पाइपलाइन में रिसाव की सूचना मिली थी।
जांच में कथित रिसाव के स्थान, मरम्मत और क्या मरम्मत के बाद पाइपलाइन का निरीक्षण किया गया था, इसका पता लगाया जाएगा। विस्फोट के सटीक कारण का अभी पता नहीं चल पाया है और पुलिस विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। इस बीच इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) ने बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा कि इस बात आशंका है कि वाहन में अतिरिक्त सिलेंडर लगाने के कारण यह घटना हुई है।
राजधानी में प्राकृतिक गैस की आपूर्ति करने वाली कंपनी आईजीएल ने कहा कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ट्रक में केवल छह सीएनजी सिलेंडर लगाने की क्षमता थी। हालांकि, ऐसा प्रतीत होता है कि घटना के समय वाहन में कुछ अतिरिक्त सिलेंडर लगाए गए थे। आईजीएल ने कहा कि इन अतिरिक्त सिलेंडर की वैधता और घटना के वास्तविक कारण की जांच संबंधित प्राधिकरणों द्वारा की जा रही है।
कंपनी ने बुधवार को हुए इस विस्फोट में लोगों की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि वह प्रभावित परिवारों तथा लोगों की जरूरतों के प्रति संवेदनशील है। आईजीएल ने अपने बयान में कहा, आईजीएल ऐसी घटनाओं के मामले में लागू सभी प्रोटोकॉल का पालन कर रहा है। आईजीएल के सभी कार्यों में सुरक्षा हमेशा से एक बुनियादी प्राथमिकता रही है और आगे भी रहेगी।
हम उच्चतम सुरक्षा मानकों को बनाए रखने और मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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