पूर्व क्रिकेटर Yusuf Pathan को वडोदरा में विवादित जमीन देने की तैयारी, गुजरात सरकार ने भेजा प्रस्ताव

पूर्व क्रिकेटर Yusuf Pathan को वडोदरा में विवादित जमीन देने की तैयारी, गुजरात सरकार ने भेजा प्रस्ताव
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वडोदरा नगर निगम 23 अक्टूबर को तांदलजा स्थित 978 वर्ग मीटर भूखंड के आवंटन प्रस्ताव पर विचार करेगा। इसके तहत 500 वर्ग मीटर हिस्सा पूर्व क्रिकेटर को उपहार के रूप में और शेष 478 वर्ग मीटर 45 प्रतिशत रियायत पर दिया जाना है। यह मामला 2012 से कानूनी अड़चनों और अतिक्रमण नोटिसों के कारण विवाद में रहा है।

पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान के तृणमूल कांग्रेस से अलग होने के कुछ महीने बाद गुजरात सरकार ने उन्हें वडोदरा में लंबे समय से विवादित रहे नगरपालिका का एक भूखंड सौंपने का प्रस्ताव रखा है जिसके तहत 500 वर्ग मीटर जमीन ‘उपहार’ में दी जाएगी और शेष जमीन रियायती दर पर दी जाएगी। सोमवार को साझा किए गए एजेंडे के अनुसार, वडोदरा के नगर आयुक्त द्वारा प्रस्तुत यह प्रस्ताव 23 अक्टूबर को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित नगर निकाय की स्थायी समिति के समक्ष अंतिम मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। यह प्रस्ताव उस घटनाक्रम के लगभग चार माह बाद आया है जब पश्चिम बंगाल के बहरामपुर से सांसद पठान, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले दल से अलग हुए तृणमूल के 20 सांसदों के समूह में शामिल हुए थे।

इन सांसदों ने संसद में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) खेमे में शामिल होने के लिए ‘नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में विलय कर लिया था। पठान वडोदरा के तांदलजा इलाके में अपने पैतृक घर के पास स्थित 978 वर्ग मीटर के इस आवासीय भूखंड को 2012 से हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उन्हें वर्षों तक कानूनी बाधाओं और नगर निकाय के अतिक्रमण नोटिसों का सामना करना पड़ा। नये प्रस्ताव के अनुसार, वडोदरा महानगरपालिका के स्वामित्व वाली इस जमीन का 500 वर्ग मीटर हिस्सा पठान को ‘‘उपहार’’ में दिया जाएगा, जबकि शेष 478 वर्ग मीटर जमीन वडोदरा शहरी विकास प्राधिकरण मूल्यांकन समिति द्वारा तय दर के 55 प्रतिशत मूल्य पर यानी 45 प्रतिशत की छूट के साथ दी जाएगी।

प्रस्ताव में कहा गया है कि यह आवंटन राज्य के शहरी विकास एवं शहरी आवास विभाग द्वारा 2024 में जारी एक प्रस्ताव के अनुसार ‘‘विशिष्ट नियमों और शर्तों के अधीन’’ किया जाएगा। यह भूखंड पूर्व क्रिकेटर से नेता बने पठान और नगर निकाय के बीच एक दशक से जारी विवाद के केंद्र में रहा है। वर्ष 2012 में पठान ने अपने घर के पास की इस जमीन को खरीदने का अनुरोध किया था।

हालांकि वडोदरा महानगरपालिका ने शुरुआत में सहमति दे दी थी, लेकिन गुजरात सरकार ने 2014 में इस बिक्री को खारिज कर दिया था। पश्चिम बंगाल के बहरामपुर से तृणमूल के टिकट पर 2024 में लोकसभा के लिए चुने जाने के बाद, नगर निकाय ने उन्हें एक नोटिस जारी करके कथित अतिक्रमण हटाने और वडोदरा महानगरपालिका के स्वामित्व वाली जमीन को खाली करने के लिए कहा था। पठान ने इस नोटिस को गुजरात उच्च न्यायालय में यह दलील देते हुए चुनौती दी थी कि यह मामला एक दशक से अधिक पुराना है और कथित अतिक्रमण हटाने के लिए कहने से पहले नगर निकाय को कारण बताओ नोटिस जारी करना चाहिए था।

उच्च न्यायालय ने भूखंड आवंटन के उनके अनुरोध को खारिज करने के राज्य सरकार के फैसले को बरकरार रखा था। पठान ने इस आदेश को एक खंडपीठ के समक्ष चुनौती दी, लेकिन इस साल अगस्त में उनके वकील ने अदालत को बताया कि वह अपने दावे पर राज्य सरकार की नीति के तहत आगे बढ़ रहे हैं जिसके बाद याचिका को वापस लिया गया मानकर खारिज कर दिया गया।

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