Gujarat University को मिली UGC Category II Autonomy, शिक्षा मंत्री बोले- विकसित भारत की ओर बड़ा कदम

गुजरात के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, UGC कैटेगरी II ग्रेडेड ऑटोनॉमी मिलने के बाद, गुजरात यूनिवर्सिटी अब UGC की पहले से मंज़ूरी लिए बिना अपने मौजूदा एकेडमिक ढांचे के अंदर नए एकेडमिक प्रोग्राम, विभाग, स्कूल और स्पेशलाइज़्ड सेंटर शुरू कर सकेगी।
गुजरात यूनिवर्सिटी, गुजरात की पहली और एकमात्र ऐसी स्टेट यूनिवर्सिटी बन गई है जिसे UGC कैटेगरी II ग्रेडेड ऑटोनॉमी मिली है। यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) ने यह दर्जा 'UGC (ग्रेडेड ऑटोनॉमी देने के लिए यूनिवर्सिटीज़ का वर्गीकरण) रेगुलेशंस, 2018' के तहत दिया है। UGC ने 29 जुलाई, 2026 को गुजरात यूनिवर्सिटी को कैटेगरी II का दर्जा दिया, जिससे यह संस्थान ज़्यादा एकेडमिक और एडमिनिस्ट्रेटिव ऑटोनॉमी का इस्तेमाल कर सकेगा। गुजरात के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, UGC कैटेगरी II ग्रेडेड ऑटोनॉमी मिलने के बाद, गुजरात यूनिवर्सिटी अब UGC की पहले से मंज़ूरी लिए बिना अपने मौजूदा एकेडमिक ढांचे के अंदर नए एकेडमिक प्रोग्राम, विभाग, स्कूल और स्पेशलाइज़्ड सेंटर शुरू कर सकेगी। इसके अलावा, यूनिवर्सिटी 'नेशनल स्किल्स क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क' (NSQF) के अनुसार इंडस्ट्री-ओरिएंटेड और रोज़गार-केंद्रित नए डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स भी शुरू कर सकेगी।
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इसके अलावा, यूनिवर्सिटी को अपनी मंज़ूरशुदा फैकल्टी संख्या के 20 प्रतिशत तक योग्य विदेशी फैकल्टी सदस्यों को कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर नियुक्त करने और मेरिट के आधार पर मंज़ूरशुदा स्टूडेंट इनटेक के 20 प्रतिशत तक इंटरनेशनल स्टूडेंट्स को दाखिला देने की अनुमति होगी। यूनिवर्सिटी ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ODL) के ज़रिए अपने एकेडमिक प्रोग्राम्स की पहुँच भी बढ़ा सकेगी।
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शिक्षा मंत्री प्रद्युमन वाजा ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर गुजरात यूनिवर्सिटी परिवार, फैकल्टी सदस्यों और स्टूडेंट्स को बधाई दी। इस उपलब्धि पर खुशी ज़ाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में गुजरात का शिक्षा क्षेत्र नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। उन्होंने कहा कि गुजरात यूनिवर्सिटी को मिली यह मान्यता राज्य में उच्च शिक्षा के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय है और यह 'विकसित गुजरात' और 'विकसित भारत @2047' के विज़न को साकार करने के लिए एक मज़बूत आधार का काम करेगी। उन्होंने कहा कि यह अहम उपलब्धि गुजरात यूनिवर्सिटी की एकेडमिक उत्कृष्टता, उच्च-गुणवत्ता वाले रिसर्च और नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 (NEP 2020) के प्रभावी कार्यान्वयन का नतीजा है।
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