अपनी विभिन्न मांगों को लेकर गुर्जरों ने एक नवंबर से फिर आंदोलन करने की घोषणा की

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गुर्जर नेता विजय बैंसला ने कहा, ‘‘एक तारीख से पीलूपुरा में आंदोलन का आगाज होगा क्योंकि सरकार पिछले दो साल से हमारी मांगें मान नहीं रही है। पिछले तीन महीने से तो हम रोज इनको कहते आ रहे हैं लेकिन इनके कान पर जूं नहीं रेंग रहीं तो हमारे पास और कोई विकल्प नहीं बचा है।’’

जयपुर। गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक नवंबर से फिर आंदोलन करने की शुक्रवार को घोषणा की। गुर्जर नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने हिंडौन में संवाददाताओं से बातचीत में समाज के लोगों से एक नवंबर को पीलूपुरा (बयाना) पहुंचने को कहा। गुर्जर नेता विजय बैंसला ने कहा, ‘‘एक तारीख से पीलूपुरा में आंदोलन का आगाज होगा क्योंकि सरकार पिछले दो साल से हमारी मांगें मान नहीं रही है। पिछले तीन महीने से तो हम रोज इनको कहते आ रहे हैं लेकिन इनके कान पर जूं नहीं रेंग रहीं तो हमारे पास और कोई विकल्प नहीं बचा है।’’ उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार गुर्जर आरक्षण को नौंवी अनुसूची में शामिल कराये, बैकलॉग भरे तथा प्रक्रियाधीन भर्ती में अति पिछड़ा वर्ग (एमबीसी) को पांच प्रतिशत आरक्षण का लाभ दे। 

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उल्लेखनीय है कि समिति ने 17 अक्टूबर को बयाना में महापंचायत की थी और उनकी आरक्षण संबंधी मागों को मानने के लिए राज्य सरकार को एक नवंबर तक का समय दिया था। इसके बाद इस बृहस्पतिवार को मंत्रिमण्डलीय समिति की बैठक हुई जिसने गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति की तीन प्रमुख मांगों पर सकारात्मक फैसला किया। इस बीच गुर्जरों के प्रस्तावित आंदोलन को लेकर करौली, अलवर, दौसा, बूंदी, सवाई माधोपुर व भरतपुर आदि जिलों में प्रशासन चौकस हो गया है। आंदोलन को लेकर जयपुर में पुलिस प्रशासन की उच्च स्तरीय बैठक हुई। सम्बद्ध जिलों में उच्च अधिकारियों के साथ अतिरिक्त जाप्ता भेजा जा रहा है।

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