सरकार ने रीट में लापरवाही मामले में एक आरएएस, दो आरपीएस सहित कई कर्मियों को निलंबित किया

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  सितंबर 29, 2021   05:53
सरकार ने रीट में लापरवाही मामले में एक आरएएस, दो आरपीएस सहित कई कर्मियों को निलंबित किया

डोटासरा ने ट्वीट किया, ‘‘रीट परीक्षा में अब तक प्राप्त जानकारी के आधार पर शिक्षा विभाग के 13 कर्मचारियों की संदिग्ध भूमिका की सूचना मिली थी जिस पर कार्यवाही करते हुए सभी 13 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।

जयपुर, 28 सितंबर राजस्थान सरकार ने रविवार को आयोजित राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा (रीट) 2021 के दौरान संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने और लापरवाही बरतने को लेकर सख्त कार्यवाही करते हुए एक आरएएस अधिकारी, दो आरपीएस अधिकारियों, शिक्षा विभाग के 13 कर्मियों और तीन पुलिस कर्मियों को निलंबित किया है।

एक अधिकारी के अनुसार, सवाईमाधोपुर जिले के वजीरपुर के राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारी (उपखंड अधिकारी) नरेन्द्र कुमार मीणा और राजस्थान पुलिस सेवा के दो अधिकारियों नारायण तिवाडी और राजूलाल मीणा को निलंबित किया गया है।

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इनके अलावा शिक्षा विभाग ने 13 कर्मियों को निलंबित किया गया है। शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने बताया कि शिक्षा विभाग के 13 कर्मियों की भूमिका संदिग्ध पायी गई इसलिये उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया।

डोटासरा ने ट्वीट किया, ‘‘रीट परीक्षा में अब तक प्राप्त जानकारी के आधार पर शिक्षा विभाग के 13 कर्मचारियों की संदिग्ध भूमिका की सूचना मिली थी जिस पर कार्यवाही करते हुए सभी 13 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।

अब आगे पुलिस जांच रिपोर्ट मे दोष सिद्ध होने के बाद इनकी सरकारी सेवा से बर्खास्तगी होगी।’’ जिन लोगों को निलंबित किया गया है उनमें 10 अध्यापक, एक व्याख्याता, एक शारीरिक शिक्षा शिक्षक और एक कनिष्ठ सहायक शामिल हैं।

ये लोग सिरोही, जालौर, बाडमेर, नागौर, डूंगरपुर, राजसमंद, भरतपुर और बूंदी जिलों में तैनात थे। सिरोही में एक हेड कांस्टेबल और सवाईमाधोपुर में दो कांस्टेबल को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। रीट परीक्षा में नकल रोकने के लिये विशेष इंतजाम किये गये थे।

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इस परीक्षा के लिये 16.51 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन भरा था। पुलिस ने परीक्षा के दौरान कई डमी उम्मीदवारों और नकल गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी विभिन्न जिलों में अभ्यर्थियों को नकल, धोखाधड़ी की सुविधा उपलब्ध करा रहे थे।





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