Ranchi Protest पर Hemant Soren बोले, सरकार संवेदनशील है, छात्रों की सुनती है

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने सरकार को संवेदनशील बताया है। छात्र परीक्षा रद्द करने और सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि सरकार ने पहले ही सीआईडी जांच के आदेश दिए हैं।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर रांची में चल रहे छात्रों के आंदोलन पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार उम्मीदवारों की चिंताओं को लेकर संवेदनशील है और चल रही जांच से जल्द ही सच्चाई सामने आ जाएगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब छात्र रांची के जयराम सिंह स्टेडियम में लगातार 11वें दिन भी अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं। वे परीक्षा रद्द करने और भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की CBI जांच की मांग कर रहे हैं।
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यह विवाद 19 अप्रैल को 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के आयोजन के बाद शुरू हुआ। JPSC ने 21 अप्रैल को मॉडल आंसर-की जारी की और 2 जुलाई को प्रारंभिक परीक्षा के नतीजे घोषित करने से पहले उम्मीदवारों से आपत्तियां मांगीं। नतीजे घोषित होने के तुरंत बाद, सोशल मीडिया पर गड़बड़ी के आरोप सामने आए। विरोध कर रहे उम्मीदवारों का दावा था कि कुछ सफल उम्मीदवारों की कथित OMR शीट से पता चलता है कि उन्होंने बहुत कम सवालों के जवाब दिए थे, फिर भी उन्हें क्वालिफाइड घोषित कर दिया गया।
सबसे ज़्यादा चर्चा में रहे दावों में से एक यह था कि एक उम्मीदवार ने 100 में से सिर्फ़ 48 सवालों के जवाब दिए थे, लेकिन उसे परीक्षा के अगले चरण के लिए चुन लिया गया। इन आरोपों से उम्मीदवारों में भारी आक्रोश फैल गया और उन्होंने भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए। विवाद बढ़ने के कारण, JPSC की मुख्य परीक्षा, जो मूल रूप से 25 जुलाई से 27 जुलाई के बीच होनी थी, उसे टाल दिया गया। छात्रों की मांग पर हेमंत सोरेन सरकार ने CID जांच के आदेश दिए, जो अभी चल रही है।
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छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो रांची में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। वे झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) दोनों में पूरी तरह से बदलाव की मांग कर रहे हैं। महतो ने कसम खाई है कि जब तक दोनों भर्ती एजेंसियों में कथित गड़बड़ियों को पूरी तरह से ठीक नहीं किया जाता, तब तक वे अपना अनशन खत्म नहीं करेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को चुनौती भी दी है कि वे या तो प्रदर्शन कर रहे छात्रों से व्यक्तिगत रूप से मिलें या अपने पद से इस्तीफा दे दें। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं करती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।
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