'गुजराती-राजस्थानी' वाले अपने बयान पर भगत सिंह कोश्यारी ने मांगी माफी, कहा- देश के विकास में सबका योगदान

Bhagat Singh Koshyari
ANI
अंकित सिंह । Aug 01, 2022 7:46PM
महाराष्ट्र के राज्यपाल ने माफी मांगते हुए कहा है कि मुझसे गलती हो गई। कुछ समाज के योगदान की चर्चा करने में गलती हो गई। देश के विकास में सभी का योगदान है। मुझे पिछले 3 सालों में महाराष्ट्र में बहुत सम्मान मिला है।

हाल में ही महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी अपने बयान की वजह से घिर गए थे। उनके बयान के खिलाफ लगातार महाराष्ट्र के राजनीतिक दलों पर निशाना साथ रहे थे। हालांकि, उन्होंने इस को लेकर सफाई भी दी थी। बावजूद, इसके खिलाफ लगातार महाराष्ट्र के कई हिस्सों में प्रदर्शन देखने को मिला। इन सबके बीच आज राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने माफी मांग ली है। महाराष्ट्र के राज्यपाल ने माफी मांगते हुए कहा है कि मुझसे गलती हो गई। कुछ समाज के योगदान की चर्चा करने में गलती हो गई। देश के विकास में सभी का योगदान है। मुझे पिछले 3 सालों में महाराष्ट्र में बहुत सम्मान मिला है। अपने माफीनामे में भगत सिंह कोश्यारी ने लिखा कि एक सार्वजनिक कार्यक्रम में मुंबई के विकास में कुछ समुदायों के योगदान की प्रशंसा करने में संभवत: मेरी ओर से कुछ चूक हो गई। 

इसे भी पढ़ें: आदित्य ठाकरे का बड़ा आरोप, महाराष्ट्र को विभाजित करने की हो रही कोशिश, विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा

उन्होंने आगे लिखा कि महाराष्ट्र ही नहीं, समस्त भारतवर्ष में विकास का सभी का विशेष योगदान रहता है। विशेषकर संबंधित प्रदेश की उदारता व सबको साथ लेकर चलने की उज्जवल परंपरा से ही आज देश प्रगति की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि विगत 3 वर्षों में महाराष्ट्र की जनता का मुझे अपार प्रेम मिला है। मैंने महाराष्ट्र और मराठी भाषा के सम्मान बढ़ाने का पूरा प्रयास किया है। उन्होंने लिखा कि उक्त भाषण में मुझसे अनायास कुछ भूल हो गई हो तो इस भूल को महाराष्ट्र जैसे महान प्रदेश की अवमानना के रूप में लेने की तो कल्पना भी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के महान संतों की परंपरा में अपने इस विनम्र राज्यसेवक को क्षमा कर अपने विशाल हृदयादा का परिचय देंगे।

इसे भी पढ़ें: 'मुझे संजय राउत पर गर्व', उद्धव ठाकरे बोले- झुकने वाला कभी शिवसैनिक नहीं हो सकता

इससे पहले अपने सफाई में राज्यपाल ने कहा था कि महाराष्ट्र को आगे लाने में मराठी लोगों का योगदान सबसे अधिक है। उन्होंने मुंबई को महाराष्ट्र का गौरव बताया और साथ ही साथ कहा कि यह देश की वित्तीय राजधानी भी है। मराठी लोगों को कम आंकने का मेरा कोई इरादा नहीं था। मैनें केवल गुजरातियों और राजस्थानियों के योगदान पर बात की थी। मराठी लोगों ने कड़ी मेहनत करके महाराष्ट्र का निर्माण किया है। यही कारण है कि आज कई मराठी उद्यमी प्रसिद्ध है। राज्यपाल की ओर से कहा गया है कि मुझे गर्व है कि मुझे छत्रपति शिवाजी महाराज और मराठी जनता के इस धरती पर राज्यपाल के रूप में काम करने का मौका मिला है।

नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

अन्य न्यूज़