परिवारवादियों की सरकार में खानदान वाले ही होते हैं सुपर मिनिस्टर : पीएम मोदी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 24, 2022   17:32
परिवारवादियों की सरकार में खानदान वाले ही होते हैं  सुपर मिनिस्टर : पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परिवारवाद की राजनीति पर कड़ा प्रहार करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि घोर परिवारवादियों की सरकार में उनके खानदान के लोग ही मंत्रियों से ऊपर सुपर मिनिस्टर होते हैं और उनकी मर्जी के बगैर एक पत्ता तक नहीं हिलता है।

अमेठी (उत्तर प्रदेश)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परिवारवाद की राजनीति पर कड़ा प्रहार करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि घोर परिवारवादियों की सरकार में उनके खानदान के लोग ही मंत्रियों से ऊपर सुपर मिनिस्टर होते हैं और उनकी मर्जी के बगैर एक पत्ता तक नहीं हिलता है। मोदी ने कभी नेहरू-गांधी परिवार के गढ़ कहे जाने वाले अमेठी में आयोजित चुनावी रैली में वोट बैंक और परिवारवाद की राजनीति पर हमला करते हुए कहा कि दोनों ही तरह की राजनीति ने देश का बहुत नुकसान किया है। उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर आरोप लगाया, “परिवारवाद की राजनीति में पार्टी का अध्यक्ष परिवार का होता है।

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पार्टी के सभी महत्वपूर्ण पदों पर भी परिवार के लोग ही जमे होते हैं। इन पार्टियों में जो परिवार को समर्पित होता है, उसी को वहां कुछ अवसर मिलता है।” प्रधानमंत्री ने दावा किया कि ऐसी पार्टियों के लिए संविधान सर्वोच्च नहीं होता, बल्कि परिवार का सुप्रीमो ही सुप्रीम होता है। उन्होंने कहा, “घोर परिवारवादियों ने सरकार चलाने का भी फॉर्मूला तय कर रखा है। ये लोग अलग-अलग जगह से अपने वोट बैंक के हिसाब से मंत्री तो बना लेते हैं, लेकिन इन मंत्रियों के पास कोई अधिकार नहीं होता।” मोदी ने कहा, “अफसरों को भी मालूम होता है कि जो मंत्री बनाए गए हैं, वे तो बस नाम के हैं। असली मंत्री तो परिवार के ‘सुपर मिनिस्टर’ होते हैं।” उन्होंने कहा, “नीचे सरकारी तंत्र को भी पता होता है कि कोई काम करने की जरूरत नहीं है। बस इस ‘सुपर मिनिस्टर’ को संभाल लो, अच्छी पोस्टिंग मिलती रहेगी।” प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि परिवारवादियों की सरकार में परिवार के सारे लोग ‘सुपर मिनिस्टर’ के नाते सारी चीजों पर कब्जा करके बैठ जाते हैं। उन्होंने कहा कि कोई काम तब तक नहीं होता, जब तक ‘सुपर मिनिस्टर’ की हां न हो।

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मोदी ने सवाल किया कि क्या यह लोकतंत्र, संविधान और आम आदमी की जरूरतों की पूर्ति के लिए उचित है। उन्होंने वोट बैंक की राजनीति पर भी हमला करते हुए कहा, “जब आप वोट बैंक की राजनीति करते हैं, किसी का तुष्टिकरण करते हैं तो इसका सीधा मतलब यह होता है कि आप समाज के एक बड़े वर्ग से विकास का हक छीन रहे हैं।” प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि इन नेताओं ने वोट बैंक की राजनीति और तुष्टीकरण को बढ़ावा दिया, उसे खाद-पानी दिया। उन्होंने कहा कि आज वोट बैंक की राजनीति ने, तुष्टिकरण की राजनीति ने, इन नेताओं और इन राजनीतिक दलों को अपना बंधक बना लिया है और अब वोट बैंक की राजनीति ही इन दलों और नेताओं की मजबूरी बन गई है, इसलिए आज भी उनका हर फैसला इसी वोट बैंक की राजनीति के हिसाब से ही होता है। प्रधानमंत्री ने कहा, “कोई फैसला अगर देशहित के खिलाफ हो तो भी ये नेता उस फैसले को लेने में जरा-भी हिचकिचाते नहीं हैं। उन्हें देश की नहीं, बल्कि वोट बैंक की चिंता रहती है, इसलिए आप लोग देखते हैं कि ये लोग हमारी सेना का अपमान करते हैं, पुलिस बल का मनोबल गिराते है, क्योंकि ऐसी बातें करने से उनके वोट बैंक को खुशी होती है।”

उन्होंने कहा कि इसी सोच की वजह से ये लोग हमारे संविधान की परवाह नहीं करते और देश की संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े करते हैं। मोदी ने आरोप लगाया कि परिवारवादी पार्टियां डगर-डगर पर संविधान का अपमान करती हैं। उन्होंने कहा, “ये पार्टियां अगर सबसे ज्यादा नुकसान करती हैं तो वो है हमारी युवा प्रतिभा का, जबकि आप देखेंगे कि भाजपा में आज कोई अध्यक्ष है तो कल कोई और अध्यक्ष बन जाता है। भाजपा ‘पिता एंड संस की प्राइवेट पार्टी’ नहीं है और न ही कभी हो सकती है।” मोदी ने अहमदाबाद बम धमाकों के मामले में अदालत द्वारा 38 दोषियों को मौत की सजा सुनाए जाने पर विपक्ष की कथित चुप्पी को भी तुष्टीकरण की राजनीति से जोड़ा। उन्होंने कहा, “मानवता के खिलाफ ऐसा भयंकर कृत्य करने वाले 38 आतंकियों को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। मानवता के दुश्मनों को फांसी मिली है, लेकिन वोट बैंक खिसकने के डर से इन पार्टियों ने अदालत के फैसले का स्वागत करने की हिम्मत भी नहीं दिखाई।” मोदी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और अमेठी से लंबे वक्त तक सांसद रहे राहुल गांधी पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा, “अमेठी के लोगों ने जिन लोगों को सिर आंखों पर बैठाया और सम्मान दिया। जैसे ही आप ने उन्हें भगाया तो उन्होंने केरल में जाकर आपकी ही बुद्धि को कोसने की शुरुआत कर दी। आपकी समझ पर ही सवाल उठाने लगे।” उन्होंने कहा कि विरोध और अवरोध जिनकी राजनीति है, वे यह करते ही रहेंगे और हम विकास की नीति पर तेज गति से चलते रहेंगे।

मोदी ने भाजपा सरकार द्वारा अमेठी में किए गए कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले पांच वर्षों के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 60,000 से ज्यादा घर बनाकर गरीबों को दिए गए हैं और अमेठी में लगभग दो लाख शौचालय बनवाए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह हमारी सरकार है, जिसने यहां मेडिकल कॉलेज का निर्माण शुरू कराया है, पुलिस फायर स्टेशन स्वीकृत किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि घोर परिवारवादियों ने यहां की राइफल फैक्टरी का क्या हाल बना रखा था, यह भी अमेठी के लोग जानते हैं और हमारी सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि अमेठी की फैक्टरी में बनी एके-203 आधुनिक राइफल देश की सुरक्षा बढ़ाए। उन्होंने कहा कि ये काम पहले भी हो सकते थे, लेकिन परिवारवादियों को अपने स्वार्थ से फुरसत मिलती तभी तो आपके बारे में सोचते। मोदी ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के चार चरण पूरे हो चुके हैं और इन चारों ही चरणों में लोगों ने एकजुट होकर भाजपा को अपना आशीर्वाद दिया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जो घोर परिवारवादी सोच रहे हैं कि उत्तर प्रदेश के लोग टूट जाएंगे, बिखर जाएंगे, देश और उत्तर प्रदेश के हितों को भूल जाएंगे, अपने इलाकों के हितों को भूल जाएंगे, उन सबके सारे गणित उल्टे पड़ गए हैं और उन्हें सच्चाई का पता 10 मार्च को लग जाएगा। मोदी ने दावा किया कि दशकों बाद उत्तर प्रदेश में ऐसे चुनाव हो रहे हैं, जब कोई सरकार गरीबों के हित में किए गए कार्यों और सुधरी हुई कानून-व्यवस्था के आधार पर आपसे वोट मांग रही है। उन्होंने कहा कि बरसों बाद ऐसा हुआ है, जब चुनाव मैदान में कोई मुख्यमंत्री अपने परिवार को आगे बढ़ाने के लिए भ्रष्टाचार के आरोप या ऐसी किसी भी मुसीबत का सामना नहीं कर रहा है।





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