सरकार की मंशा प्रतियोगी परीक्षा को समय पर करवाकर युवाओं को समय पर नियुक्ति देने की है: गहलोत
एक बयान में गहलोत ने कहा, ‘‘सभी युवा साथी इसे ध्यान में रखकर अपनी तैयारी जारी रखें। परीक्षाओं में देरी करवाकर भर्तियों को अटकाने वाले राजनीतिक नेताओं, कोचिंग संस्थानों या अन्य व्यक्तियों के बहकावे में ना आएं।’’
जयपुर| राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार रात कहा कि सरकार की मंशा हर प्रतियोगी परीक्षा को समय पर करवाकर इनके परिणाम जारी कर युवाओं को समय पर नियुक्ति देने की है।
गहलोत ने कहा कि प्रदेश सरकार के रुख से युवाओं में भी संदेश गया कि राजनीतिक नफा-नुकसान की परवाह किए बिना आने वाले समय में युवाओं के हित में सभी प्रतियोगी परीक्षाओं को समय पर करवाया जाएगा एवं युवाओं को नौकरी के मौके दिए जाएंगे।
एक बयान में गहलोत ने कहा, ‘‘सभी युवा साथी इसे ध्यान में रखकर अपनी तैयारी जारी रखें। परीक्षाओं में देरी करवाकर भर्तियों को अटकाने वाले राजनीतिक नेताओं, कोचिंग संस्थानों या अन्य व्यक्तियों के बहकावे में ना आएं।’’
राजस्थान उच्च न्यायालय की एकल-न्यायाधीश पीठ ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) को आरएएस-2021 की प्रारंभिक परीक्षा के परिणामों को रद्द करने और एक विशेषज्ञ समिति से कुछ विवादित प्रश्नों की पुन: जांच कराने के बाद परिणाम नए सिरे से घोषित करने का आदेश दिया है। इसके कुछ घंटे बाद मुख्यमंत्री ने उक्त बयान दिया है।
राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) की प्रारंभिक परीक्षा पिछले वर्ष 27 अक्टूबर को आयोजित की गई थी और परीक्षा का परिणाम 19 नवंबर को घोषित किया गया था। उच्च न्यायालय की एकल पीठ के फैसले से 25 और 26 फरवरी को होने वाली आरएएस मुख्य परीक्षा के कार्यक्रम का प्रभावित होना तय है।
इस बीचपरीक्षा उत्तीर्ण करने वाले कई उम्मीदवार आरएएस मुख्य परीक्षा को स्थगित करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें इसकी तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरएएस की मुख्य परीक्षा स्थगित करने की कुछ परीक्षार्थियों की मांग को खारिज करते हुए सोमवार को कहा था कि सभी भर्तियां निश्चित समय में पूरी करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आरएएस मुख्य परीक्षा स्थगित करने की मांग न्यायोचित नहीं है।
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