स्वास्थ्य मंत्री सुधाकर ने 'मोनोगैमी टेस्ट' वाली टिप्पणी पर दी सफाई, सभी सदस्यों के अवैध संबंधों की कराना चाहते थे जांच

K Sudhakar
स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर ने विधानसभा के सभी 225 सदस्यों के बारे में विवादास्पद बयाने देते हुए उनका 'मोनोगैमी टेस्ट' कराए जाने की मांग की थी।

बेंगलुरू। कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर के मोनोगैमी टेस्ट वाले बयान के बाद प्रदेश की सियासत में भूचाल आ गया। जिसके बाद उन्होंने सफाई देते हुए बयान को गलत तरीके से पेश किए जाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि अगर किसी को मेरे बयान की वजह से ठेस पहुंची हो तो इसके लिए मैं दुख जताता हूं। 

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के सुधाकर ने क्या कहा था ?

स्वास्थ्य मंत्री ने विधानसभा के सभी 225 सदस्यों के बारे में विवादास्पद बयाने देते हुए उनका 'मोनोगैमी टेस्ट' कराए जाने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस और जदएस के जो विपक्षी नेता खुद को मर्यादा पुरुष और श्रीरामचंद्र के तौर पर प्रस्तुत कर रहे हैं, मैं उन्हें एक चुनौती देना चाहता हूं, सभी 225 विधायकों की जांच होनी चाहिए। जिससे यह साबित हो जाएगा कि किसके अवैध संबंध हैं।

इस दौरान के सुधाकर ने खुद की भी जांच कराए जाने की पेशकश की। इतना ही नहीं के सुधाकर में इस टेस्ट में मंत्री, विधायक और विपक्ष के नेता सभी को शामिल करने के लिए कहा। 

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कांग्रेस ने की इस्तीफे की मांग

कांग्रेस ने बीएस येदियुरप्पा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के 6 मंत्रियों के इस्तीफे के मांग की। जिसमें स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर का नाम भी शामिल हैं। कांग्रेस द्वारा इस्तीफा मांगे जाने के बाद के सुधाकर ने यह विवादित बयान। आपको बता दें कि भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री रमेश जरकिहोली की कथित संलिप्तता वाले सेक्स स्कैंडल को लेकर लगातार विधानसभा में हंगामा जारी है। हालांकि, पूर्व मंत्री के समर्थन में मंत्रियों ने कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। जबकि कांग्रेस की मांग है कि अदालत की निगरानी में सेक्स स्कैंडल की जांच करायी जाए और जरकिहोली पर बलात्कार का मामला दर्ज किया जाए।

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