स्कूल मान्यता रिश्वत मामले में DMK नेता Anbil Mahesh से CCB ने की पूछताछ

तमिलनाडु के पूर्व स्कूली शिक्षा मंत्री अनबिल महेश पोय्यामोई शुक्रवार को निजी विद्यालयों को मंजूरी देने में कथित धोखाधड़ी के मामले में चेन्नई अपराध शाखा के समक्ष पेश हुए। जांच एजेंसी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामले में उनसे करीब एक घंटे तक पूछताछ की। बुधवार को उनके चेन्नई और तिरुचिरापल्ली स्थित ठिकानों पर 100 करोड़ रुपये के कथित रिश्वत मामले में आठ घंटे छापेमारी की गई थी।
तमिलनाडु के पूर्व स्कूली शिक्षा मंत्री अनबिल महेश पोय्यामोई निजी विद्यालयों को मंजूरी देने में हुई कथित धोखाधड़ी मामले में पूछताछ के लिए शुक्रवार को चेन्नई केंद्रीय अपराध शाखा (सीसीबी) के समक्ष पेश हुए। राज्य की मुख्य विपक्षी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेता महेश के खिलाफ सीसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। वह अपने वकीलों के साथ सीसीबी कार्यालय पहुंचे।
एक सूत्र ने बताया कि पुलिस ने उनसे करीब एक घंटे तक पूछताछ की। यह पूछताछ बुधवार को सीसीबी द्वारा चेन्नई और तिरुचिरापल्ली में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) नेता के घरों और ठिकानों पर आठ घंटे तक चली सघन तलाशी के बाद की गई है। यह तलाशी 100 करोड़ रुपये के कथित रिश्वतखोरी मामले में की गई थी।
आरोप है कि सरकारी मान्यता स्थायी रूप से दिलाने के बदले 177 निजी विद्यालयों के प्रबंधन से उक्त राशि ली गई थी। एक निजी विद्यालय संघ की शिकायत पर की गई छापेमारी के दौरान संपत्ति के दस्तावेज, बैंक स्टेटमेंट, 18 मोबाइल फोन, लैपटॉप और टैबलेट समेत कुल 118 वस्तुएं जब्त की गईं। पुलिस ने जून में इस मामले को लेकर बी टी अरासाकुमार और दो अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था।
तलाशी की कार्रवाई के बाद अनबिल महेश ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने छापेमारी को सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) की ‘राजनीतिक बदले की भावना’ से की गई कार्रवाई और मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश करार दिया। द्रमुक नेता ने दावा किया कि उनके खिलाफ यह कार्रवाई राज्य सरकार की उस योजना की आलोचना करने वाले उनके सार्वजनिक भाषणों के बाद की गई, जिसके तहत अनुमानित 1,200 करोड़ रुपये की लागत से एक नया सचिवालय-विधानसभा परिसर बनाया जाना है।
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