आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से मिले एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस, मुलाकात के बाद CM ने दिया यह बयान

Eknath Shinde and Devendra Fadnavis met RSS chief
ANI
अंकित सिंह । Aug 01, 2022 10:32PM
एकनाथ शिंदे ने मोहन भागवत को कॉल पहनाया। इस मुलाकात के दौरान उप मुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद रहे। इस मुलाकात को इस लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि आने वाले दिनों में महाराष्ट्र में कैबिनेट विस्तार होना है। यह मुलाकात मुंबई के आरएसएस दफ्तर में हुई है।

महाराष्ट्र में राजनीतिक हलचल तेज है। इन सबके बीच नवनियुक्त मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात की है। यह मुलाकात अपने आप में कई मायनों में बेहद महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। खबर के मुताबिक मोहन भागवत ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को एक पुस्तक देकर अभिनंदन किया। एकनाथ शिंदे ने मोहन भागवत को कॉल पहनाया। इस मुलाकात के दौरान उप मुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद रहे। इस मुलाकात को इस लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि आने वाले दिनों में महाराष्ट्र में कैबिनेट विस्तार होना है। यह मुलाकात मुंबई के आरएसएस दफ्तर में हुई है।

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मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का बयान भी सामने आ गया है। अपने बयान में एकनाथ शिंदे ने कहा कि सीएम और डीसीएम का कार्यभार संभालने के बाद हम आरएसएस प्रमुख से मिले। हम उनसे पहले भी मिल चुके हैं, हमारी सरकार हिंदुत्व की विचारधारा पर बनी है और हमने उसी के लिए उनका आशीर्वाद लिया। हम बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा को आगे बढ़ा रहे हैं। इससे पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि 2019 के चुनावों के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ मुख्यमंत्री पद साझा करने का मुद्दा बातचीत के जरिए सुलझाया जा सकता था। 

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शिंदे ने औरंगाबाद जिले में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि कुछ लोगों ने चुनावों के बाद ‘‘अड़ियल रुख’’ अपना लिया था, जिसका मतलब था कि वे भाजपा के साथ सरकार नहीं बनाना चाहते थे, जबकि दोनों दलों को जनादेश मिला था। मुख्यमंत्री ने ठाकरे का नाम लिए बगैर कहा, ‘‘कुछ लोगों ने कहा कि शिवसेना को पहले ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री का पद मिलना चाहिए। अगर यह शर्त मानी जाती है तभी दोनों दलों (शिवसेना और भाजपा) के बीच सरकार बनाने के लिए बातचीत आगे बढ़ सकती है।’’

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