एशियाई खेलों में Lovlina Borgohain और नरेंद्र बेरवाल को क्वार्टर फाइनल में सीधी एंट्री

जापान के निशियो में एशियाई खेलों के लिए घोषित मुक्केबाजी ड्रॉ में भारतीय दल को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा। लवलीना बोरगोहेन और नरेंद्र बेरवाल सीधे क्वार्टर फाइनल से शुरुआत करेंगे, जहां वे पदक पक्का करने से महज एक जीत दूर हैं। इस टूर्नामेंट में पदक जीतने वाले मुक्केबाजों को अगले साल होने वाली विश्व चैंपियनशिप का सीधा टिकट भी मिलेगा।
भारतीय मुक्केबाजों को रविवार को यहां एशियाई खेलों में चुनौतीपूर्ण ड्रॉ मिला जबकि लवलीना बोरगोहेन और नरेंद्र बेरवाल अपने अभियान की शुरुआत सीधे क्वार्टर फाइनल से करेंगे। हाल में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन के बाद भारतीय दल से उम्मीदें बढ़ गई हैं, लेकिन एशियाई खेलों में चुनौती काफी कठिन है। एशियाई खेलों में पुरुषों की छह और महिलाओं की पांच भार वर्ग की स्पर्धाएं हैं।
पिछले चरण में भारत ने चार पदक जीते थे जिनमें एक रजत और तीन कांस्य पदक शामिल थे। तोक्यो ओलंपिक की पदक विजेता लवलीना ने 2023 चरण में रजत पदक जीता था और वह 75 किग्रा वर्ग में पदक से सिर्फ एक जीत दूर हैं। इस वर्ग में केवल आठ मुक्केबाज हिस्सा ले रही हैं।
लवलीना अपने अभियान की शुरुआत दक्षिण कोरिया की सुयोन सेओंग के खिलाफ करेंगी। इसके बाद सेमीफाइनल में उनका सामना 70 किग्रा वर्ग की मौजूदा विश्व चैंपियन कजाखस्तान की नताल्या बोगदानोवा या उज्बेकिस्तान की विश्व कांस्य पदक विजेता अजीजा जोकिरोवा से हो सकता है। राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता साक्षी चौधरी (51 किग्रा) का शुरुआती मुकाबला काफी कठिन होगा जिसमें उनका सामना फिलीपींस की पेरिस ओलंपिक कांस्य पदक विजेता आइरा विलागास से होगा।
वहीं मौजूदा एशियाई चैंपियनशिप की स्वर्ण पदक विजेता प्रीति पवार (54 किग्रा) को पहले दौर में बाई मिली है। अगले दौर में उनके उत्तर कोरिया की पांग चोल-मी के भिड़ने की उम्मीद है। पांग चोल-मी मौजूदा एशियाई खेलों की चैंपियन, ओलंपिक कांस्य पदक विजेता और दो बार की विश्व चैंपियन हैं।
इस साल एशियाई चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली प्रिया घंघास (60 किग्रा) अपने अभियान की शुरुआत दक्षिण कोरिया की ओह येओन-जी के खिलाफ करेंगी। ओह येओन-जी दो बार की विश्व कांस्य पदक विजेता, पूर्व एशियाई खेल चैंपियन और तीन बार की एशियाई चैंपियन हैं। विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता परवीन हुड्डा (65 किग्रा) अंतिम 16 में ताजिकिस्तान की होजिमोवा के खिलाफ अपना पहला मुकाबला खेलेंगी।
परवीन से पिछले चरण में निलंबित होने के बाद कांस्य पदक वापस ले लिया गया था। इसके बाद उनका सामना उज्बेकिस्तान की नवबहोर खामिदोवा से हो सकता है। पुरुष वर्ग में राष्ट्रमंडल खेलों के रजत पदक विजेता जादूमणि सिंह (55 किग्रा) अपने अभियान की शुरुआत नेपाल के चंद्र थापा के खिलाफ करेंगे।
प्री-क्वार्टर फाइनल में उनका सामना फिलीपींस के तोक्यो ओलंपिक रजत पदक विजेता कार्लो पालाम से हो सकता है। राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता सचिन सिवाच (60 किग्रा) को पहले दौर में बाई मिली है। प्री-क्वार्टर फाइनल में उनका सामना जोर्डन के विश्व चैंपियनशिप कांस्य पदक विजेता मोहम्मद अबू जाजेह से हो सकता है।
सुमित कुंडू (75 किग्रा) सोमवार को रिंग में उतरने वाले पहले भारतीय मुक्केबाज होंगे। क्वार्टर फाइनल में उनका सामना कजाखस्तान के 20 वर्षीय मौजूदा विश्व चैंपियन तोरेखान साबिरखान से हो सकता है। राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता अंकुश पंघाल (80 किग्रा) का सेमीफाइनल में मौजूदा 75 किग्रा विश्व चैंपियन फज्लिद्दीन एर्किनबोएव से सामना होने की संभावना है।
नरेंद्र (+90 किग्रा) पिछले चरण में पदक जीतने वाले एकमात्र भारतीय पुरुष मुक्केबाज थे। उन्हें पहले दौर में बाई मिली है। वह क्वार्टर फाइनल में थाईलैंड के अदथापोंग सेंगटेप के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेंगे।
इसके बाद सेमीफाइनल में उनका सामना कजाकिस्तान के मौजूदा विश्व चैंपियन आइबेक ओरालबे से हो सकता है। भारतीय मुक्केबाजी महासंघ की चयन नीति के अनुसार एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले मुक्केबाज अगले साल कजाखस्तान में होने वाली विश्व चैंपियनशिप के लिए सीधे क्वालीफाई करेंगे। यह 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए पहला ओलंपिक क्वालीफाइंग टूर्नामेंट होगा।
इससे भारतीय मुक्केबाजों को यहां पोडियम तक पहुंचने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की अतिरिक्त प्रेरणा मिलेगी। टीम इस प्रकार है : महिला: साक्षी चौधरी (51 किग्रा), प्रीति पवार (54 किग्रा), प्रिया घंघास (60 किग्रा), परवीन हुड्डा (65 किग्रा), लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा)। पुरुष: जादूमणि सिंह (55 किग्रा), सचिन सिवाच (60 किग्रा), सुमित कुंडू (70 किग्रा), अंकुश पंघाल (80 किग्रा), कपिल पोखरिया (90 किग्रा), नरेंद्र बेरवाल (+90 किग्रा)।
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