जहर खाकर किसान ने की आत्महत्या, कांग्रेस ने सरकार पर लगाएं आरोप

जहर खाकर किसान ने की आत्महत्या, कांग्रेस ने सरकार पर लगाएं आरोप

ईश्वर सिंह ने अपनी जिंदगी से तंग आकर आत्महत्या कर ली। वहीं उसकी बेटी खुशबू ने भी पिता के सदमें में आकर सुसाइड कर लिया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि किसान कर्ज के चलते परेशान था।

भोपाल। मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में एक किसान के आत्महत्या करने की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि वे बाजार से जहर लेकर आया और पत्नी से कहा कि तू मेरे साथ जहर खाएगी। इसके बाद वह खुद जहर खाकर पुड़िया घर में रखकर कहीं चला गया। कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। वहीं उसकी 16 साल की बेटी को जब ये बात पता चली तो उसने भी जहर खा लिया और उसकी भी मौत हो गई।

इसे भी पढ़ें:इंदौर में अवैध निर्माण गिराकर 1,000 करोड़ की सरकारी जमीन मुक्त कराई गई 

दरअसल ईश्वर सिंह ने अपनी जिंदगी से तंग आकर आत्महत्या कर ली। वहीं उसकी बेटी खुशबू ने भी पिता के सदमें में आकर सुसाइड कर लिया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि किसान कर्ज के चलते परेशान था।

बता दें कि ईश्वर सिंह सांपखेड़ा गांव में जमीन लीज पर लेकर सब्जियों की खेती करता था। उसने यह जमीन गांव के ही सुशील अग्रवाल से 4 बीघा जमीन किराए पर ली थी। लेकिन कुछ दिन बाद ही दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया।

इसे भी पढ़ें:वल्लभ भवन के पास बनेगा हेलिपैड, जमीन आवंटन की प्रक्रिया हुई शुरू 

मामले की जांच कर रहे टीआई उदय सिंह ने कहा कि पीड़ित परिवार के दी शिकायत के मुताबिक, मामला दर्ज लिया है। जांच की जा रही है, जल्द ही आरोपी को पकड़कर कार्रवाई की जाएगी।

इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस विधायक कणाल चौधरी ने कहा कि अगर किसान के साथ बेटी आत्महत्या कर रही है तो, दर्द समझा जा सकता है। बीजेपी की सरकार आते ही किसानों की आत्महत्या की संख्या बढ़ी है। उन्होंने बीजेपी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों को मिलने वाली सब्सिजी बिजली पर कटौती की गई।

इसे भी पढ़ें:धार जिले में चांदी के कड़ों के लिए बुजुर्ग महिला के काटे दोनो पैर, उतारा मौत के घाट 

आगे उन्होंने कहा कि बीजेपी की सरकार में किसानों को यूरिया, डीएपी नहीं मिल रही है। किसानों को प्राइवेट दुकानों से खरीदना पड़ रहा है। खराब फसलों का मुआवजा नहीं मिल रहा है।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

Prabhasakshi logoखबरें और भी हैं...

राष्ट्रीय

झरोखे से...