Delhi-NCR में प्रदूषण रोकने का प्लान तैयार, जल्द लागू होगा सख्त No PUCC No Fuel नियम

केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने प्रदूषण नियंत्रण उपायों की घोषणा की। इसके तहत नो PUCC नो फ्यूल नीति सख्त होगी और हर दो हफ्ते में सड़कों की सफाई की जाएगी। साथ ही सर्दियों के लिए हीटिंग स्पॉट्स बनाए जाएंगे और 150 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल होंगी।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में 28 सितंबर को हुई बैठक के बाद, दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में प्रदूषण से निपटने के लिए कई उपायों की घोषणा की। इस बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली लोक निर्माण विभाग (PWD) के मंत्री प्रवेश वर्मा भी शामिल हुए। सिरसा ने कहा कि बैठक में प्रदूषण कम करने के लिए ठोस कार्रवाई वाली योजना और दिल्ली व NCR की भूमिकाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया।
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सिरसा ने कहा कि आज केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में दिल्ली और NCR में प्रदूषण पर एक बैठक हुई, जिसमें दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली PWD मंत्री प्रवेश वर्मा और मैं शामिल हुए। इसमें ठोस कार्रवाई वाली योजना पर चर्चा हुई। हमने NCR में प्रदूषण को कम करने के तरीकों और इस प्रयास में दिल्ली व NCR की भूमिकाओं पर बातचीत की। उन्होंने कन्फर्म किया कि तय किए गए कामों के तहत "नो PUCC, नो फ्यूल" पॉलिसी को और सख़्त किया जाएगा।
सिरसा ने सड़कों की हर दो हफ़्ते में अच्छी तरह सफ़ाई करने और ठंड से राहत देने के लिए खास "हीटिंग स्पॉट" बनाने की योजना के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि योजना यह है कि हर दो हफ़्ते में सड़कों की अच्छी तरह सफ़ाई की जाए ताकि सारी मिट्टी और धूल हटाई जा सके। हमारी टीमों में हर गाड़ी पर चार लोग होंगे, जिनमें DPCC और MCD के प्रतिनिधि शामिल होंगे—और हम दिल्ली पुलिस के साथ भी मिलकर काम कर रहे हैं।
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सर्दियों में गर्माहट देने के बारे में उन्होंने कहा कि 'ज़ीरो बर्निंग' पहल के तहत, हमने पिछली बार हीटर बांटे थे। इस बार, 'हीटिंग स्पॉट' बनाए जाएंगे। हीटिंग की सुविधा वाले अस्थायी शेल्टर बनाए जाएंगे। अंदर ठंड से बचाव के इंतज़ाम किए जाएंगे। पब्लिक ट्रांसपोर्ट के बारे में सिरसा ने बताया कि दिल्ली में अभी 588 इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं और 150 और बसें शामिल की जानी हैं। उन्होंने एक व्यापक सरकारी योजना के ज़रिए प्रदूषण और ट्रैफ़िक जाम वाले हॉटस्पॉट की समस्या से निपटने की कोशिशों पर ज़ोर दिया। वे इन हॉटस्पॉट के तीन किलोमीटर के दायरे में प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों का जायज़ा लेने के लिए सभी 11 ज़िला मजिस्ट्रेट के दफ़्तरों का दौरा कर रहे हैं। वे श्मशान घाट, डंपिंग यार्ड और कंस्ट्रक्शन व डिमोलिशन वेस्ट साइट्स जैसी जगहों पर खास ध्यान दे रहे हैं।
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