Kulbhushan Jadhav Birthday: Indian Navy के पूर्व अधिकारी Kulbhushan Jadhav का जन्मदिन, जानिए जासूसी के आरोपों का पूरा सच

आज यानी की 16 अप्रैल को कुलभूषण जाधव अपना 56वां जन्मदिन मना रहे हैं। कुलभूषण जाधव भारतीय नौसेना के एक पूर्व अधिकारी हैं। जिनको पाकिस्तान सेना ने मार्च 2016 में आतंकवाद और जासूसी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था।
आज यानी की 16 अप्रैल को कुलभूषण जाधव अपना 56वां जन्मदिन मना रहे हैं। कुलभूषण जाधव भारतीय नौसेना के एक पूर्व अधिकारी हैं। जिनको पाकिस्तान सेना ने मार्च 2016 में आतंकवाद और जासूसी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था। जिसको भारत सरकार द्वारा खारिज कर दिया गया था। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर कुलभूषण जाधव के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...
जन्म और परिवार
महाराष्ट्र के सांगली में 16 अप्रैल 1970 को कुलभूषण जाधव का जन्म हुआ था। इनके पिता का नाम सुधीर जाधव था, जोकि मुंबई पुलिस के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। कुलभूषण जाधव ने साल 1987 में नेशनल डिफेंस एकेडमी में एडमिशन लिया था। वहीं साल 1991 में वह भारतीय नौसेना में शामिल हुए। कुलभूषण जाधव ने 14 सालों तक नौसेना में इंजीनियर के रूप में काम किया है।
सेवानिवृत्त भारतीय नागरिक
कुलभूषण जाधव उर्फ़ हुसैन मुबारक पटेल भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी हैं। कुलभूषण जाधव को पाकिस्तानी सेना ने 03 मार्च 2016 को पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत से गिरफ्तार कर लिया था। पाकिस्तान के मुताबिक भारत के नागरिक होने के अलावा भारतीय खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के कर्मचारी हैं। लेकिन भारत का कहना है कि नौसेना से रिटायर होने के बाद जाधव ने ईरान में अपना कारोबार शुरू किया था।
लेकिन पाकिस्तान का कहना है कि 29 मार्च 2016 को जब कुलभूषण को बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया, जबकि भारत का कहना है कि कुलभूषण को ईरान से गिरफ्तार किया गया। पाकिस्तान ने दावा दिया कि वह बलूचिस्तान प्रांत में आतंकवाद फैला रहे थे और भारत की खुफिया एजेंसी, अनुसंधान एवं विश्लेषण विंग के लिए जासूसी कर रहे थे।
आईसीजे में मामला
हालांकि भारतीय सरकार कुलभूषण जाधव की फांसी को रोकने के लिए अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में याचिका दायर की थी। वहीं 18 मई 2017 को अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय ने फांसी पर रोक लगा दी थी। लेकिन अभी अंतिम फैसला आना बाकी है। वहीं जाधव की तत्काल रिहाई की भारत की अपील पर 17 जुलाई 2019 को आईसीजे ने खारिज कर दिया गया।
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