तीन तलाक कानून का विरोध करने वाले मुस्लिम महिलाओं से कर रहे हैं अन्याय: गिरिराज

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सिंह ने कार्यशाला के दौरान केंद्र सरकार की किसानों और कृषि पर आधारित योजनाओं और भविष्य में उनसे होने वाले फायदों की जानकारी दी।

राजनांदगांव। केंद्रीय पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा है कि जो धर्म के नाम पर तीन तलाक कानून ​का विरोध कर रहे हैं वह मुस्लिम महिलाओं के साथ अन्याय कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में कृषि, पशुपाल‌न, मत्स्य पालन, डेयरी, कुक्कुट पालन पर आधारित तीन दिवसीय तकनीकी कार्यशाला के शुभारंभ के मौके पर सिंह ने संवाददताओं से बातचीत के दौरान कहा कि मुसलमान के नाम पर और धर्म के नाम पर जो लोग तीन तलाक कानून का विरोध कर रहे हैं, वह हमारी बहनों (मुस्लिम महिलाओं) के साथ अन्याय कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं पूछना चाहता हूं कि हिंदुओं में बाल विवाह प्रथा समाप्त की गई की नहीं। सती प्रथा के खिलाफ कानून बना की नहीं। धर्म आड़े तब आता है जब राजनीति उसमें घुस जाती है। जो लोग इसका (तीन तलाक कानून) विरोध कर रहे हैं उनका राजनीति से सरोकार है।’’ एक देश एक चुनाव के सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में आजादी के बाद वन नेशन वन इलेक्शन था। इसी छत्तीसगढ़ में देखें या देश में देखें, कोई ऐसा साल नहीं जाता है जब पंचायत का चुनाव, नगरीय निकाय का चुनाव, विधानसभा का चुनाव या कभी संसद का चुनाव न हो। उन्होंने कहा कि बार बार चुनाव विकास में बाधक होता है। पैसा भी खर्च होता है। यह पैसा राजनीतिक दलों का नहीं लगता है बल्कि देश के गरीब, 130—135 करोड़ लोगों की जेब से जाता है। इसलिए एक बार देश को सोचना चाहिए कि देश का पैसा बरबाद भी न हो और विकास की गति भी न रूके।

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सिंह ने कार्यशाला के दौरान केंद्र सरकार की किसानों और कृषि पर आधारित योजनाओं और भविष्य में उनसे होने वाले फायदों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत वर्ष में कृषि, पशुपालन, डेयरी को लेकर काफी संभावनाएं हैं लेकिन इन्हें और बेहतर करने के लिए तकनीक बेहद जरूरी है। तकनीक के सहारे हम इस क्षेत्र में क्रांति ला सकते हैं। मंत्री ने तकनीक के सहारे उन्नति करने वाले चीन का उदाहरण देते हुए कहा कि चीन ने कृषि के क्षेत्र में तकनीक का उल्लेखनीय इस्तेमाल किया। इसका प्रभाव यह भी रहा कि वहां लोगों की आय में इजाफा हुआ। हम भी तकनीक के सहारे कृषि, पशुपालन, डेयरी, मत्स्यपालन, कुक्कुट पालन के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए कई योजनाओं पर काम कर रहे हैं।

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