फारूक अब्दुल्ला बोले- 'द कश्मीर फाइल्स' ने देश में नफरत को दिया जन्म, ऐसी फिल्मों पर लगना चाहिए बैन

farooq abdullah
ANI
अंकित सिंह । May 16, 2022 1:50PM
फारूक अब्दुल्ला ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मैंने सरकार से पूछा है कि क्या द कश्मीर फाइल फिल्म सच है? इसके साथ ही उन्होंने यह भी पूछा कि क्या एक मुसलमान पहले हिंदू को मारेगा फिर उसके खून को चावल में डालकर उसकी पत्नी को खाने को कहेगा, ऐसा हो सकता है? हम इतने गिरे हुए हैं?

जम्मू कश्मीर में हाल में ही आतंकियों ने कश्मीरी पंडित राहुल भट की हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद कश्मीरी पंडितों में रोष भी देखने को मिला। दूसरी ओर कश्मीरी पंडितों पर हो रहे हमले को लेकर फारूख अब्दुल्ला ने बड़ा बयान दिया है। जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला ने साफ तौर पर कहा है कि अगर कश्मीरी पंडितों पर हो रहे हमले को रोकना है तो सरकार को द कश्मीर फाइल्स जैसी फिल्मों पर बैन लगाना होगा। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि ऐसी फिल्में देश में मुस्लिमों के खिलाफ नफरत का माहौल बना रही है। कश्मीर में मुस्लिम युवाओं के अंदर अगर गुस्सा है तो उसके पीछे की वजह यही है। 

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फारूक अब्दुल्ला ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मैंने सरकार से पूछा है कि क्या द कश्मीर फाइल फिल्म सच है? इसके साथ ही उन्होंने यह भी पूछा कि क्या एक मुसलमान पहले हिंदू को मारेगा फिर उसके खून को चावल में डालकर उसकी पत्नी को खाने को कहेगा, ऐसा हो सकता है? हम इतने गिरे हुए हैं? उन्होंने साफ तौर पर दावा किया कि साथ तस्वीर फाइल बेबुनियाद फिल्म है जिसने मुल्क में सिर्फ और सिर्फ नफरत पैदा किया है। आपको बता दें कि कुछ दिनों से लगातार कश्मीर में हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है। यही कारण है कि कश्मीर में कश्मीरी पंडितों के घर के बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर दिए गए हैं।

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भाजपा का दावा

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जम्मू-कश्मीर इकाई ने कश्मीरी पंडित कर्मचारियों के खिलाफ बल प्रयोग की निंदा करते हुए रविवार को कहा कि उपराज्यपाल मनोज सिन्हा जल्द ही उनसे संबंधित एक बड़ी घोषणा करेंगे। कश्मीरी पंडित कर्मचारी अपने सहयोगी राहुल भट्ट की हत्या के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। गौरतलब है कि बृहस्पतिवार को बडगाम जिले में राहुल भट्ट की लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों ने हत्या कर दी थी। राहुल भट्ट को 2010-2011 में एक विशेष रोजगार पैकेज के जरिए यहां क्लर्क की नौकरी मिली थी। कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को सुरक्षा प्रदान करने में प्रशासन की कथित विफलता और हत्या के खिलाफ जम्मू-कश्मीर में कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

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