Gujarat: सात निलंबित, सेवानिवृत्त अधिकारियों के खिलाफ अवैध भूमि रूपांतरण के आरोप में मामला दर्ज

Gujarat Police
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31 मई को दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, तत्कालीन टीडीओ, उप मामलतदारों और राजस्व लिपिक भूमि को गैर-कृषि उपयोग के लिए अवैध रूप से परिवर्तित करने और राज्य सरकार को देय शुल्क का भुगतान न करने में शामिल थे।

गुजरात के पंचमहाल जिले में कृषि भूमि के अवैध रूपांतरण के जरिये सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने के आरोप में राज्य सरकार के सात निलंबित और सेवानिवृत्त अधिकारियों के खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया है। यह जानकारी पुलिस ने शनिवार को दी।

एक अधिकारी ने बताया कि जम्बुघोडा तालुका के पूर्व तालुका विकास अधिकारियों (टीडीओ), मामलतदारों और राजस्व लिपिकों के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिनमें से कुछ निलंबित और सेवानिवृत्त हैं।

उन्होंने बताया कि 31 मई को दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, तत्कालीन टीडीओ, उप मामलतदारों और राजस्व लिपिक भूमि को गैर-कृषि उपयोग के लिए अवैध रूप से परिवर्तित करने और राज्य सरकार को देय शुल्क का भुगतान न करने में शामिल थे।

अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने पूर्व उप मामलतदार जगदीश पडारिया, तत्कालीन प्रभारी टीडीओ ए एल बामणिया और एस ओ पारेख, पूर्व राजस्व लिपिकों आर एम सोलंकी और के वी परमार, तत्कालीन टीडीओ एस एम देसाई और तत्कालीन मामलतदार के पी दवे को प्राथमिकी में नामजद किया है। अधिकारी ने बताया कि सातों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 406, 465 और 120 बी के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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