Gwalior Temple Accident: 14 श्रद्धालुओं की मौत पर एक्शन, CSP हटे और 8 पुलिसकर्मी सस्पेंड

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ग्वालियर के शीतला माता मंदिर के बाहर प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसे ट्रक से 14 श्रद्धालुओं की जान जाने के मामले में मध्य प्रदेश सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नगर पुलिस अधीक्षक को पद से हटाने और तीन थाना प्रभारियों समेत आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित करने के आदेश दिए। मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये और घायलों को इलाज समेत आर्थिक सहायता दी जाएगी।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ग्वालियर में मंदिर के बाहर ट्रक की चपेट में आने से 14 श्रद्धालुओं की मौत के मामले में रविवार को ग्वालियर के नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) को हटाने और आठ अन्य पुलिसकर्मियों को निलंबित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार देर रात ग्वालियर जिले में शीतला माता मंदिर के बाहर तेज रफ्तार ट्रक ने कई श्रद्धालुओं को कुचल दिया और फिर मंदिर के प्रवेश द्वार से टकरा गया। हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि दो पुलिसकर्मियों समेत 28 अन्य घायल हो गए।

घायलों में से सात की हालत गंभीर है। उन्होंने बताया कि टक्कर के कारण मंदिर की एक दीवार ढह गई। अधिकारियों ने बताया कि चिनोर रोड पर ढलान के पास मंदिर के बाहर रात करीब डेढ़ बजे हुए इस हादसे ने मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पंजाब के पंजीकरण संख्या वाला यह ट्रक प्रतिबंधित क्षेत्र में घुस गया था। यादव ने इंदौर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह दुर्घटना ट्रक के प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने के कारण हुई।’’ मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने जिला प्रशासन को तथ्यों के आधार पर जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। यादव ने बाद में सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि सरकार ने ग्वालियर के सीएसपी को पद से हटाने और तीन थाना प्रभारियों, एक यातायात निरीक्षक, एक प्रधान आरक्षक तथा तीन आरक्षकों को निलंबित करने के आदेश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि हादसे की जिम्मेदारी तय करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘सभी नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

जन सुरक्षा के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।’’ यादव ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि हादसे में गंभीर रूप से घायल लोगों के इलाज का खर्च राज्य सरकार उठाएगी, जबकि मामूली रूप से घायल लोगों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। टक्कर के प्रभाव से मंदिर की दीवार ढह गई, जिससे कुछ लोग मलबे में दब गए।

शवों और घायलों को ग्वालियर के ट्रॉमा सेंटर सहित विभिन्न अस्पतालों में पहुंचाया गया। हादसे में जान गंवाने वालों के परिजन ट्रॉमा सेंटर के पोस्टमार्टम केंद्र के पास एकत्र हुए और घटना को लेकर नाराजगी जताई। कई लोगों ने सवाल उठाया कि भारी ट्रक ऐसे क्षेत्र में कैसे घुस गया, जहां साइकिल का निकलना भी मुश्किल है।

हादसे में जान गंवाने वाली सरला तोमर के भतीजे लोकेन्द्र सिंह तोमर ने सवाल किया कि सुरक्षा व्यवस्था होने के बावजूद ट्रक मंदिर परिसर में कैसे घुस गया। हादसे में ग्वालियर के हजीरा क्षेत्र के गड़ईपुर निवासी पवन राठौर (23) की भी मौत हो गई। उनका परिवार गमगीन माहौल में शव लेकर रवाना हुआ।

घायल श्रद्धालु निकेश के रिश्तेदार संदीप ने बताया कि परिवार को सुबह करीब पांच बजे फोन आया कि निकेश मंदिर में हादसे में घायल हो गए हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल पहुंचने पर निकेश की हालत गंभीर थी। उनके दोनों पैर टूट गए हैं और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है।

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