ED ने Mumbai Airport से वकील को पकड़ा, 28000 करोड़ के साइबर फ्रॉड में कार्रवाई

प्रवर्तन निदेशालय ने पणजी इकाई की कार्रवाई के तहत मुंबई हवाई अड्डे से वकील राशेष उपाध्याय उर्फ राशेष शाह को हिरासत में लिया। आरोपी को धनशोधन निवारण अधिनियम की विशेष अदालत ने 29 अक्टूबर तक ईडी की हिरासत में भेज दिया है। यह कार्रवाई 28,000 करोड़ रुपये के लेनदेन से जुड़े देशव्यापी साइबर फ्रॉड मामले में सातवीं गिरफ्तारी है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को 28,000 करोड़ रुपये के लेन-देन से जुड़ी कथित देशव्यापी साइबर धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट के मामले में धनशोधन की जांच के तहत मुंबई हवाई अड्डे से एक वकील को गिरफ्तार किया। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। इसके साथ ही इस मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या सात हो गई है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की पणजी इकाई की एक टीम ने राशेष उपाध्याय उर्फ राशेष शाह को छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के अंदर ‘बोर्डिंग गेट’ (विमान में सवार होने वाले स्थान) पर उस समय रोक लिया, जब वह दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाला था। सूत्रों ने बताया कि सीमा शुल्क और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के अधिकारियों ने उपाध्याय को पकड़ने में ईडी की मदद की। उन्होंने बताया कि आरोपी को पणजी ले जाया गया और धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया, जिसने उसे 29 अक्टूबर तक ईडी की हिरासत में भेज दिया।
इस मामले में ईडी द्वारा की गई यह सातवीं गिरफ्तारी है। केंद्रीय एजेंसी ने इससे पहले एक बयान में कहा था कि मामले की जांच गोवा पुलिस द्वारा नौ जून 2025 को दर्ज एक प्राथमिकी के बाद शुरू हुई थी। ईडी ने उपाध्याय को हिरासत में भेजे जाने की मांग करते हुए अदालत को बताया कि वह नेटवर्क की एक मुख्य कड़ी था।
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