गुजरात का कर्ज 28 हजार करोड़ रुपए बढ़कर 2.4 लाख करोड़ रुपए पहुंचा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 27, 2020   17:45
गुजरात का कर्ज 28 हजार करोड़ रुपए बढ़कर 2.4 लाख करोड़ रुपए पहुंचा

गुजरात सरकार ने विधानसभा को बताया कि पिछले एक साल में राज्य का लोक रिण 28,000 करोड़ रुपए बढ़कर 2.4 लाख करोड़ रुपए पर पहुंचा। उप-मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री नितिन पटेल ने कांग्रेस के विधायक शैलेष परमार के प्रशन का लिखित उत्तर देते हुए कहा कि 31 दिसंबर 2019 तक राज्य के ऊपर 2,40,652 करोड़ रुपये का कर्ज था।

गांधीनगर। गुजरात सरकार ने बृहस्पतिवार को विधानसभा को बताया कि पिछले एक साल में राज्य का लोक रिण 28 हजार करोड़ रुपये बढ़कर 2.4 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। राज्य के उप-मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री नितिन पटेल ने कांग्रेस के विधायक शैलेष परमार के प्रशन का लिखित उत्तर देते हुए कहा कि 31 दिसंबर 2019 तक राज्य के ऊपर 2,40,652 करोड़ रुपये का कर्ज था। यह साल भर पहले की तुलना में 28,061 करोड़ रुपये अधिक है।

इसे भी पढ़ें: रोडशो के दौरान ट्रंप और मोदी के अभिवादन के लिए कतारों में खड़े थे हजारों लोग

पटेल ने बुधवार को सदन में 2020-21 के लिये 2,17,287 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा तथा कृषि को आवंटन बढ़िया आवंटन किया गया है। पटेल ने उत्तर देते हुए कहा कि राज्य ने कर्ज के एवज में 2017-18 में ब्याज के रूप में 17,146 करोड़ रुपये तथा किस्तों के रूप में 13,700 करोड़ रुपये का भुगतान किया। वर्ष 2018-19 में राज्य ने 18,124 करोड़ रुपये का ब्याज और 15,440 करोड़ रुपये की किस्त का भुगतान किया।

इसे भी पढ़ें: सौराष्ट्र और गुजरात के बीच रणजी सेमीफाइनल में उपयोग होगा डीआरएस

उन्होंने बताया कि राज्य ने बाजार से 1,79,353 करोड़ रुपये, वित्तीय संस्थानों से 14,691 करोड़ रुपये, राष्ट्रीय लघु बचत कोष से 39,385 करोड़ रुपये और केंद्रीय कर्ज से 7ख्223 करोड़ रुपये के कर्ज लिये हैं।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।