Kirti Azad बोले: बागी TMC सांसद 'गद्दार', जिस NCPI में गए उसका अस्तित्व नहीं!

Kirti Azad
ANI
अंकित सिंह । Jun 16 2026 1:06PM

तृणमूल कांग्रेस के कीर्ति आज़ाद ने 20 बागी सांसदों के एनसीपीआई में विलय को 'लोकतंत्र-विरोधी' बताया है, इसे निजी महत्वाकांक्षा और मंत्री पदों की होड़ से प्रेरित करार दिया। उन्होंने एनसीपीआई की कानूनी वैधता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह एक गैर-मान्यता प्राप्त और अस्तित्वहीन पार्टी है, जिसका संसद में कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। टीएमसी ने लोकसभा स्पीकर को भी इस विलय की अमान्यता से अवगत करा दिया है, जो पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा उथल-पुथल है।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कीर्ति आज़ाद ने मंगलवार को उन 20 बागी TMC सांसदों पर तीखा हमला बोला, जो 'नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ़ इंडिया' (NCPI) में शामिल हो गए हैं। उन्होंने इन सांसदों को गद्दार कहा और उस राजनीतिक संगठन की कानूनी वैधता पर सवाल उठाए, जिसमें वे शामिल हुए हैं। ANI से बात करते हुए, आज़ाद ने अलग हुए गुट के कदम को खारिज कर दिया और पुष्टि की कि TMC ने लोकसभा स्पीकर को आधिकारिक तौर पर अपना रुख बता दिया है।

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आज़ाद ने कहा कि लोकसभा स्पीकर को लिखे हमारे पत्र में साफ़ तौर पर कहा गया है कि असली TMC ममता बनर्जी की है, क्योंकि यह राजनीतिक पार्टी उन्हीं की है। स्पीकर को (20 बागी TMC सांसदों की ओर से) दिया गया पत्र गुमराह करने वाला है। आज़ाद ने आगे दावा किया कि यह कदम विचारधारा के बजाय निजी महत्वाकांक्षा से प्रेरित था और आरोप लगाया कि संभावित मंत्री पदों को लेकर बागी नेताओं के बीच मतभेद थे।

आज़ाद ने कहा कि गद्दारों (बागी TMC सांसदों) के बीच इस बात को लेकर बगावत है कि मंत्री (MoS) कौन बनेगा। जिस पार्टी में वे शामिल हुए हैं, उसका संसद में कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। यह एक गैर-मान्यता प्राप्त और अपंजीकृत पार्टी है। इसकी कोई पहचान नहीं है। TMC नेता ने इस कदम को लोकतंत्र-विरोधी बताते हुए इसकी कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि 'नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ़ इंडिया' (NCPI) के मौजूदा स्टेटस को देखते हुए इस विलय का कोई राजनीतिक या कानूनी महत्व नहीं है।

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उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक नहीं है। आप ऐसी पार्टी के साथ कैसे मिल सकते हैं जिसका कोई अस्तित्व ही नहीं है? वे ऐसी पार्टी में पदों के लिए आपस में लड़ रहे हैं जो संसदीय नक्शे पर भी मौजूद नहीं है। यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल की राजनीति में आए बड़े उथल-पुथल के बीच हुआ है, जिसमें तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 लोकसभा सांसदों ने नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ़ इंडिया (NCPI) के साथ विलय कर लिया है और नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) को समर्थन दिया है।

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