नेपाल की वजह से बिहार मे बाढ़ का खतरा, बांध मरम्मत कार्य में लगाया अड़ंगा

Nepal
अंकित सिंह । Jun 23 2020 6:00PM

बिहार में बाढ़ का खतरा देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में बिहार में बाढ़ को रोका जा सके इसको लेकर रणनीति बनाई जाएगी। इसके साथ-साथ केंद्र सरकार से भी किस तरीके की मदद लेनी है यह भी निर्णय लिया जाएगा।

जिस नेपाल के साथ भारत का सदियों से रोटी-बेटी का नाता रहा है वही नेपाल का भारत को आंखें दिखा रहा है। दरअसल उत्तराखंड में नक्शा विवाद को लेकर इन दिनों भारत और चीन के बीच तनाव पैदा हो गए है। दोनों देशों के संबंध बिगड़ने लगे है। हालांकि संबंध ज्यादा ना बिगड़े इसके लिए वार्ता का दौर भी लगातार जारी है। इन सबके बीच इस तनाव का सबसे ज्यादा नुकसान बिहार को उठाना पड़ सकता है। दरअसल, नेपाल ने डैम की मरम्मत कार्य को रोक दिया है। बिहार में फिलहाल मानसून प्रवेश कर चुका है और लगातार बारिश हो रही है। नदियों का जलस्तर बढ़ने से बिहार में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। बिहार के लिए मुश्किल ये है कि यहां बहने वाली ज्यादातर नदियों का उद्गम स्थल नेपाल है। अगर नेपाल में बांधों का सही से रखरखाव नहीं किया गया तो बिहार में एक बार फिर से 2008 और 2017 की तरह ही भीषण बाढ़ की त्रासदी देखने को मिल सकता है। 

इसे भी पढ़ें: पोस्टल बैलेट से वोट दे सकेंगे कोरोना मरीज, बिहार चुनाव में दिखेगा असर

बिहार के जल संसाधन मंत्री संजय झा ने सोमवार को कहा कि पडोसी देश नेपाल द्वारा लगाए गए अवरोधकों के कारण भारत-नेपाल सीमा पर तटबंधों के मरम्मत कार्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। झा ने कहा, “गंडक बैराज में कुल 36 फाटक हैं, जिनमें से आधे हमारे किनारे पर हैं। हमारे अभियंताओं और उनके सहायकों द्वारा इनकी मरम्मत पूरी कर ली गई है। शेष 18 फाटकों का रखरखाव भी हमारे द्वारा किया जाता है। इन फाटकों के लिए दूसरी तरफ जाने की अभियंता और उनके सहायकों ने कोशिश की, तो वहां बैरिकेड लगे पाये।’’ मंत्री ने कहा कि इससे बिहार के बाढ़ प्रभावित जिलों के लिए कोई तात्कालिक खतरा नहीं, पर सभी 36 फाटकों के लिए काम पूरा हो जाना जरूरी था क्योंकि राज्य नीचे की ओर स्थित है और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी जल-जमाव के कारण तटबंध प्रतिकूल रूप से प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं मामले में हस्तक्षेप के लिए विदेश मंत्रालय को पत्र लिखने जा रहा हूं। लाल बकेया नदी पर 500 मीटर लंबे तटबंध तक भी नहीं पहुंचने दिया जा रहा है। नेपाली अधिकारियों का मानना है कि यह नोमैंस लैंड में पडता है पर यह (मड स्ट्रक्चर) संरचना तीन दशकों से है।’’ 

इसे भी पढ़ें: बिहार में कोरोना वायरस से अबतक 52 की मौत, संक्रमितों की संख्या बढ़कर 7893 हुई

झा ने कहा कि बिहार के अधिकारियों को इसी प्रकार से कमला नदी तटबंध की मरम्मत का काम पूरा करने से रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन सभी के कारण तुरंत समस्या नहीं होगी लेकिन बाढ़ की चपेट में आने की आशंका चार महीने तक बनी रहेगी। यदि यह स्थिति बनी रहती है, तो राज्य को नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने कहा, “हमारे संबंधित जिलाधिकारी नेपाल में अधिकारियों के साथ बातचीत कर रहे हैं ताकि गतिरोध को सौहार्दपूर्वक हल किया जा सके।’’ उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान दोनों ओर से सीमा पर बैरिकेड्स लगा दिए गए थे। मंत्री ने कहा, ‘‘नेपाल के कई हिस्सों में हालांकि अभी भी लॉकडाउन जारी है पर हमें नहीं पता कि लंबे समय से चल रहे हमारे मरम्मत कार्यों के बारे में उन्होंने समस्या क्यों उठाई हैं। 

इसे भी पढ़ें: पटना में पंजाब नेशनल बैंक की शाखा से हथियारबंद अपराधियों ने लूटे 52 लाख

बिहार में बाढ़ का खतरा देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में बिहार में बाढ़ को रोका जा सके इसको लेकर रणनीति बनाई जाएगी। इसके साथ-साथ केंद्र सरकार से भी किस तरीके की मदद लेनी है यह भी निर्णय लिया जाएगा। बिहार की ओर से केंद्र सरकार से यह भी आग्रह किया जाएगा कि वह नेपाल से इस मसले को लेकर बातचीत करें। एक ओर जहां बिहार में बाढ़ को देखते हुए नीतीश कुमार ने उच्च स्तरीय बैठक बुला ली है तो वहीं पूर्व उपमुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने उन पर निशाना साधा है। तेजस्वी ने ट्वीट करते हुए कहा कि मानसून के दस्तक से बिहार के कोसी और गंडक नदी से मैदानी इलाकों के लोग आशंकित हैं।

इसे भी पढ़ें: पीआर स्टंट के लिए सलमान खान ने अपने फैंस से की थी सुशांत के परिवार के साथ खड़े होने की अपील?

अपने ट्वीट में तेजस्वी ने कहां की जान माल, मवेशी का नुकसान हर साल होता रहा है। विस्थापन का सामना लोगों को करना पड़ता है लेकिन इस निकम्मी सरकार ने 15 वर्षों में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। भ्रष्टाचार का यह आलम है कि यहां चूहा बांध रखा जाते हैं। तेजस्वी ने सीएम नीतीश कुमार पर हमला बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने अभी तक बाढ़ के खतरों को लेकर नहीं कोई बैठक की है और ना ही प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया है। खानापूर्ति के नाम पर आलीशान बंगले में बैठ बिना मीडिया से बात किए एक प्रेस नोट भेज दिया जाएगा। हालांकि इन सबके बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वयं केंद्र सरकार से इस मसले को लेकर संपर्क में है। भारत और नेपाल के बीच बढ़ते तनाव को लेकर यह आशंका लगातार जताई जा रही है कि शायद ही इस मसले पर कोई ठोस हल निकल पाए।

We're now on WhatsApp. Click to join.
All the updates here:

अन्य न्यूज़