उत्तर प्रदेश की बड़ी खबरें: उपमुख्यमंत्री बोले- बिना किसी भेदभाव के किए जा रहे हैं विकास एवं निर्माण कार्य, कानून व्यवस्था चुस्त और दुरुस्त

उत्तर प्रदेश की बड़ी खबरें: उपमुख्यमंत्री बोले- बिना किसी भेदभाव के किए जा रहे हैं विकास एवं निर्माण कार्य, कानून व्यवस्था चुस्त और दुरुस्त

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आज जनपद उन्नाव में निराला प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में जनपद की रूपये 371 करोड़ लागत की 119 परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया ,जिसमें रू0 7 करोड़ 90 लाख की परियोजनाओं का लोकार्पण व रू0 263 करोड़ की परियोजनाओं के शिलान्यास सम्मिलित हैं।

प्रदेश सरकार द्वारा प्रादेशिक स्टाफ प्रशिक्षण एवं शोध केन्द्र, अलीगंज, लखनऊ में निर्माणाधीन बहुमंजिला छात्रावास के निर्माण कार्य हेतु वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इस संबंध में व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास द्वारा शासनादेश जारी कर दिया गया है।

जारी शासनादेश के अनुसार प्रादेशिक स्टाफ प्रशिक्षण एवं शोध केन्द्र, अलीगंज लखनऊ में सीआईटीएस के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के अन्तर्गत 250 सीटों की क्षमता के बहुमंजिला छात्रावास निर्माण के संबंध में मूल्यांकित लागत 930.96 लाख रुपये पर प्रशासकीय एवं वित्तीय अनुमोदन प्रदान किया गया है। अब तक 800 लाख रुपये की धनराशि निर्गत की जा चुकी है। 

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प्रादेशिक स्टाफ प्रशिक्षण एवं शोध केन्द्र, अलीगंज, लखनऊ में सीआईटीएस के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के अन्तर्गत 250 सीटों की क्षमता के बहुमंजिला छात्रावास के निर्माण हेतु अवशेष धनराशि 130.96 लाख रुपये (रूपये एक करोड़ तीस लाख छियान्नबे हजार मात्र) की स्वीकृति वर्तमान वित्तीय वर्ष 2021-22 में करते हुए निवर्तन पर रखे जाने एवं व्यय किये जाने की स्वीकृति शर्तो/प्रतिबन्धों केअधीन प्रदान की गई है।

राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान

प्रदेश सरकार द्वारा राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, बडहलगंज गोरखपुर भवन निर्माण हेतु अवशेष धनराशि की वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी गयी है। इस संबंध में व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास द्वारा शासनादेश जारी कर दिया गया है। जारी शासनादेश के अनुसार मूल्यांकित लागत 839.25 लाख रुपये पर प्रशासकीय एवं वित्तीय अनुमोदन प्रदान करते हुए अब तक कुल 639.25 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, बडहलगंज गोरखपुर के भवन निर्माण हेतु अवशेष धनराशि 200 लाख रुपये (रूपये दो करोड़ मात्र) स्वीकृत करते हुए व्यय किये जाने की स्वीकृति शर्तो एवं प्रतिबन्धों के अधीन प्रदान की गई हैं।

सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना

सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना चालू वित्तीय वर्ष में पूरा होने की संभावना है। मौजूदा समय में इस परियोजना में 12.61 लाख हे0 सिंचन क्षमता सृजित हो गई है। परियोजना के पूरा होने पर 14.04 लाख हे0 सिंचन क्षमता सृजित होगी और 29.74 लाख किसान लाभान्वित होंगे।

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार यह परियोजना वर्ष 1978 में प्रारम्भ की गई थी, किन्तु धनाभाव के कारण इस परियोजना को पूरा कराने में समय लगा। मौजूदा समय में अर्थात वर्ष 2017 से लेकर अब तक 4126 करोड़ रुपये का चरणबद्ध धनावंटन कराया गया, जिसके कारण इस लम्बित परियोजना को पूरा होने की स्थिति में लाया जा सका। 

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इस परियोजना से आच्छादित बहराइच, श्रावस्ती, गोण्डा, बस्ती, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, संतकबीरनगर, महाराजगंज एवं गोरखपुर में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने हेतु कार्य कराया जा रहा है। इस परियोजना की पुनरीक्षित लागत 9802.68 करोड़ रुपये है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में पूरा होने वाली 12 परियोजना में से सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना सबसे महत्वपूर्ण है। पूरा होने के पश्चात पूरी क्षमता से चलाने पर पूर्वांचल के इन 09 जनपदों में किसानों को सिंचाई के लिए भरपूर लाभ प्राप्त होगा। इसके साथ ही किनारों पर आवागमन की भी सुविधा होगी।

नहर सफाई अभियान

उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री डा0 महेन्द्र सिंह ने रबी की फसलों के लिए किसानों को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के लिए 15 अक्टूबर से 30 नवम्बर तक नहरों की सिल्ट सफाई के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि रबी के सीजन में किसानों को भरपूर पानी उपलब्ध कराने के लिए नहरों को पूरी क्षमता से चलाने के लिए सिल्ट सफाई का कार्य जरूरी है। उन्होंने डिसिल्टिंग के लिए अभियान चलाकर 31 हजार किलोमीटर की लम्बाई में माइनरों तथा 14 हजार किलोमीटर की लम्बाई में राजबाहों की सिल्ट सफाई का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा है कि तय की गई सीमा में नहरों की सफाई का कार्य पूरा किया जाना चाहिए। इसमें किसी प्रकार लपरवाही नहीं होनी चाहिए।

डा0 महेन्द्र सिंह आज सिंचाई विभाग के मुख्यालय में राज्यमंत्री जलशक्ति बलदेव सिंह औलख के साथ नहरों की सफाई के लिए अभियान चलाने की रणनीति पर बैठक कर रहे थे। उन्होंने इस मौके पर विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस बार भी पिछले साल की तरह नहरों की शतप्रतिशत सफाई सुनिश्चित कराकर रिकार्ड कायम किया जाए। उन्होंने कहा कि सिल्ट सफाई में पारदर्शिता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए समस्त क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, सांसदों, विधायकों आदि की सहभागिता सुनिश्चित करायी जाए तथा उनके सुझावों के आधार पर किसानों के हित में नहर सफाई का अभियान चलाया जाए। 

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जलशक्ति मंत्री ने कहा कि अभियान की शुरूआत जनप्रतिनिधियों से करायी जाए तथा समय-समय पर इस कार्य का निरीक्षण करने के लिए उनसे अनुरोध किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि गुणवत्ता के साथ कार्य पूरा होने के पश्चात संबंधित अभियन्ता जनप्रतिनिधियों से सर्टिफिकेट भी प्राप्त करें। उन्होंने आगे कहा कि अभियान के लिए 186 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल के दौरान बेहतर जल प्रबंधन सुनिश्चित करते हुए लगातार इस वर्ष भी सिंचित एरिया में बढ़ोत्तरी करने में सफलता प्राप्त हुई है। जहॉ वर्ष 2016-17 में 82.58 लाख हे0 सिंचित क्षेत्र था। इसे बढ़ाकर 93.92 लाख हे0 तक पहुंचा दिया गया है।

डा0 महेन्द्र सिंह ने कहा कि इस प्रकार चार वर्षों में ही 11.34 लाख हे0 सिंचित क्षेत्र में बढ़ोत्तरी हुई है। राज्य सरकार की इच्छाशक्ति के कारण यह संभव हो पाया है, क्योंकि किसानों की खुशहाली एवं उनकी आय दोगुनी करने का कार्य सरकार की प्राथमिकता में है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016-17 में 29579 किलोमीटर लम्बाई में सिल्ट की सफाई हो पायी थी। इसके विपरीत अब हर साल 46,000 किलोमीटर से अधिक सिल्ट की सफाई करायी जा रही है। बैठक में उन्होंने अभियन्ताओं से व्यक्तिगत जानकारी प्राप्त करके सिल्ट सफाई करने के बारे में आवश्यक निर्देश दिए। क्षेत्र के समस्त अधिशासी अभियन्ता वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े हुए थे। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष एवं प्रमुख अभियन्ता वी0के0 निरंजन ने अभियन्ताओं को विस्तार से दिशा-निर्देश दिए।

जलशक्ति राज्यमंत्री बी0एस0 औलख ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि किसी नहर पर क्षेत्र पंचायतें अथवा ग्राम पंचायतें कार्य करना चाहती हों तो विभाग के देखरेख में उन्हें कार्य करने की अनुमति प्रदान करने पर विचार किया जाए। अपर मुख्य सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन टी0 वेंकटेश ने विभागीय अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि अधिकारी श्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए मा0 मंत्री जी द्वारा दिए गए निर्देशों का शतप्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करें।

समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन अनिल गर्ग, प्रमुख अभियन्ता परियोजना मुश्ताक अहमद, प्रमुख अभियन्ता गण, मुख्य अभियन्ता एवं अधीक्षण अभियन्ताओं के अतिरिक्त अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे। 

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प्रधानमंत्री आवास योजना

राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत वर्तमान वित्तीय वर्ष में केन्द्रांश की प्रथम किश्त की द्वितीय अंश की धनराशि 20911.42 लाख रूपये (रूपये दो अरब नौ करोड़ ग्यारह लाख बयालिस हजार मात्र) स्वीकृत करते हुए आयुक्त ग्राम्य विकास, उत्तर प्रदेश के निवर्तन पर रखने के निर्देश दिये हैं।

इस सम्बन्ध में अग्रेतर कार्यवाही के लिए आयुक्त, ग्राम्य विकास विभाग, उ0प्र0 को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये हैं, जिसमें कहा गया है कि स्वीकृत की जा रही धनराशि का उपयोग अनुमन्य धनराशि की सीमा तक ही किया जायेगा। पूर्व में कराये गये निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से पूर्ण रूप से संतुष्ट होने पर ही वास्तविक आवश्यकता के अनुसार अग्रतर किश्त व धनराशि का आहरण किया जायेगा।

विकास और सुशासन के रास्ते पर अग्रसर है उत्तर प्रदेश

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आज जनपद उन्नाव में निराला प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में जनपद की रूपये 371 करोड़ लागत की 119 परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया ,जिसमें रू0 7 करोड़ 90 लाख की परियोजनाओं का लोकार्पण व रू0 263 करोड़ की परियोजनाओं के शिलान्यास सम्मिलित हैं।

उन्होंने जनपद में सभी विधानसभा क्षेत्रों के लिए रू0 467 करोड़ के नए कार्यों की घोषणा की। उन्होंने कहा जनपद में व प्रदेश में चहुंमुखी व बहुमुखी विकास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं की घोषणा की गई है, उनके निर्माण कार्य भी शीघ्र से शीघ्र प्रारंभ होंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं के शिलान्यास व लोकार्पण आज किए गए हैं, सम्बन्धित अधिकारी तत्काल संबंधित स्थल पर शिलापट जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में लगवायें। 

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उपमुख्यमंत्री ने अपने सारगर्भित संबोधन में कहा कि कोरोना संक्रमण के संकट काल के बावजूद भी प्रदेश के समस्त जिलों में समान रूप से बिना किसी भेदभाव के विकास किया जा रहा है तथा सबका साथ-सबका विकास -सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूल मंत्र के साथ विकास योजनाओं को अमलीजामा पहनाया जा रहा है। केंद्र सरकार व उत्तर प्रदेश सरकार की विभिन्न ग्रामीणोन्मुखी विकासोन्मुखी योजनाओं की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि अब सीधे लाभार्थियों के खाते में पैसा भेजा जा रहा है और बिचौलिए कहीं भी सक्रिय नहीं है। यह भ्रष्टाचार पर एक बहुत बड़ी चोट है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बहुत बेहतर है और भ्रष्टाचार पर पूरी तरह से अंकुश लगाया गया है।गरीबों, किसानों ,मजदूरों और सर्व समाज के लोगों को उनके हक पूरी तरह से मुहैया कराया जा रहा है। उन्होंने कहा देश की सीमाओं पर भी सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में कश्मीर में धारा 370 हटाकर साबित कर दिया है कि देश मे एक विधान-एक निशान रहेगा।

इस अवसर पर सांसद सच्चिदानंद हरि साक्षी महाराज, विधायक पंकज गुप्ता विधायक अनिल सिंह, विधायक बम्बालाल दिवाकर, विधायक कांत कटियार, विधायक बृजेश रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष शकुन सिंह, अवधेश कटियार, आनंद अवस्थी, नीरज गुप्ता राजकिशोर रावत, राधेश्याम रावत, गंगा प्रसाद वर्मा, गिरजा शंकर गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी सहित भारी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।

राजकीय इंजीनियरिंग कालेज सोनभद्र

प्रदेश सरकार ने जनपद सोनभद्र के राजकीय इंजीनियरिंग कालेज के निर्माण हेतु अवशेष धनराशि 612.85 लाख रूपये मंजूर किये हैं।

प्राविधिक शिक्षा विभाग ने इस सम्बन्ध में आदेश जारी कर दिये हैं। आदेशानुसार निर्माण कार्य की विशिष्टयां, मानक व गुणवत्ता की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था की होगी। निदेशक, प्राविधिक शिक्षा, कानपुर के माध्यम से कार्यदायी संस्था उपयोगिता प्रमाण-पत्र समयान्तर्गत शासन को उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करेगी।





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