केंद्रीय विश्वविद्यालय पर भाजपा नेताओं का रवैया ठीक नहीं बोले, कांग्रेस प्रवक्ता संजय रतन

sanjay Rattan
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता पूर्व विधायक संजय रतन ने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार का रवैया उदासीन है। जिससे निर्माण कार्य लटका है। भवनों की उचित व्यवस्था के अभाव में छात्र जुगाड से पढाई कर रहे हैं। अभी तक धर्मशाला में बनने वाले प्रशासनिक भवन की जगह का चयन भी नहीं हो पाया है। छात्र देहरा व शाहपुर में बैठ रहे है।

धर्मशाला । हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के निर्माण में हो रही देरी को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुये आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार इस मामले पर जानबूझकर देरी कर रही है। जिससे न तो देहरा न ही धर्मशाला परिसर का निर्माण कार्य शुरू हो सका है। जिससे युवा पीढ़ी परेशान है।  

 

 

हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता पूर्व विधायक संजय रतन ने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार का रवैया उदासीन है।  जिससे निर्माण कार्य लटका है। भवनों की उचित व्यवस्था के अभाव में छात्र जुगाड से पढाई कर रहे हैं। अभी तक धर्मशाला में बनने वाले प्रशासनिक भवन की जगह का चयन भी नहीं हो पाया है। छात्र देहरा व शाहपुर में बैठ रहे है। देहरा में बार बार कहा जा रहा है कि जमीन ली जा चुकी है। लेकिन इसके आगे कुछ नहीं हो पा रहा है।

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उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की भाजपा सरकार कांगड़ा-चंबा संसदीय क्षेत्र के साथ अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार के दौरान कांगड़ा के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है तथा कांगड़ा के साथ धोखे पर धोखे भाजपा सरकार दे रही है। अब जब प्रदेश का नेता भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष है व प्रदेश का एक केंद्रीय मंत्री केंद्र सरकार में है उसके बाद भी प्रदेश के लिए परियोजनाएं लाने में भाजपा नामाकयाब हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि कांगड़ा के साथ भाजपा ने सी.यू. के मुद्दे को लेकर सौतेला व्यवहार किया तो कांग्रेस सरकार इसका विरोध सड़कों में उतर कर करेंगी।    

 

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उन्होंने याद दिलाया कि 2007 में केंद्रीय विश्‍वविद्यालय खोलने की घोषणा हुई थी और 2009 में विश्‍वविद्यालय अस्तित्‍व में आया था। लेकिन इतने साल बाद भी विवि को स्‍थायी कैंपस नहीं मिल पाया है।  लेकिन आज तक केंद्रीय विश्वविद्यालय का निर्माण नहीं हो पाया है। अब तो केंद्र व प्रदेश में भाजपा की सरकार है, लेकिन भाजपा अभी भी केंद्रीय विश्वविद्यालय को बनाने में असफल रही है। भाजपा नेता इस मामले में राजनीति कर रहे है।

हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय की ओर से पीएचडी अध्ययन कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए पात्रता निर्धारित करने के उद्देश्य से शोध पात्रता परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। शोध पात्रता परीक्षा 25 विषयों पर ली जाएगी। शोध पात्रता परीक्षा केवल हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय जिला कांगड़ा स्थित धर्मशाला में आयोजित की जाएगी। परीक्षा के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 13 सितंबर है। इस परीक्षा के लिए केवल ऑनलाइन आवेदन होगा। एडमिट कार्ड 22 सितंबर से डाउनलोड किया जा सकते हैं।

शोध पात्रता परीक्षा 26 सितंबर को होगी तथा शोध पात्रता परीक्षा का परिणाम 30 सितंबर को निकाला जाएगा। डाक की ओर से कोई सामग्री नहीं भेजी जाएगी। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय शोध पात्रता परीक्षा में उत्तीर्ण होने का अर्थ यह नहीं होगा कि अभ्यर्थी का पीएचडी में प्रवेश सुनिश्चित हो गया है। उत्तीर्ण अभ्यर्थी पात्रता प्रमाण पत्र जारी होने की तिथि से दो वर्ष तक प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय की पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में आवेदन के लिए पात्र होंगे।

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