KPSC परीक्षा धांधली: ED ने पूर्व अध्यक्ष शिवशंकरप्पा साहूकार और सदस्य को किया गिरफ्तार

KPSC परीक्षा धांधली: ED ने पूर्व अध्यक्ष शिवशंकरप्पा साहूकार और सदस्य को किया गिरफ्तार
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प्रवर्तन निदेशालय ने कर्नाटक लोक सेवा आयोग की भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में यह कार्रवाई की है। जांच एजेंसी के अनुसार पशु चिकित्सा अधिकारियों के पदों पर चयन के लिए अभ्यर्थियों से 70 से 80 लाख रुपये तक की रिश्वत मांगी गई थी। मामले में प्रश्नपत्र लीक और ओएमआर शीट से छेड़छाड़ के आरोपों की भी जांच जारी है।

बेंगलुरु, सात अक्टूबर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कुछ परीक्षाओं के आयोजन में कथित अनियमितताओं से जुड़े धनशोधन मामले की जांच के तहत कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) के निलंबित अध्यक्ष शिवशंकरप्पा एस. साहूकार और सदस्य बी. वी. गीता को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दोनों को धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत छह अक्टूबर को हिरासत में लिया गया।

ईडी का मामला राज्य पुलिस द्वारा दर्ज की गई कई प्राथमिकी पर आधारित है। इन प्राथमिकियों में केपीएससी द्वारा 400 पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच की जा रही है। केंद्रीय एजेंसी ने इस मामले की जांच के तहत इससे पहले कर्नाटक लोक सेवा आयोग के पूर्व परीक्षा नियंत्रक एवं भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार और कथित बिचौलिए बसवराज कनाले को गिरफ्तार किया था।

ईडी का आरोप है कि कुछ बिचौलियों ने शिकायतकर्ता समेत उम्मीदवारों से संपर्क किया और चयन के लिए प्रति उम्मीदवार 70 लाख से 80 लाख रुपये तक की रिश्वत मांगी। अधिकारियों ने पहले बताया था कि एजेंसी प्रश्नपत्र लीक होने, ओएमआर उत्तर पुस्तिकाओं में छेड़छाड़ और केपीएससी अधिकारियों के रिश्तेदारों के अंतिम चयन में मदद किए जाने के आरोपों की भी जांच कर रही है।

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