DMK का Rahul Gandhi पर तीखा हमला: 'विपक्षी एकता के लिए बड़ा मज़ाक, राजनीतिक रूप से अपरिपक्व'

DMK ने राहुल गांधी को विपक्ष की एकता पर उपदेश देने के बावजूद INDIA गठबंधन के भीतर फूट डालने का दोषी ठहराया है। तमिलनाडु चुनावों के बाद कांग्रेस के अलग होने के फ़ैसले से नाराज़ DMK ने राहुल पर राजनीतिक सहयोगियों को छोड़ने और गठबंधन को कमज़ोर करने का आरोप लगाया है। यह तीखी आलोचना DMK के आधिकारिक मुखपत्र 'मुरासोली' और IT विंग द्वारा की गई है, जो कांग्रेस के प्रति उनकी बढ़ती असहमति को दर्शाती है।
तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में करारी हार के एक महीने बाद, DMK ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी पर दोतरफा हमला बोला है। पार्टी ने उन पर विपक्ष की एकता को कमजोर करने और राजनीतिक सहयोगियों के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया है। दोनों पूर्व सहयोगियों के बीच बढ़ते तनाव के बीच, यह आलोचना DMK के IT विंग और पार्टी के आधिकारिक मुखपत्र 'मुरासोली' के ज़रिए की गई।
इसे भी पढ़ें: Chai Par Sameeksha: Mamata Banerjee, Abhishek Banerjee, TMC से किसी को सहानुभूति क्यों नहीं हो रही?
चुनाव के बाद तमिलनाडु में DMK के नेतृत्व वाले गठबंधन से अलग होने के कांग्रेस के फ़ैसले के बाद, DMK IT विंग ने सोशल मीडिया पर राहुल गांधी और कांग्रेस की आलोचना की। गठबंधन से कांग्रेस के अलग होने का ज़िक्र करते हुए, DMK IT विंग ने पोस्ट किया कि जब कांग्रेस अपने राजनीतिक अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही थी, तब हमने उन्हें अपने कंधों पर ढोया, लेकिन जैसे ही उन्हें कोई नया आकर्षक खिलौना दिखा, वे हमें छोड़कर चले गए।
पोस्ट के आखिर में राहुल गांधी को एक बड़ा मज़ाक बताया गया। विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस और DMK के बीच मतभेद होने के बाद से, DMK की ओर से कांग्रेस नेता पर किए गए सबसे तीखे सार्वजनिक हमलों में से एक था यह बयान। वहीं, सोमवार को 'मुरासोली' में छपे एक संपादकीय में राहुल गांधी पर आरोप लगाया गया कि वे 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के सहयोगियों के बीच एकता की सार्वजनिक रूप से वकालत करने के बावजूद, विपक्ष के खेमे में फूट डालने का काम कर रहे हैं।
इसे भी पढ़ें: अगर Indira Gandhi आज होतीं तो BJP पर बैन लगा देतीं: Ashok Gehlot का बयान, सियासी घमासान
संपादकीय में 'इंडिया' गठबंधन की हालिया बैठक के बाद राहुल गांधी की टिप्पणियों पर आपत्ति जताई गई और कहा गया कि उन्होंने खुद विपक्षी दलों के बीच सहयोग को कमजोर करने में भूमिका निभाई है। संपादकीय में सवाल किया गया, "राहुल गांधी एकता का उपदेश दे रहे हैं। लेकिन अलग-अलग राज्यों में उस एकता को कमजोर किसने किया?" लेख में तर्क दिया गया कि कांग्रेस विपक्ष की एकता के बारे में बात नहीं कर सकती, जबकि गठबंधन के कई सहयोगियों ने उस पर उनके राजनीतिक हितों के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया है।
देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
अन्य न्यूज़















