दिल्ली हिंसा: दंगों से अपाहिज हुई जिंदगी , किसी ने गंवाई आंखें तो किसी को गंवाने पड़े हाथ

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 23, 2021   17:36
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दिल्ली  हिंसा: दंगों से अपाहिज हुई जिंदगी , किसी ने गंवाई आंखें तो किसी को गंवाने पड़े हाथ

उत्तर पूर्वी दिल्ली के शिव विहार में रहने वाले मोहम्मद वकील की उनके घर के नीचे ही परचून की दुकान थी। इस दुकान से रोजाना होने वाली लगभग 200 से 300 रुपये की आमदनी से उनके सात सदस्यीय परिवार का गुजारा आराम से चल रहा था।

 नयी दिल्ली। उत्तर पूर्वी दिल्ली के शिव विहार में रहने वाले मोहम्मद वकील की उनके घर के नीचे ही परचून की दुकान थी। इस दुकान से रोजाना होने वाली लगभग 200 से 300 रुपये की आमदनी से उनके सात सदस्यीय परिवार का गुजारा आराम से चल रहा था। लेकिन पिछले वर्ष इन्हीं दिनों राजधानी के इस इलाके में हुए सांप्रदायिक दंगों ने उनकी जिंदगी की गाड़ी को पटरी से उतार दिया। दंगे के दौरान फेंकी गई एक तेजाब की बोतल की चपेट में आने से उनकी आंखें चली गईं और वह अब परिवार के भरण पोषण की बात तो दूर अपनी नियमित दिनचर्या के लिए भी दूसरों के मोहताज हैं। वकील (52), शिव विहार फेज-छह की गली नंबर 13 में बीते तीस साल से रह रहे हैं।

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पिछले साल 23 फरवरी की शाम को नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के समर्थकों और विरोधियों के बीच मौजपुर इलाके में हुई झड़प के बाद तकरीबन पूरे जिले में सांप्रदायिक हिंसा फैल गई थी, जिसमें सबसे ज्यादा प्रभावित शिव विहार रहा था। वकील ने पीटीआई-से कहा, ‘‘उस दिन (25 फरवरी को) मैं अपने घर की छत पर था, जब अचानक किसी ने तेजाब से भरी बोतल फेंकी। मेरे चेहरे के पास यह बोतल फटी और मेरी आंखों के आगे अंधेरा छा गया।’’ वह बताते हैं, ‘‘पास में मौजूद मेरी बेटी के भी चेहरे और गर्दन पर भी तेजाब के छींटे पड़े और वह भी कराह उठी।‘‘ वकील ने बताया,‘‘हमारी गली में 25 फरवरी को दिनभर तनाव था।

परिवार के सारे सदस्य घर में ही थे। शाम तक दंगाई भीड़ उग्र हो गई। हमने घर के दरवाजे बंद कर लिए। मैं बाहर का जायजा लेने छत पर गया था और नीचे देख ही रहा था तभी किसी ने मुझे निशाना बनाते हुए कांच की बोतल फेंकी जिसमें तेजाब भरा हुआ था। वकील ने बताया कि तेजाब की वजह से उनकी आंखों की रोशनी पूरी तरह जा चुकी है। उन्होंने कहा, ‘‘अभी इलाज चल रहा है और डाक्टरों ने भरोसा दिया है कि आंखें इतनी ठीक हो जाएंगी कि मैं बिना किसी सहारे के चल-फिर सकूं।’’

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पिछले वर्ष उत्तर पूर्वी दिल्ली के मुस्तफाबाद, करावल नगर, शिव विहार, चांद बाग, ब्रह्मपुरी, यमुना विहार, विजय पार्क, खजुरी और सुभाष मोहल्ला समेत कई इलाकों में हुए दंगों में एक पुलिस कर्मी समेत 53 लोगों की मौत हो गई थी और करीब 500 लोग जख्मी हुए थे। अब एक साल बाद पूरा इलाका दंगे से बरबाद हई जिंदगी की कहानियों से भरा पड़ा है। सबसे पहले हिंसा मौजपुर-बाबरपुर इलाके में दो समुदायों के बीच टकराव से शुरू हुई और इसके बाद मौजपुर, बाबरपुर, यमुना विहार, बृजपुरी समेत कई इलाकों में सैकड़ों घरों और दुकानों को आग लगा दी गई। इन दंगों ने वकील की तरह मोहम्मद अकरम की भी जिंदगी पूरी तरह से बदल दी। पेशे से जींस कटिंग मास्टर अकरम रोजाना 1000-1500 रुपये कमा लिया करते थे, लेकिन पिछले साल 24 फरवरी को एक घटना में घायल होने के बाद उनका एक हाथ काटना पड़ा तथा दूसरे हाथ की एक उंगली भी काटनी पड़ी।

अकरम ने बताया कि 24 फरवरी को इज्तिमे (धार्मिक सभा) में जाने के लिए वह घर से निकला था, लेकिन माहौल खराब देखकर वापस आने लगा तो दंगाइयों की भीड़ में फंस गया। उसने बताया,‘‘मैं वजीराबाद रोड पर दंगाइयों से बचकर भाग रहा था और इसी दौरान एक देसी बम मेरे नजदीक फटा जिससे मेरे हाथ पर गंभीर चोटें आईं। अगले दिन डॉक्टरों को मेरा एक हाथ और दूसरे हाथ की एक उंगली काटनी पड़ी।’’ बाईस साल के अकरम कहते हैं कि दिल्ली के दंगों के बाद उनकी जिंदगी को ही लकवा मार गया है। आंखों में आंसू लिए उसका कहना था कि अब तो ‘‘कमीज पहनने के लिए भी मुझे दूसरों की मदद लेनी पड़ रही है।’’ अकरम ने कहा कि अब वह कुछ काम नहीं कर सकता और घर पर ही रहता है। अकरम ने दावा किया कि पुलिस ने पहले इसे दुर्घटना का मामला बना दिया था और सरकार से सिर्फ 20,000 रुपये मिले थे लेकिन काफी चक्कर काटने और विधानसभा की समिति के समक्ष मामला उठने के बाद जनवरी में उन्हें पांच लाख रुपये का मुआवजा मिल गया है।

गौरतलब है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दंगों में अक्षम हुए व्यक्तियों के लिए पांच लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों के लिए दो लाख रुपये का ऐलान किया था। इसके अलावा जिनके घर पूरी तरह से नष्ट हो गए थे, उन्हें पांच लाख रुपये प्रति मंजिल की दर से मुआवजा मिलना था। दंगों को एक साल बीतने के बाद भी कई लोग मुआवजा मिलने का इंतजार कर रहे हैं। मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने शिव विहार इलाके में कई घरों का निर्माण कराया है, जिसमें वकील का घर भी शामिल हैं। वकील की पत्नी मुमताज़ ने रोते हुए बताया,‘‘दंगे के दौरान हमें कुछ दिन चमन पार्क के लोगों ने अपने यहां शरण दी। इसके बाद ईदगाह में लगे शिविर में कुछ दिन बिताए। जब घर वापस आए तो पाया कि घर जला दिया गया था।

सब कुछ खत्म हो गया था। उन्होंने बताया कि दंगों से कुछ दिन पहले ही उनके बड़े बेटे की एक कैंटीन में नौकरी लगी थी लेकिन पिता को अस्पताल लाने ले जाने की वजह से यह नौकरी भी छूट गई। दो बेटे बेरोजगार हैं जबकि छोटा बेटा और बेटी पढ़ रहे हैं। वकील ने बताया कि उन्हें सरकार की ओर से अब तक इलाज के लिए 1.80 लाख रुपये और घर के लिए एक लाख रुपये की राशि दी गई है, जबकि बेटी के इलाज के लिए सिर्फ 20,000 रुपये मिले हैं। वकील से संबंधित मामले में करावल नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज है।





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मध्य प्रदेश में अब आदिम जाति कल्याण विभाग का नाम जनजातीय विभाग हुआ

  •  दिनेश शुक्ल
  •  मार्च 4, 2021   23:37
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मध्य प्रदेश में अब आदिम जाति कल्याण विभाग का नाम जनजातीय विभाग हुआ

वही जनजातीय कार्य विभाग ने जनजातीय क्षेत्रों में 8 विकास कार्यों के लिये एक करोड़ 20 लाख रूपये की मंजूरी दी है। यह कार्य सीधी एवं उमरिया जिले में मंजूर किये गये हैं।

भोपाल। मध्य प्रदेश राजपत्र में प्रकाशित सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना के आधार पर आदिम जाति कल्याण विभाग के स्थान पर विभाग का नाम बदलकर जनजातीय कार्य विभाग किया गया है। इस संबंध में आयुक्त जनजातीय कार्य ने प्रदेश के समस्त कमिश्नर, कलेक्टर और मुख्य कार्यपालन आधिकारी जिला पंचायत को परिवर्तित नाम से पत्र व्यवहार करने के निर्देश जारी किए है। विभाग के संभागीय उपायुक्त, सहायक आयुक्त और जिला संयोजक को भी परिवर्तित नाम से पत्र व्यवहार करने के निर्देंश जारी किये गये हैं।

 

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वही जनजातीय कार्य विभाग ने जनजातीय क्षेत्रों में 8 विकास कार्यों के लिये एक करोड़ 20 लाख रूपये की मंजूरी दी है। यह कार्य सीधी एवं उमरिया जिले में मंजूर किये गये हैं। मंजूर किये गये कामों में सामुदायिक भवन निर्माण और हायर सेकेण्डरी स्कूल के बाउण्ड्री बाल के निर्माण कार्य प्रमुख हैं। विभाग ने निर्माण एजेंसियों को मंजूर कामों को गुणवत्ता के साथ नियत समय-सीमा में पूरा किये जाने के निर्देश दिये हैं।





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रायसेन में खनिज विभाग ने रेत का अवैध परिवहन करते 5 ट्रेक्टर ट्राली पकड़े

  •  नीलेन्द्र मिश्रा
  •  मार्च 4, 2021   23:21
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रायसेन में खनिज विभाग ने रेत का अवैध परिवहन करते 5 ट्रेक्टर ट्राली पकड़े

वही गुरूवार को मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रदेश में अवैध रेत उत्खनन का मामला विपक्ष ने जोरशोर से उठाया। विपक्ष का आरोप है कि अधिकारियों और सरकार के संरक्षण में पूरे प्रदेश में अवैध रेत खनन का कारोबार चल रहा है।

रायसेन। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले की नर्मदा नदी पर स्थित सतरावन रेत खदान से चोरी छिपे रेत खनन एवं परिवहन की सूचना पर कलेक्टर उमाशंकर भार्गव के निर्देश पर गुरुवार को 5 ट्रेक्टर ट्राली अवैध रेट परिवहन करते खनिज एवं पुलिस ने पकड़ी। जबकि मध्य प्रदेश विधानसभा में गुरूवार को सदन में विपक्ष ने प्रदेश में अवैध रेत उत्खनन को लेकर शिवराज सरकार को जमकर घेरा।

 

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खनिज अधिकारी आर के कैंथल एवं खनिज निरीक्षक राजीव कदम ने चोरी से अवैध रेत परिवहन करते पकड़े इन वाहनों पर एफआईआर भी दर्ज कराई एवं पकड़े  गए वाहनों को थाने में खड़ा करवाया गया। उल्लेखनीय है की एक दिन पहले भी एक पोकलेन्ड मशीन जप्त की गई थी। वही गुरूवार को मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रदेश में अवैध रेत उत्खनन का मामला विपक्ष ने जोरशोर से उठाया। विपक्ष का आरोप है कि अधिकारियों और सरकार के संरक्षण में पूरे प्रदेश में अवैध रेत खनन का कारोबार चल रहा है। 





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धनगर गायरी समाज ने जलाया सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का पुतला, मार्ग का नाम बदलने पर नाराजगी

  •  दिनेश शुक्ल
  •  मार्च 4, 2021   23:00
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धनगर गायरी समाज ने जलाया सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का पुतला, मार्ग का नाम बदलने पर नाराजगी

जिसके चलते समाजजनों ने गुरूवार को पूरे मध्य प्रदेश के साथ-साथ जिला मुख्यालय पर राज्यसभा सांसद सिंधिया पुतला जलाया और विरोध प्रदर्शन किया। जिसमें पुलिसकर्मियों के बीच जलते पुतले को लेकर खींचतान हुई।

मंदसौर। मध्य प्रदेश में धनगर गायरी समाज की राजमाता देवी अहिल्याबाई होलकर के नाम से न्यू टेकरी मार्ग इंदौर का नामकरण अब मध्य प्रदेश सरकार के पंचायत मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया के दादा जी सागर सिंह सिसौदिया के नाम से होगा।जिसकी घोषणा गुना में एक सरकारी कार्यक्रम में स्वयं राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने की है। जिसको लेकर घोषणा करने के बाद पूरे मध्य प्रदेश में  धनगर गायरी समाज में आक्रोश व्याप्त है। 

 

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जिसके चलते समाजजनों ने गुरूवार को पूरे मध्य प्रदेश के साथ-साथ जिला मुख्यालय पर राज्यसभा सांसद सिंधिया पुतला जलाया और विरोध प्रदर्शन किया। जिसमें पुलिसकर्मियों के बीच जलते पुतले को लेकर खींचतान हुई। इस अवसर पर गायरी समाज के प्रदेश महासचिव समरथ धनगर, जिला अध्यक्ष कैलाश पाटोद, युवा जिला अध्यक्ष अनिल धनगर, देव सेना जिला अध्यक्ष सुरेश धनगर, जगदीश फौजी,  मल्हारगढ़ तहसील अध्यक्ष विशाल धनगर सहित बड़ी संख्या में समाज जन उपस्थित थे।





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