Modi 10 June को रचने जा रहे हैं सबसे बड़ा इतिहास, भारतीय लोकतंत्र के नये रिकॉर्ड को देखकर दुनिया कह उठेगी वाह

PM Modi
Source: X

यह केवल समय का रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि भारतीय राजनीति के बदलते स्वरूप का प्रतीक भी है। एक ओर नेहरू का दौर था, जब कांग्रेस स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत के सहारे लगभग निर्विरोध सत्ता में थी, वहीं दूसरी ओर नरेंद्र मोदी का उदय बेहद कठिन और प्रतिस्पर्धी राजनीतिक माहौल में हुआ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति में एक नया इतिहास रच दिया है। दस जून को वह देश के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने वाले नेता बन जाएंगे। इस उपलब्धि के साथ वह पंडित जवाहरलाल नेहरू के उस लंबे कार्यकाल को पीछे छोड़ देंगे, जिसे दशकों तक भारतीय राजनीति का सबसे मजबूत अध्याय माना जाता रहा। मई 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने वाले नरेंद्र मोदी दस जून 2026 तक लगातार चार हजार 399 दिनों तक देश का नेतृत्व कर चुके होंगे, जबकि नेहरू का लगातार निर्वाचित कार्यकाल चार हजार 398 दिनों का था।

यह केवल समय का रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि भारतीय राजनीति के बदलते स्वरूप का प्रतीक भी है। एक ओर नेहरू का दौर था, जब कांग्रेस स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत के सहारे लगभग निर्विरोध सत्ता में थी, वहीं दूसरी ओर नरेंद्र मोदी का उदय बेहद कठिन और प्रतिस्पर्धी राजनीतिक माहौल में हुआ। मोदी ने पहले गुजरात में लगातार तीन विधानसभा चुनाव जीतकर अपनी राजनीतिक और प्रशासनिक क्षमता साबित की और फिर पूरे देश में भारतीय जनता पार्टी को अभूतपूर्व ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

इसे भी पढ़ें: Praveen Chakravarti को Tamil Nadu से Rajya Sabha उम्मीदवार बना सकती है कांग्रेस, CM Vijay का आभार!

साल 2014 भारतीय राजनीति का निर्णायक मोड़ साबित हुआ। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने तीन दशकों बाद किसी गैर कांग्रेसी दल को पूर्ण बहुमत दिलाया। कांग्रेस मात्र 44 सीटों पर सिमट गई और देश में गठबंधन युग की राजनीति को निर्णायक चुनौती मिली। इसके बाद 2019 में भाजपा ने और भी बड़ी जीत दर्ज करते हुए तीन सौ तीन सीटें हासिल कीं। वर्ष 2024 में भले ही पार्टी अपने दम पर बहुमत से थोड़ी दूर रही, लेकिन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने फिर सत्ता बरकरार रखी।

देखा जाये तो प्रधानमंत्री मोदी का राजनीतिक सफर उनकी संगठन क्षमता और जनसंपर्क कौशल का भी उदाहरण है। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने भूकंप के बाद बदहाल स्थिति में राज्य की कमान संभाली और विकास आधारित प्रशासन को नई पहचान दी। यही मॉडल बाद में पूरे देश में चर्चा का विषय बना। गुजरात में लगातार तीन चुनाव जीतकर वह राज्य के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले मुख्यमंत्री बने।

मोदी सरकार के कार्यकाल में कई ऐसे फैसले हुए जिन्हें दशकों तक असंभव माना जाता था। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना, तीन तलाक समाप्त करना और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त होना, ऐसे ऐतिहासिक कदम रहे जिन्होंने भारतीय राजनीति की दिशा बदल दी। भाजपा समर्थकों का मानना है कि सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और विकास के संतुलन ने मोदी को देश की जनता के बीच असाधारण स्वीकार्यता दिलाई।

प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता केवल भारत तक सीमित नहीं है। विश्व स्तर पर भी उनकी पहचान एक मजबूत और निर्णायक नेता के रूप में बनी है। विभिन्न वैश्विक सर्वेक्षणों में उनकी लोकप्रियता दुनिया के कई लोकतांत्रिक नेताओं से कहीं अधिक दर्ज की जाती रही है। डिजिटल माध्यमों पर भी उनकी पहुंच अत्यंत प्रभावशाली है। सोशल मीडिया के जरिए उन्होंने जनता से सीधा संवाद स्थापित कर एक नई राजनीतिक शैली की शुरुआत सबसे पहले की थी, जिसका उन्हें भरपूर लाभ मिला।

मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी का भौगोलिक विस्तार भी अभूतपूर्व रहा है। वर्ष 2014 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन केवल सात राज्यों में सत्ता में था, जबकि अब यह संख्या 21 हो चुकी है। पूर्वोत्तर से लेकर पूर्वी तथा दक्षिण भारत तक भाजपा ने अपने संगठन और जनाधार को मजबूत किया है। संसद में भी पार्टी की ताकत लगातार बढ़ी है। लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में भाजपा की उपस्थिति पहले की तुलना में कई गुना मजबूत हुई है।

आर्थिक मोर्चे पर भी मोदी सरकार ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। भारत की अर्थव्यवस्था ने पिछले एक दशक में तेज गति से विस्तार किया है। वर्ष 2014 में दुनिया की दसवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था रहा भारत अब चौथे स्थान पर पहुंच चुका है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुसार भारत की अर्थव्यवस्था का आकार 4.3 खरब डॉलर तक पहुंच गया है। जापान को पीछे छोड़ते हुए भारत अब केवल अमेरिका, चीन और जर्मनी से पीछे है।

इसमें कोई दो राय नहीं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह लंबा कार्यकाल केवल राजनीतिक स्थायित्व का उदाहरण नहीं, बल्कि बदलते भारत की नई पहचान भी बन गया है। उन्होंने भारतीय राजनीति की भाषा, शैली और प्राथमिकताओं को बदलते हुए विकास, राष्ट्रवाद और मजबूत नेतृत्व का ऐसा मिश्रण प्रस्तुत किया, जिसने उन्हें समकालीन भारत का सबसे प्रभावशाली नेता बना दिया है।

बहरहाल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत केवल आर्थिक और राजनीतिक रूप से ही मजबूत नहीं हुआ, बल्कि विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों के माध्यम से आत्मविश्वास से भरे नए राष्ट्र के रूप में उभरा है। घरेलू उत्पादन, रक्षा निर्माण, डिजिटल क्रांति, स्टार्टअप संस्कृति और आधारभूत ढांचे के विस्तार ने भारत को आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाया है। वहीं वैश्विक मंच पर मोदी की कूटनीति ने भारत की प्रतिष्ठा को अभूतपूर्व ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। अमेरिका से लेकर पश्चिम एशिया, यूरोप से लेकर इंडो पैसिफिक तक भारत की आवाज पहले से कहीं अधिक प्रभावशाली हुई है। जी-20 की सफल अध्यक्षता, वैश्विक संकटों में संतुलित भूमिका और भारत केंद्रित विदेश नीति ने यह साबित किया है कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अब केवल दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र नहीं, बल्कि वैश्विक निर्णयों को प्रभावित करने वाली एक निर्णायक शक्ति बन चुका है।

-नीरज कुमार दुबे

(इस लेख में लेखक के अपने विचार हैं।)
All the updates here:

अन्य न्यूज़