कांग्रेस में नहीं थम रहा पत्र से जुड़ा विवाद, जितिन के खिलाफ यूपी में प्रस्ताव पारित

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अगस्त 28, 2020   08:14
कांग्रेस में नहीं थम रहा पत्र से जुड़ा विवाद, जितिन के खिलाफ यूपी में प्रस्ताव पारित

जिला इकाई ने इस पत्र को पार्टी के नेतृत्व के खिलाफ करार देते हुए कहा कि यह संकेत देता है कि इस पर हस्ताक्षर करने वालों का सोनिया गांधी और कांग्रेस में विश्वास नहीं है। जिला इकाई ने उन पर भाजपा की तरफ से काम करने का आरोप लगाया।

नयी दिल्ली/लखनऊ। कांग्रेस में व्यापक बदलाव और पूर्णकालिक अध्यक्ष की मांग को लेकर सोनिया गांधी को लिखे गए पत्र से पैदा विवाद अभी थमता नहीं दिख रहा है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले की पार्टी इकाई ने कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) के विशेष आमंत्रित सदस्य जितिन प्रसाद के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए एक प्रस्ताव पारित कर दिया, जिस पर पार्टी के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। सिब्बल ने कहा कि प्रसाद को ‘आधिकारिक तौर पर निशाना बनाया जाना’ दुर्भाग्यपूर्ण है तथा कांग्रेस को अपने लोगों के बजाय भाजपा पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ करनी चाहिए। पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने भी सिब्बल की इस बात का परोक्ष रूप से समर्थन किया। गौरतलब है कि सिब्बल, तिवारी और प्रसाद उन 23 नेताओं में शामिल हैं जिन्होंने कांग्रेस के संगठन में व्यापक बदलाव, सामूहिक नेतृत्व और पूर्णकालिक अध्यक्ष की मांग को लेकर हाल ही में सोनिया गांधी को पत्र लिखा था। इसको लेकर बड़ा विवाद खड़ा हुआ।

कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में इस पत्र को लेकर हंगामा होने के दो दिन बाद बुधवार को पार्टी की लखीमपुर खीरी इकाई ने बुधवार को एक आपात बैठक बुलाकर प्रसाद के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग करते हुए प्रस्ताव पारित किया। पार्टी के जिलाध्यक्ष प्रह्लाद पटेल ने बृहस्पतिवार को पीटीआई-को यह जानकारी दी। पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले नेताओं की इस प्रस्ताव में आलोचना की गई है, लेकिन इसमें प्रसाद को विशेष रूप से निशाना बनाया गया है। दरअसल, पत्र को कांग्रेस में कई लोग सोनिया के नेतृत्व को चुनौती के रूप में देख रहे हैं। पटेल के अनुसार प्रस्ताव में कहा गया है, ‘‘उत्तर प्रदेश से पत्र पर केवल पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने हस्ताक्षर किये हैं। उनका पारिवारिक इतिहास गांधी परिवार के खिलाफ रहा है और उनके पिता जितेन्द्र प्रसाद भी सोनिया गांधी के खिलाफ चुनाव लड़े थे। उसके बावजूद सोनिया गांधी ने जितिन प्रसाद को टिकट दिया, उन्हें सांसद और मंत्री बनाया।’’ प्रस्ताव के अनुसार, जितिन प्रसाद द्वारा किया गया कृत्य घोर अनुशासनहीनता है तथा जिला एवं शहर कांग्रेस इकाइयों का मानना है कि उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई होनी चाहिए। प्रस्ताव में कहा गया है, ‘‘सोनिया गांधी पार्टी की एकमात्र सर्वमान्य नेता हैं। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर हम पूर्ण विश्वास रखते हैं। यदि परिवर्तन होता है तो राहुल गांधी को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए।’’ 

इसे भी पढ़ें: कांग्रेस को अपनों पर नहीं, भाजपा पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ करने की जरूरत: सिब्बल

जिला इकाई ने इस पत्र को पार्टी के नेतृत्व के खिलाफ करार देते हुए कहा कि यह संकेत देता है कि इस पर हस्ताक्षर करने वालों का सोनिया गांधी और कांग्रेस में विश्वास नहीं है। जिला इकाई ने उन पर भाजपा की तरफ से काम करने का आरोप लगाया। जिला कांग्रेस कमेटी ने सोनिया गांधी को एक पत्र भेज कर इस प्रस्ताव के बारे में अवगत कराया है। इस बीच प्रस्ताव को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव धीरज गुर्जर सहित कुछ नेताओं पर गंभीर आरोप लगाने संबंधी एक कथित आडियो भी सामने आया है, जिसके बारे में पूछने पर जिलाध्यक्ष प्रह्लाद पटेल ने कहा, आईटी सेल वाले लड़के सब तोड़ मरोड़कर बना लेते हैं। जब एक निन्दा प्रस्ताव हुआ है तो हुआ है।’’ इस ऑडियो के बारे में पूछे जाने पर गुर्जर ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘इस प्रस्ताव के पारित होने के बाद हमें इसकी जानकारी मिली। इससे पहले इस संदर्भ में लखीमपुर खीरी के जिला कांग्रेस अध्यक्ष से मेरी कोई बात नहीं हुई।’’ प्रस्ताव के बारे में जितिन प्रसाद का पक्ष जानने के लिए उनसे संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।