हिरन मामला: महाराष्ट्र एटीएस ने पुलिसकर्मी और सट्टेबाज को किया गिरफ्तार, सचिन वाजे को बताया मुख्य आरोपी

Sachin Waze
एक अधिकारी ने कहा कि शनिवार देर रात गिरफ्तार दोनों आरोपियों की पहचान पुलिसकर्मी विनायक शिंदे और सट्टेबाज नरेश गौर के रूप में हुई है।

मुंबई। व्यवसायी मनसुख हिरन की कथित हत्या के मामले में महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने एक पुलिसकर्मी और एक सट्टेबाज को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि मुंबई पुलिस के अधिकारी सचिन वाजे ने अपराध में मुख्य भूमिका निभाई थी और वह मुख्य आरोपी के तौर पर सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि शनिवार देर रात गिरफ्तार दोनों आरोपियों की पहचान पुलिसकर्मी विनायक शिंदे और सट्टेबाज नरेश गौर के रूप में हुई है। अधिकारी ने दिन में सट्टेबाज का नाम नरेश धरे बताया था लेकिन बाद में उसका नाम नरेश गौर बताया गया। 

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उन्होंने बताया कि शिंदे 2006 के लाखन भैया फर्जी मुठभेड़ मामले का दोषी है और वह पिछले ही साल फर्लों पर जेल से रिहा हुआ था। उसके बाद से ही शिंदे वाजे के संपर्क में था। अधिकारी ने ‘‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि प्रथमदृष्टया शिंदे ने हिरन को उपनगर कांदीवली से चार मार्च को फोन किया था और स्वयं को ‘‘तावड़े साहब’’ बताया था। इसके एक दिन बाद ही हिरन का शव बरामद हुआ था। हिरन चार मार्च को ठाणे स्थित अपने आवास से निकला था और उसने अपनी पत्नी विमला को बताया था कि उसे कांदीवली में ‘‘तावड़े साहब’’ ने पूछताछ के लिए बुलाया है।

जांच के अनुसार, उस दिन रात करीब 11 बजे जब विमला और उनके बेटों ने हिरन को फोन करने की कोशिश की तो उसका फोन बंद जा रहा था। हिरन ने दावा किया था कि उसकी एसयूवी चोरी हो गई थी। यह एसयूवी 25 फरवरी को उद्योगपति मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित आवास के निकट मिली थी। इस वाहन से विस्फोटक सामग्री मिली थी। वाजे फिलहाल राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की हिरासत में है। अधिकारी ने बताया, ‘‘हिरन हत्या कांड में सचिन वाजे मुख्य आरोपी है। उसने मुख्य भूमिका निभाई है। जांच के दौरान एटीएस को पता चला कि गौर ने एपीआई वाजे और शिंदे को अपराध के लिए पांच सिमकार्ड मुहैया कराए थे। शिंदे अवैध गतिविधियों में वाजे की मदद किया करता था।’’ 

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उन्होंने कहा कि एटीएस जांच कर रही है कि क्या मामले में और लोग भी संलिप्त हैं और उनकी क्या भूमिका रही है। उन्होंने कहा, ‘‘एटीएस जांच कर रही है कि मुख्य षड्यंत्रकारी (हिरन हत्याकांड में) कौन है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘दोनों आरोपियों को मामले में पूछताछ के लिए शनिवार को एटीएस मुख्यालय बुलाया गया था, बाद में उन्हें गिरफ्तार किया गया।’’

अधिकारी ने बताया, ‘‘राज्य एटीएस ने अभी तक कई लोगों से पूछताछ की है, जिनमें पुलिस अधिकारी और मृतक के परिजन शामिल हैं। इन दो लोगों की गिरफ्तारी इस मामले में महत्वपूर्ण प्रगति है।’’ एटीएस ने हिरन हत्याकांड के संबंध में अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य मिटाने), 120 बी (आपराधिक षड्यंत्र) और 34 (साझा मंशा) के तहत मामला दर्ज किया है। इस बीच, भाजपा ने कहा कि इस पूरे खेल में वाजे सिर्फ एक मोहरा हो सकता है।

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